samacharsecretary.com

चुनाव से पहले बड़ा खुलासा: Ludhiana में 70% वोटर डाटा पुरानी लिस्ट से मेल, EC ने शुरू की जांच

लुधियाना.

भारत चुनाव आयोग के निर्देशों पर पंजाब में जल्द शुरू होने वाले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए वर्तमान वोटर सूची का मिलान साल 2003 की ऐतिहासिक वोटर सूची से किया जा रहा है।

शहरी इलाकों में मैपिंग की रफ्तार 65 फीसदी से कम
अब तक जिला लुधियाना के कुल 26,96,474 वोटरों में से करीब 70 प्रतिशत यानी 18,68,074 वोटरों की मैपिंग और मिलान का काम बी.एल.ओज़ द्वारा सफलतापूर्वक मुकम्मल कर लिया गया है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटरों की पहचान और पते की सत्यता को पुख्ता करना है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे। अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी पूनम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तो काम संतोषजनक है, लेकिन शहरी इलाकों में मैपिंग की रफ्तार 65 फीसदी से कम दर्ज की गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के आदेश दिए गए हैं।

12 दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रमाण पत्र करवाना होगा जमा
बी.एल.ओज़ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने बूथों पर विशेष कैंप लगाएं और घर-घर जाकर वेरिफिकेशन का काम तेजी से निपटाएं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में बी.एल.ओज़ का सहयोग करें और मांगे गए जरूरी दस्तावेज मुहैया करवाएं ताकि वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट किया जा सके। वोटरों की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने उम्र के आधार पर सात अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं। 38 साल या उससे अधिक उम्र के वे वोटर जिनका नाम 2003 की सूची में शामिल है, उन्हें किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी।

वहीं, जिन वोटरों का नाम उस समय की सूची में नहीं था या जिनकी उम्र 18 से 37 साल के बीच है, उन्हें अपनी उम्र और माता-पिता के रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा। प्रशासन का कहना है कि यह मैपिंग प्रक्रिया आने वाले चुनावों के लिए एक मजबूत नींव का काम करेगी, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस सत्यापन प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here