samacharsecretary.com

वसुंधरा राजे के पत्र की पोस्टिंग मामले में मप्र कांग्रेस आईटी सेल का सदस्य हिरासत में, हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान

जबलपुर  राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक कथित पत्र को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में मप्र कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को भोपाल की साइबर पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें निखिल, बिलाल और इनाम शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने इसे गैरकानूनी बताया है। अब यह मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है। इसे फेक पत्र बताया जा रहा है मामले पर बुधवार को सुनवाई होगी। दरअसल, बीते दिनों भाजपा की एक नेता का पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे कांग्रेस की आईटी सेल के कार्यकर्ताओं ने साझा किया था। इसे फेक पत्र बताया जा रहा है। इस मामले में तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने कहा कि पिछले 30 घंटों से अधिक समय से भोपाल की साइबर पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना किसी वाजिब कारण के हिरासत में रखा है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य और निराशा का विषय है।  

भोपाल में तीसरी एयरलाइन की कमी: देहरादून, उदयपुर और जम्मू के लिए फ्लाइट्स की बहुप्रतीक्षित शुरुआत

 भोपाल  भोपाल में नया एकीकृत टर्मिनल बनने के 15 साल बाद भी तीसरे एयरलाइंस ऑपरेटर की सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। देहरादून, उदयपुर, जम्मू एवं जयपुर तक लंबे समय से सीधी उड़ान नहीं है। पैसेंजर फ्रेंडली गोवा रूट पर हाल ही में उड़ान बंद कर दी गई है। ग्रीष्मकाल में पर्यटन की दृष्टि से लोग जिन शहरों की ओर जाते हैं वहां के लिए सीधी उड़ानें भोपाल से नहीं मिलती। हाल ही में लागू समर शेड्यूल में भोपाल को केवल नवीं मुंबई तक सीधी उड़ान मिल सकी। गोवा उड़ान बंद कर दी गई। इसके पहले उदयपुर एवं जयपुर उड़ान अचानक बंद हो गई। एयरलाइंस कंपनियों का पूरा ध्यान दिल्ली, मुंबई पर है। दिल्ली रूट पर एक साप्ताहिक उड़ान सहित सबसे अधिक सात उड़ान हैं। पैसेंजर फ्रेंडली रूट पर उड़ान नहीं ग्रीष्मकाल में लोग देहरादून, गोवा, जम्मू, जयपुर एवं उदयपुर आदि शहरों तक सीधी उड़ान नहीं है। इन शहरों को पैसेंजर फ्रेंडली रूट माना जाता है लेकिन इन शहरों तक सीधी उड़ानें लगातार नहीं चल पातीं। एक समय इंडियन एयरलाइंस ने भोपाल से देहरादून तक सीधी उड़ान शुरू की थी। इस उड़ान से गर्मी के दौरान बड़ी संख्या में लोग सफर करते थे। इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में मर्जर होने के बाद इस रूट पर कभी उड़ान शुरू ही नहीं हुई। गोवा उड़ान तीन बार प्रारंभ होकर बंद हो चुकी है। जयपुर एवं उदयपुर रूट भी आए दिन शुरू होकर बंद कर दिया जाता है। जम्मू तक सीधी उड़ान की मांग कभी पूरी नहीं हुई। स्लॉट लिया पर उड़ान शुरू नहीं तीसरे ऑपरेटर के रूप में हाल ही में एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मुंबई रूट पर उड़ान शुरू करने की स्वीकृति दी है। कंपनी ने जुलाई माह का स्लॉट भी लिया है पर बुकिंग प्रारंभ नहीं की है। पिछले समर शेड्यूल में भी कंपनी ने मुंबई एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की स्वीकृति दी पर उड़ान शुरू नहीं हुई। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि इस वर्ष उम्मीद से अधिक उड़ानें प्रारंभ होंगी। एआई एक्सप्रेस ने भी स्लॉट लिया है। जल्द ही उड़ान शुरू होगी। उन्होंने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं बंद हो चुकी उड़ानें पुन: शुरू हो जाएंगी।

रवि किशन पहुंचे महाकाल की शरण में: भस्म आरती के बाद दिव्य दर्शन, गोरखपुर के उज्जवल भविष्य की की कामना

उज्जैन  भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता एवं गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने बुधवार तड़के बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के पश्चात पहुंचे रवि किशन ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर पहुंचते ही उन्होंने नंदी हॉल में पूजा की और पारंपरिक मान्यता के अनुसार नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद चांदी द्वार से गर्भगृह की चौखट पर माथा टेककर भगवान महाकाल के दर्शन किए और जल अर्पित कर श्रद्धापूर्वक जाप करते रहे। करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहकर उन्होंने देश, प्रदेश और विशेष रूप से अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा में रवि किशन ने स्वयं को सौभाग्यशाली बताया। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के चरणों में आने का हर अवसर जीवन को धन्य बना देता है। उन्होंने ‘देवतुल्य’ जनता के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि महाकाल के आशीर्वाद से भारत निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहेगा। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से शाल और श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान भी किया गया। गोरखपुर और देश के लिए मांगी मंगल कामना दर्शन के बाद रवि किशन ने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन जीवन को धन्य बना देते हैं। उन्होंने गोरखपुर की जनता के लिए विशेष रूप से प्रार्थना की और सभी के स्वास्थ्य, समृद्धि एवं सुख-शांति की कामना की। अभिनेत्री जानकी बॉडीवाला ने भी किए दर्शन उज्जैन में ही 22 अप्रैल 2026 को फिल्म अभिनेत्री जानकी बॉडीवाला ने भी ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान यहां देश-विदेश से भक्तों का आगमन होता है। भस्म आरती में सजा महाकाल का दिव्य स्वरूप बुधवार तड़के संपन्न भस्म आरती में भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने पंचामृत से अभिषेक कर भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से अलंकरण किया। शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाओं से सुसज्जित स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भस्म अर्पण की परंपरा के साथ आरती सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। पूरे मंदिर परिसर में ‘जय महाकाल’ के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

सिंगरौली बैंक डकैती का खुलासा: नेपाल से मिले थे निर्देश, आरोपियों ने एक महीने तक की थी रेकी

सिंगरौली सिंगरौली में 17 अप्रैल को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 15 करोड़ की डकैती में नेपाल कनेक्शन सामने आया है। अब तक की पुलिस जांच में पता चला है कि नेपाल में बैठा शख्स पांचों आरोपियों को हैंडल कर रहा था। वारदात के वक्त इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क में था। आरोपियों ने सिंगरौली जिले में रहकर करीब एक महीने तक बैंक की रेकी भी की थी। हालांकि, पुलिस के अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मामले में एक आरोपी कमलेश कुमार पुलिस रिमांड पर है। मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है। तीसरा आरोपी राजेश कुमार झारखंड के गिरिडीह और चौथा आरोपी पंकज शर्मा पश्चिमी सिंहभूम जिले का रहने वाला है। पांचवें आरोपी छोटू (19) का स्थायी पता स्पष्ट नहीं हो पाया है। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं। चारों आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। कमलेश ने पुलिस पूछताछ में बताया कि करीब एक महीने पहले तीन लोगों ने जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर मोरवा थाना क्षेत्र के बड़ी मस्जिद के पास कमरा किराए से लिया था। यहां से रोज बैढ़न आते थे। सुबह से शाम तक बैंक की रेकी के बाद वापस चले जाते थे। कमलेश ने पुलिस को बताया कि फरवरी से मार्च महीने के बीच अलग-अलग समय पर तीन लोग कमरे में ठहरते रहे। प्लान के तहत डकैती डालने की तारीख 17 अप्रैल तय की। घटना में शामिल दो अन्य लोग तीन दिन पहले ही सिंगरौली पहुंचे थे। आरोपी एक-दूसरे को करीब से नहीं जानते जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी एक-दूसरे को बहुत करीब से नहीं जानते थे। उन्हें केवल इतना बताया गया था कि नेपाल में बैठा हैंडलर ही नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा है। आरोपी सिर्फ इंटरनेट कॉलिंग के जरिए ही संपर्क में रहते थे। बताया जाता है कि वारदात से पहले और उस वक्त भी हैंडलर इन पांचों के संपर्क में था। मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए कोई बातचीत नहीं होती थी। यही वजह है कि पुलिस को आरोपी कमलेश से डिटेल पता करने में कठिनाई हो रही है। सभी पेशेवर अपराधी, उम्र 18 से 22 साल जांच में पता चला है कि आरोपी अपने घरों में ज्यादा समय नहीं बिताते थे। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार वारदात को अंजाम देते रहते हैं। अगर पुलिस पकड़ लेती है, तो जेल चले जाते। छूटने के बाद फिर वारदात करने लग जाते। अगर पुलिस की गिरफ्त से बच जाते, तो दूसरे शहर या राज्य में जाकर नई वारदात की योजना बनाते हैं। यानी सभी पेशेवर अपराधी हैं। सभी आरोपियों की उम्र 18 से 22 साल है। पकड़ा गया आरोपी कमलेश भी हाल में बिहार में एक मामले में जेल से छूटकर आया था। इसके तुरंत बाद सिंगरौली में वारदात को अंजाम दे दिया। बैंक के अंदर कमलेश ही हेलमेट पहनकर घुसा था। मैनेजर बोलीं– मंजर आंखों के सामने घूम रहा बैंक मैनेजर करुणा बछर ने ऑफ कैमरा बताया कि अंदर आते ही एक बदमाश ने मेरी कनपटी से पिस्टल अड़ा दी। जब तक बदमाश बैंक के अंदर रहे, एक डकैत ने पिस्टल अड़ाकर खड़ा रहा। अलार्म का बटन दबाने का मौका नहीं मिला। वे कह रहे थे कि अलार्म का बटन किसी ने दबाया, तो गोली मार दी जाएगी। हम लोग दहशत में थे। कुछ समझ नहीं आया। आज भी वह खौफनाक मंजर आंखों के सामने घूम रहा है। डकैती के बाद बैंक में रखा सुरक्षा गार्ड 2018 में जब से बैंक खुली, तब से बैंक में गार्ड की नियुक्ति नहीं हुई थी। वारदात के बाद और दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद बैंक प्रबंधन ने निजी कंपनी का सशस्त्र गार्ड गार्ड की तैनाती की है। वारदात के चार दिन बाद भी मंगलवार को बैंक तो रोजाना की तरह खुला, लेकिन कम चहल-पहल देखी गई। बैंक परिसर के बाहर सन्नाटा रहा। वारदात के बाद बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी दहशत में हैं। मामले पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बैंक कर्मचारियों को क्लीनचिट नहीं एसपी मनीष खत्री ने बताया कि बैंक के कर्मचारियों को क्लीनचिट अभी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसकी जांच जा की जा रही है। बैंक के स्टाफ का डाटा भी निकलवा रहे हैं। यह भी प्रयास कर रहे हैं कि अगर किसी ने इस बीच में रिजाइन किया है, तो वो भी दिखवा रहे हैं।

दिल्ली को 47 रनों से मात, अभिषेक का शतक और मलिंगा का 4 विकेट का शानदार प्रदर्शन

हैदराबाद  सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मंगलवार को आईपीएल 2026 का 31वां मुकाबला खेला गया. जिसमें हैदराबाद ने 47 रनों से जीत हासिल की. ये मैच हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में हुआ जहां टॉस जीतकर दिल्ली कैपिटल्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. हैदराबाद की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए अभिषेक शर्मा की नाबाद 135 रनों की आतिशी पारी के दम पर 242 रन बनाए थे. जिसके जवाब में उतरी दिल्ली की टीम 9 विकेट खोकर 195 रन ही बना सकी।  मलिंगा ने झटके 4 विकेट 243 रनों के जवाब में उतरी दिल्ली की शुरुआत अच्छी नहीं रही और तीसरे ही ओवर में पथुम निसांका अपना विकेट गंवा बैठे. लेकिन इसके बाद नीतीश राणा और केएल राहुल के बीच कमाल की साझेदारी हुई. लेकिन 10वें ओवर में केएल राहुल अपना विकेट गंवा बैठे. राहुल ने 37 रन बनाए. इसके बाद ईशान मलिंगा ने नीतीश राणा और डेविड मिलर को बैक-टू-बैक आउट करके दिल्ली को बड़ा झटका दिया।  इसके बाद ट्रिस्टन स्टब्स ने पारी को संभालने की कोशिश जरूर की लेकिन ईशान मलिंगा ने उनका विकेट झटक लिया. ईशान मलिंगा ने 4 विकेट झटके. आखिरकार दिल्ली की टीम 195 रन ही बना सकी।  अंक तालिका में तीसरे नंबर पर पहुंची हैदराबाद इस जीत के साथ हैदराबाद की टीम ने राजस्थान रॉयल्स को पछाड़ते हुए अंक तालिका में तीसरे पायदान पर जगह बना ली है. हैदराबाद के 7 मैच में अब 8 अंक हो गए हैं. वहीं, दिल्ली की टीम 5वें नंबर पर है. पंजाब किंग्स 11 अंकों के साथ नंबर वन है।  ऐसे रही हैदराबाद की बैटिंग पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद के लिए पारी का आगाज ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा ने किया. दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में पारी की शुरुआत की. पारवरप्ले यानी 6 ओवर के बाद हैदराबाद का स्कोर 67-0 था. 9वें ओवर में अभिषेक शर्मा ने केवल 25 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ दी. लेकिन इसी ओवर में हैदराबाद को पहला झटका लगा जब हेड 37 रन बनाकर अक्षर पटेल का शिकार बने. लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा नहीं रुके. उन्होंने केवल 47 गेंदों में ही शतक जड़ दिया. अपनी शतकीय पारी के दौरान अभिषेक ने 8 चौके और 8 छक्के लगाए।  लेकिन इसके बाद भी अभिषेक नहीं रुके उन्होंने 68 गेंदों में नाबाद 135 रन बनाए. अभिषेक ने अपनी पारी में 10 चौके और 10 छक्के जड़े. जिसके दम पर हैदराबाद ने 2 विकेट खोकर 242 रन बनाए।  तूफानी सेंचुरी से अभिषेक ने की विराट की बराबरी अभिषेक शर्मा ने मंगलवार, 21 अप्रैल को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम पर टी20 बल्लेबाजी का अद्भुत नजारा पेश किया. बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपने आईपीएल करियर की दूसरी सेंचुरी लगा दी।  दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. लेकिन अभिषेक शर्मा ने सपाट पिच का भरपूर फायदा उठाया. उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों की खूब खबर ली. अभिषेक ने सिर्फ 47 गेंद पर अपना शतक पूरा कर लिया. अभिषेक ने 68 गेंद पर 135 रन की पारी खेली. अपनी पारी में उन्होंने 10 चौके और 10 ही छक्के लगाए. उनकी पारी के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 242 रन बनाए।  अभिषेक शर्मा का यह आईपीएल में यह दूसरा शतक था जिसमें उन्होंने 10 छक्के लगाए. यह दूसरा मौका था जब अभिषेक ने एक टी20 पारी में 10 या छक्के लगाए हों. सिर्फ क्रिस गेल ही ऐसे हैं जिन्होंने टी20 क्रिकेट में एक से ज्यादा बार ऐसा किया है. इसके साथ ही अभिषेक शर्मा ने विराट कोहली के भारतीय रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली. यह टी20 क्रिकेट में अभिषेक की 9वीं सेंचुरी थी. टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में अब विराट के साथ अभिषेक शर्मा पहले नंबर पर हैं. टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक क्रिस गेल ने लगाए हैं. गेल ने 22 शतक लगाए हैं. बाबर आजम ने 12 और डेविड वॉर्नर ने 10 शतक लगाए हैं. नौ शतक लगाने वालों में अभिषेक और विराट के साथ ही क्विंटन डि कॉक, राइली रूसो और साहिबजादा फरहान हैं।  अभिषेक को किस्मत का साथ भी मिला. जब वह 49 के निजी स्कोर पर थे वह रनआउट से बच गए थे जब केएल राहुल ने उन्हें रनआउट करने का मौका गंवा दिया था।  अभिषेक ने नाबाद 135 रन बनाए. यह आईपीएल में पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. क्रिस गेल ने सबसे ज्यादा नाबाद 175 रन बनाए थे. उन्होंने आरसीबी की ओर से खेलते हुए पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 2013 में 175 रन की नाबाद पारी खेली थी. इसके बाद ब्रैंडन मैकलम ने 158 नाबाद (केकेआर बनाम आरसीबी, 2008) यह आईपीएल का पहला ही मैच था।     

सेंसेक्स में गिरावट: होर्मुज संकट, क्रूड के उछाल और IT शेयरों का संकट, 755 अंक की गिरावट

मुंबई  शेयर मार्केट में जारी तूफानी तेजी पर ब्रेक लग गया है. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी इंडेक्स तेज गिरावट के साथ ओपन हुआ. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान में मचे घमासान और क्रूड ऑयल की कीमत में अचानक आए उछाल ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में फिर हलचल और खौफ बढ़ा दिया है।  भारत की बात करें, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 300 अंक की गिरावट के साथ ओपन हुआ और कुछ देर में ये 755 अंक से ज्यादा टूट गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty करीब 200 अंक की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा. इस गिरावट के बीच टेक कंपनियों के शेयर क्रैश (IT-Tech Stock Crash) नजर आए. HCT Tech Share तो खुलने के साथ ही करीब 10 फीसदी टूट गया।  खराब शुरुआत, फिर बिखरे इंडेक्स  Share Market में बुधवार को कारोबार की शुरुआत खराब रही और कुछ देर में ही गिरावट तेज हो गई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,273 की तुलना में 79,019 पर ओपन हुआ और फिर अचानक कुछ मिनटों में ही 755 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 78,518 के लेवल पर कारोबार करने लगा।   सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी की भी शुरुआत खराब रही और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,576 की तुलना में गिरावट के साथ 24,470 पर खुला. इसके बाद NSE Nifty भी तेजी से फिसलता चला गया और करीब 200 अंक की गिरावट लेकर 24,352 पर ट्रेड करता दिखा।  Tech Share खुलते ही क्रैश  शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच आईटी और टेक कंपनियों के शेयर बुरी तरह क्रैश नजर आए. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share खुलते ही 10 फीसदी के आसपास टूट गया. इसके अलावा Infosys Share (3%), Tech Mahindra Share (2.50%), TCS Share (2.10%) तक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।  बाजार क्रैश होने के बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में मची तबाही के पीछे के कारणों के बारे में, तो मिडिल ईस्ट युद्ध की टेंशन फिर हाई पर है, डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज को लेकर अड़े हुए हैं और ईरान दूसरी ओर से लगातार धमकियां दे रहा है. इसके चलते क्रूड की कीमतों में फिर से उबाल आने लगा है. इसका असर एशियाई बाजारों में उथल-पुथल के तौर पर देखने को मिला और विदेशों से मिले निगेटिव सिग्नल के चलते सेंसेक्स-निफ्टी भी बिखर गए।  ये शेयर भी धराशायी आईटी-टेक शेयरों के अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स की बात करें, तो ICICI Bank Share (2%), BEL Share (1.50%) की गिरावट में ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप में शामिल Coforge Share (2.70%), MPhasis Share (1.90%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था। 

भोपाल-रामगंजमंडी रेल प्रोजेक्ट में तेजी, 276 KM लंबी नई रेल लाइन 2027 तक होगी तैयार

भोपाल  मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच व्यापार और आवाजाही को नई रफ्तार देने वाली भोपाल-रामगंजमंडी नई रेल लाइन अब अपने मुकाम के करीब है। ₹3,035 करोड़ की लागत वाला यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट साल 2027 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा। 276 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के बन जाने से भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जैसे जिलों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। 5 जिलों की बदलेगी किस्मत यह रेल लाइन मध्य प्रदेश के भोपाल, सीहोर और राजगढ़ को राजस्थान के झालावाड़ और कोटा जिले से सीधे जोड़ेगी। प्रोजेक्ट का 187 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है। भोपाल रेल मंडल के तहत निशातपुरा डी केबिन से श्यामपुर तक का 42 किमी का काम पूरा है, वहीं कोटा मंडल ने रामगंजमंडी से राजगढ़ तक 145 किमी की पटरी बिछा दी है। अब केवल 89 किमी का पैच (ब्यावरा-सोनकच्छ-नरसिंहगढ़-कुरावर) बाकी है, जिसे 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पहाड़ों के बीच से गुजरेगी ट्रेन यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग का एक बेमिसाल नमूना है। 276 किमी के इस ट्रैक पर 4 बड़ी सुरंगें, 4 बड़े पुल, 34 मुख्य पुल और 171 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। 27 स्टेशनों वाला यह रूट न केवल यात्रियों के लिए आरामदायक होगा, बल्कि मालगाड़ियों के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगा। यह लाइन कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी, माल ढुलाई को सुव्यवस्थित करेगी और क्षेत्र में रोजगार एवं औद्योगिक विकास को गति देगी। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम समय और पैसा दोनों की होगी भारी बचत इस नई लाइन के शुरू होने से दूरी में भारी कटौती होगी: कोयला परिवहन: झालावाड़ के कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला ले जाने वाली गाड़ियों को अब 42 किमी कम दूरी तय करनी होगी। लंबी दूरी की ट्रेनें: जयपुर से दक्षिण भारत जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें अब वाया कोटा-रामगंजमंडी-भोपाल होकर जाएंगी, जिससे 115 किलोमीटर की दूरी और करीब 3 घंटे का समय बचेगा।  

भीम यूपीआई ऐप पर अब क्रेडिट स्कोर चेक कर सकेंगे यूजर्स, एनपीसीआई और सिबिल के बीच हुआ करार

नई दिल्ली   नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने  कहा कि उसकी इकाई भीम सर्विसेज और ट्रांसयूनियन सिबिल के बीच करार हुआ है। इसके बाद अब यूजर्स भीम ऐप पर अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर पाएंगे। इस एकीकरण के साथ, यूजर्स सीधे भीम ऐप पर अपना सिबिल स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट देख सकते हैं, जिससे वे प्लेटफॉर्म छोड़े बिना अपनी क्रेडिट स्थिति पर आसानी से नजर रख सकते हैं। एनपीसीआई ने बताया कि क्रेडिट डेटा तक पहुंच सहमति-आधारित मॉडल द्वारा नियंत्रित होगी, जिसके तहत जानकारी केवल यूजर्स की स्पष्ट स्वीकृति के बाद ही प्राप्त की जाएगी। यह फीचर भीम ऐप के वर्जन 4.0.19 और उससे ऊपर के वर्जनों पर उपलब्ध है।क्रेडिट स्कोर की जानकारी जोड़ने का उद्देश्य ऐप की उपयोगिता को रोजमर्रा के भुगतानों से आगे बढ़ाकर व्यापक वित्तीय जागरूकता तक फैलाना है। ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी और सीईओ भावेश जैन ने कहा, "जैसे-जैसे भारत क्रेडिट के लिए लेन-देन आधारित दृष्टिकोण से अधिक योजनाबद्ध दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है, यह उपभोक्ता जागरूकता की दिशा में हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण कदम है।" एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड की एमडी और सीईओ ललिता नटराज ने कहा कि यह सहयोग ऐप के मूल सिद्धांत, यानी सरलता और उपयोगकर्ता नियंत्रण को क्रेडिट क्षेत्र में आगे बढ़ाता है। इससे पहले मार्च में, एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड ने ऐप पर यूपीआई भुगतान के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण शुरू किया था, जिससे उपयोगकर्ता फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान का उपयोग करके 5,000 रुपए तक के लेनदेन को स्वीकृत कर सकते हैं। एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड द्वारा विकसित भारत का स्वदेशी यूपीआई भुगतान ऐप, भीम, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपयोगकर्ताओं को सेवा प्रदान करता है। ऐप में खर्च विभाजन, फैमिली मोड और खर्च विश्लेषण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में, भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) को 10 वर्ष पूरे हो गए हैं और इसकी ग्लोबल रियल टाइम लेनदेन में हिस्सेदारी 49 प्रतिशत हो गई है।

राम नगरी की ओर श्रद्धा का कारवां: मनेंद्रगढ़ से 49 श्रद्धालु अयोध्या रवाना

राम नगरी की ओर श्रद्धा का कारवां: मनेंद्रगढ़ से 49 श्रद्धालु अयोध्या रवाना मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना” के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से चयनित श्रद्धालुओं का दल आज गहरी आस्था और उत्साह के साथ अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। इस जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से आम नागरिकों को भगवान श्रीराम के पावन जन्मस्थल के दर्शन का सुअवसर मिल रहा है। जिले के नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर 57 श्रद्धालुओं की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को भेजी गई थी, जिनमें से 49 श्रद्धालु यात्रा पर निकले। मनेंद्रगढ़ से बस द्वारा अंबिकापुर पहुंचने के बाद श्रद्धालु विशेष ट्रेन के माध्यम से अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। 21 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित इस यात्रा के दौरान ठहरने, भोजन, दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं शासन और जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई हैं। यात्रा दल के साथ एक एस्कॉर्ट अधिकारी भी नियुक्त किया गया है, जो पूरी यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। भक्ति और उल्लास से गूंजा वातावरण रवाना होते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और खुशी साफ झलक रही थी। राम धुन, भजन और जयघोषों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने इस अवसर के लिए शासन के प्रति आभार जताते हुए इसे जीवन का एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया। संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम “श्री रामलला दर्शन योजना” केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि लोगों को भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करेंगे। यह पहल राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है।

चारधाम यात्रा का आरंभ हरिद्वार से ही क्यों? जानें परंपरा और धामों की खासियत

चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद हो चुका है. 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. परंपरा के अनुसार, 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ और 23 अप्रैल को भगवान बद्रीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस पावन यात्रा की शुरुआत हमेशा हरिद्वार से ही क्यों होती है? और इन चारों धामों का धार्मिक महत्व क्या है? आइए, विस्तार से जानते हैं. हरिद्वार से ही क्यों शुरू होती है चारधाम यात्रा? हिंदू धर्म में हरिद्वार को देवताओं का द्वार कहा जाता है. मान्यता है कि यहीं से देवभूमि उत्तराखंड के पवित्र तीर्थों की यात्रा का प्रवेश द्वार शुरू होता है. यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा है और यहां स्नान करने से व्यक्ति अपने पापों से मुक्त हो जाता है. इसलिए श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले हरिद्वार में गंगा स्नान कर आत्मशुद्धि करते हैं. धार्मिक मान्यता यह भी है कि बिना हरिद्वार से यात्रा शुरू किए चारधाम यात्रा अधूरी मानी जाती है. यही कारण है कि सदियों से यह परंपरा चली आ रही है. गंगोत्री धाम की कथा गंगोत्री धाम को मां गंगा का उद्गम स्थल माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए कठोर तपस्या की थी. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुईं. माना जाता है कि गंगा का वास्तविक उद्गम गौमुख ग्लेशियर से होता है, लेकिन गंगोत्री धाम में ही मां गंगा की पूजा की जाती है. यमुनोत्री धाम की कथा यमुनोत्री धाम को मां यमुना का उद्गम स्थल माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यमुना सूर्य देव और संज्ञा की पुत्री हैं और यमराज की बहन हैं. कहा जाता है कि यमुनोत्री में स्नान करने से मृत्यु का भय समाप्त होता है और व्यक्ति को अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है. केदारनाथ धाम की कथा केदारनाथ धाम भगवान भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए शिव की शरण में गए. भगवान शिव उनसे नाराज होकर बैल का रूप धारण कर यहां छिप गए. बाद में जब पांडवों ने उन्हें पहचान लिया, तो शिव जी ने उन्हें दर्शन दिए और यहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हो गए. बद्रीनाथ धाम की कथा बद्रीनाथ धाम भगवान भगवान विष्णु को समर्पित है. मान्यता है कि भगवान विष्णु यहां तपस्या कर रहे थे, तब माता लक्ष्मी ने उन्हें ठंड से बचाने के लिए बद्री (जंगली बेर) के वृक्ष का रूप धारण कर लिया. इसी कारण इस स्थान का नाम बद्रीनाथ पड़ा. यह भी माना जाता है कि यहां दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. क्यों खास मानी जाती है चारधाम यात्रा? चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग मानी जाती है. गंगोत्री (जल) यमुनोत्री (शक्ति) केदारनाथ (शिव) और बद्रीनाथ (विष्णु) ये चारों धाम जीवन के चार महत्वपूर्ण तत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु इस कठिन लेकिन पवित्र यात्रा पर निकलते हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं.