samacharsecretary.com

टेस्ट क्रिकेट में सचिन के सबसे बड़े रिकॉर्ड पर मंडरा रहा खतरा, जो रूट सिर्फ 1979 रन दूर

नई दिल्ली टेस्ट क्रिकेट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अब खतरे में नजर आने लगा है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट जिस अंदाज में रन बना रहे हैं, उसे देखकर पूरी क्रिकेट दुनिया में एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या वो पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ देंगे? इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट  टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं. उनके नाम पर 163 टेस्ट मैचों में 13943 रन दर्ज हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर 200 टेस्ट मैचों में 15921 रनों के साथ अब भी नंबर-1 पर काबिज हैं. यानी रूट अब सचिन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ 1979 रन दूर हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले जब जो रूट से इस रिकॉर्ड के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी. आमतौर पर इस सवाल से बचने वाले रूट ने इस बार सचिन की जमकर तारीफ की और कहा कि उनके साथ तुलना होना भी अपने आप में बड़ी बात है. 'उनका प्रदर्शन अविश्वसनीय…' जो रूट ने कहा, 'उन्होंने टेस्ट डेब्यू मेरे जन्म से पहले किया था और मेरे टेस्ट डेब्यू तक खेलते रहे. उनका लंबा करियर और लगातार शानदार प्रदर्शन अविश्वसनीय है. सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही नहीं, उन्होंने वनडे में भी 49 शतक लगाए.' जो रूट ने यह भी स्वीकार किया कि इतने लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन बनाए रखना आसान नहीं होता. उन्होंने कहा कि वह आज भी अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने और नई चीजें जोड़ने की कोशिश करते रहते हैं. जो रूट कहते हैं, 'मैं हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं. मैं चाहता हूं कि मैच के दौरान तकनीकी चीजों के बारे में सोचने की जरूरत ही ना पड़े और मैं सिर्फ खेल पर फोकस कर सकूं.' साल 2020 के बाद से जो रूट टेस्ट क्रिकेट में अलग ही स्तर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. उन्होंने लगातार बड़े स्कोर बनाए हैं. वो विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे फैब-4 बल्लेबाजों से टेस्ट क्रिकेट में काफी आगे निकल चुके हैं.

जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार  होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’ स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए  बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर   छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।    मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।  फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।  इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक … Read more

‘मैदान कप’ से चमकेगा Bastar, Sachin Tendulkar के साथ खेलेंगे हजारों बच्चे

जगदलपुर. बदलते बस्तर में आज भारत रत्न और क्रिकेट जगत के महानायक सचिन तेंदुलकर का आगमन हुआ है। पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का बस्तर पहुंचना सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि उस परिवर्तन की तस्वीर है, जहां डर की जगह अब सपनों ने ले ली है। सचिन यहां बच्चों के खेल भविष्य को संवारने के मिशन के साथ पहुंचे हैं। सचिन के साथ उनकी बहु सानिया चंदोक, बेटी सारा तेंदुलकर एवं सचिन फाउंडेशन के 5 सदस्य भी पहुंचे हैं। कभी नक्सलवाद की दहशत से पहचान बनाने वाला बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जिस धरती पर कभी गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां अब खेल और विकास की आवाज बुलंद हो रही है। मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन तेंदुलकर ने बताया कि बस्तर में 50 स्कूल मैदानों को विकसित किया जाएगा, जहां बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। सचिन ने बताया, ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता के जरिए हजारों बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा। इस पहल को मानदेशी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है। करीब 5 हजार से ज्यादा बच्चों को इस अभियान से सीधा लाभ मिलेगा। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए बस्तर के युवाओं को नई पहचान की तैयारी है। बच्चों के बल्ले पर दिया ऑटोग्राफ इस दौरान स्थानीय क्रिकेट प्रेमी बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने सचिन का स्वागत किया। सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के बल्ले पर ऑटोग्राफ भी दिया, जिसे पाकर मासूम चेहरों पर खुशी झलक उठी। यह पल बच्चों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा बन गया। जो बस्तर कभी हिंसा की खबरों में रहता था, आज वही बस्तर खेल प्रतिभाओं की नई राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है। सचिन तेंदुलकर का यह दौरा साफ संदेश है कि अब बस्तर बंदूक नहीं, बल्ले और मेडल से पहचाना जाएगा। युवा क्रिकेटर द्रोण ने कहा – सचिन से मिलकर बहुत खुश हैं युवा क्रिकेटर द्रोण वर्मा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर से मिलना उनके लिए बेहद खास पल रहा। सचिन ने उनके बैट पर ऑटोग्राफ देते हुए “Best Wishes” लिखा और आगे भी अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया। द्रोण ने कहा कि वह काफी देर से उनका इंतजार कर रहे थे और मुलाकात के बाद बहुत खुश हैं। बच्चों ने भी सचिन तेंदुलकर को बस्तर मॉडर्न आर्ट भेंट कर सम्मान किया। फाउंडेशन के कार्यों का जायजा लेने आए हैं सचिन : एसपी बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर अपने फाउंडेशन के कार्यों का जायजा लेने बस्तर पहुंचे हैं। दौरे के दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि सचिन अपने निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापस लौटने की योजना है।

जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।   मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है। फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें। इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के  नारों से गूंज उठा।  इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी  फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया।   इस अवसर पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। … Read more

बस्तर में क्रिकेट का जश्न: Sachin Tendulkar आज बच्चों संग मैदान में उतरेंगे

रायपुर. क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Cricketer Sachin Tendulkar) 22 अप्रैल को सपरिवार दंतेवाड़ा (Dantewada) पहुंच रहे हैं. यह उनका पहला बस्तर विजिट है. यहां वे बल्ला थामकर बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे. सारी कवायद इसलिए ताकि नक्सलमुक्त बस्तर (Bastar) को अब खेलकूद जैसी गतिविधियों से विकास को उस मुकाम तक पहुंचाया जाए, जिससे यह वैश्विक पटल पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर सके. उल्लेखनीय है कि बस्तर अब नक्सल मुक्त हो चुका है और बस्तर में हर क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है. इसी क्रम में बस्तर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की कवायद की जा रही है. तेंदुलकर छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा समेत अन्य गांवों में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. उनकी संस्था खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने कई कार्यक्रम चला रही है. मानदेशी फाउंडेशन मैदान विकसित करने के साथ शिक्षकों को कोचिंग भी दे रहा है. इस मौके पर तेंदुलकर पनेड़ा में स्टेडियम का उ‌द्घाटन भी करेंगे. 15 शिक्षकों को संस्था अब तक दे चुकी ट्रेनिंग क्रिकेटर तेंदुलकर दंतेवाड़ा में खेल माहौल को नई ऊंचाई देने पहुंच रहे हैं. इससे स्थानीय बच्चों में खेल प्रतिभाएं और विकसित होंगे. मानदेशी फाउंडेशन सालभर से जिले की अलग-अलग संस्थाओं में खेल मैदान तैयार कर रहा है. महाराष्ट्र की यह संस्था करीब 15 से ज्यादा शिक्षकों को मुंबई में कोचिंग भी दे चुकी है. मानदेशी फाउंडेशन खेल मैदानों को सीमित जगह होने के बावजूद इस तरह तैयार करती है, जहां विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित हो सकती हैं. दंतेवाड़ा के 25 स्कूल और आश्रमों में खेल गतिविधि संस्था की ओर से गीदम ब्लॉक के 15 स्कूल-आश्रम और पोटाकेबिन में खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं. इनमें छिंदनार, कासोली, पोटाकेबिन कासोली, माध्यमिक शाला कोरलापाल, पोटाकेबिन हितामेटा, गुमड़ा, कारली, बांगापाल, प्राथमिक शाला गुमड़ा, झामूपारा कारली, माध्यमिक शाला झोड़ियाबाड़म, प्राथमिक शाला बुधपदर कासोली, जपोड़ी, गुमरगुंडा, उच्च प्राथमिक शाला माधोपारा हारम और बालक आश्रम छोटे तुमनार शामिल हैं. स्कूल के मैदानों को बचाने के लिए चलाया अभियान सचिन तेंदुलकर के फाउंडेशन द्वारा खेल गतिविधियां जारी रखने प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूलों में मुख्य रूप से खेल मैदान डेवलप करवाया जा रहा है. छोटी सी जगह में भी सभी खेल के मैदान कैसे बनते हैं, इसका प्रशिक्षण भी शिक्षकों को दिया गया है.

बस्तर में क्रिकेट का जश्न: 22 अप्रैल को पहुंचेंगे Sachin Tendulkar, बच्चों संग बिताएंगे खास पल

रायपुर. क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर जल्द ही सपरिवार छत्तीसगढ़ आने वाले हैं. वह 22 अप्रैल को दंतेवाड़ा के प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान वह अबूझमाढ़ से सटे इंद्रावती नदी के तटीय इलाके में बसे ग्राम छिंदनार में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. सचिन बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते भी नजर आएंगे. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहेंगे. तेंदुलकर फाउंडेशन ने छिंदनार में ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने और बच्चों को खेल के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा में तब प्रयास प्रारंभ किया था, जब यहां नक्सली समस्या गंभीर थी. अब जब बस्तर के नक्सल मुक्त होने की घोषणा हो चुकी है तो स्वयं सचिन सपरिवार दंतेवाड़ा पहुंचेंगे और स्थानीय बच्चों से संवाद भी करेंगे. बता दें कि हाल ही में सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की टीम हाल ही में दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आई थी. इस दौरान उन्होंने जन स्वास्थ्य सहयोग (गनियारी) संस्था का दौरा किया. पहले दिन मुंगेली स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के सुदूर वनांचल ग्राम बम्हनी में पहुंचकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली. डॉ. अंजली तेंदुलकर और सारा तेंदुलकर ने दौरे के दूसरे दिन बिलासपुर में गनियारी जन स्वास्थ्य केंद्र का भी दौरा किया. इस दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत कर उन्होंने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझा. उन्होंने यहां भी फुलवारी केंद्र और बालवाड़ी पहुंचकर आदिवासी बच्चों से मुलाकात की थी. साथ ही बच्चों के रहन-सहन, खान-पान और वन क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को लेकर स्थानीय समिति के सदस्यों से विस्तृत चर्चा भी की थी.

कोहली ने लिखा नया इतिहास – सचिन का रिकॉर्ड अब बीते ज़माने की बात!

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का बल्ला आखिरकार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में चला। पहला दो वनडे में विराट खाता भी नहीं खोल पाए थे। सिडनी वनडे में पहला रन बनाने के बाद उनके चहरे पर खुशी देखने वाली थी। पहला रन लेते ही उन्होंने अपनी नर्वस को सेटल किया और फिर चेज मास्टर का असली रूप दिखाया। ऑस्ट्रेलिया द्वारा मिले 237 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 74 रनों की नाबाद पारी खेली, इस दौरान उन्होंने रोहित शर्मा के साथ शतकीय साझेदारी भी की, जिन्होंने नाबाद 121 रन बनाए। विराट कोहली ने अपनी इस पारी के दम पर इतिहास रच दिया है, वह लिमिटेड ओवर में सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। लिमिटेड ओवर क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने सिर्फ एक टी20 मैच खेला था, जिसमें उन्होंने 10 रन बनाए थे। वहीं वनडे क्रिकेट में उनके नाम सबसे अधिक 18426 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह कहना मुश्किल है कि वनडे में विराट कोहली सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे या नहीं, मगर उन्होंने वनडे और टी20 मिलाकर लिमिटेड ओवर क्रिकेट में उन्हें जरूर पछाड़ दिया है। विराट कोहली के नाम वनडे क्रिकेट में 14255 रन है, जो इस फॉर्मेट में दुनिया के किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए दूसरे सबसे अधिक रन है। वहीं टी20 में उनके नाम 4188 रन दर्ज है। वह सबसे छोटे फॉर्मेट में भी सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में तीसरे पायदान पर हैं। लिमिटेड ओवरों में सबसे ज्यादा रन (वनडे+T20I) 18443 – विराट कोहली* 18436 – सचिन तेंदुलकर 15616 – के. संगकारा 15601 – रोहित शर्मा* 14143 – एम. ​​जयवर्धने 14105 – रिकी पोंटिंग भारत 9 विकेट से जीता रोहित शर्मा और विराट कोहली की शानदार बैटिंग के दम पर सीरीज में लाज बचाने में कामयाब रहा। पहले दो मैच हारकर टीम इंडिया पर सूपड़ा साफ होने का खतरा मंडरा रहा था, मगर आखिरी मुकाबले को भारत ने 9 विकेट से जीता। भारत की अगली वनडे सीरीज साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर है।