samacharsecretary.com

डिजिटल Bastar: Bastar के जंगलों में पहुंचेगी AI तकनीक, 10 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ

जगदलपुर.

बस्तर की शिक्षा व्यवस्था अब तकनीक के नए दौर में प्रवेश कर रही है। जिला प्रशासन ने 10 हजार छात्रों को एआई शिक्षा से जोड़ने की तैयारी की है। धरमपुरा पॉलिटेक्निक कॉलेज में तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित हुई। 15 से 17 अप्रैल तक शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स सिखाए गए। चॉक-डस्टर की जगह अब स्मार्ट शिक्षण मॉडल पर जोर दिया गया।

प्रशिक्षक नयन सोरी ने एआई को पढ़ाई से जोड़ने के तरीके बताए। गणित और विज्ञान शिक्षकों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण भी लिया। कार्यक्रम में 21वीं सदी के तकनीकी कौशलों पर विशेष फोकस रहा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण अंचल के बच्चों में तकनीकी रुचि बढ़ाने की योजना है। अब छात्र सिर्फ किताब नहीं, कोडिंग भी सीखेंगे। बस्तर का विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा।

कोंडागांव तेंदूपत्ता सीजन तैयार, 31 हजार परिवारों को मिलेगा सहारा
वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245 फड़ मुंशी मैदान में रहेंगे। वन विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। गोदाम प्रभारी और उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे। तेंदूपत्ता सीजन से हजारों परिवारों की आय में राहत आने वाली है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here