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38 प्रकार के पदों के लिए जारी हुआ विस्तृत भर्ती विज्ञापन

ऑनलाइन आवेदन 6 नवंबर से, अंतिम तिथि 26 नवंबर 2026 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ की तीनों कंपनियों में बड़े पैमाने पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 38 प्रकार के पदों पर कुल 1,501 रिक्तियों के लिए विस्तृत भर्ती विज्ञापन 5 नवंबर 2026 को जारी कर पावर कंपनी की वेबसाइट "https://cspc.co.in" (https://cspc.co.in) पर अपलोड किया गया है। इनमें द्वितीय श्रेणी के 195 तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 1,306 पद शामिल हैं। सबसे अधिक पद कनिष्ठ अभियंता एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर के हैं। कनिष्ठ अभियंता इलेक्ट्रिकल के 167 पद हैं, जिनमें जनरेशन कंपनी के 11, ट्रांसमिशन कंपनी के 32 और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 124 पद शामिल हैं। इसी तरह डाटा एंट्री ऑपरेटर के 609 पद तीनों कंपनियों के क्रमशः 95, 64 और 450 पद हैं। यह भर्ती छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के लिए की जाएगी। इसके लिए पूर्व में 7 अगस्त 2026 को जारी लघु विज्ञापन तथा 14 सितंबर 2026 को जारी संशोधन के तारतम्य में विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया है। जारी विज्ञापन के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 को शाम 8 बजे से प्रारंभ होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 26 नवंबर 2026 की रात 11.55 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क भी इसी तिथि और समय तक नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड अथवा यूपीआई के माध्यम से जमा किया जा सकेगा। विज्ञापन के अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी ही आवेदन करने के पात्र होंगे। प्रत्येक पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा एवं अन्य पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी गई है। तीनों कंपनियों के साझा पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन में कंपनियों की प्राथमिकता का क्रम देना होगा। अंतिम चयन की मेरिट, अभ्यर्थी की प्राथमिकता तथा कंपनीवार रिक्तियों की उपलब्धता के आधार पर कंपनी आवंटित की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें तथा आवेदन करने से पहले पावर कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत भर्ती विज्ञापन एवं निर्देशों का अवलोकन अवश्य करें। भर्ती में तकनीकी पदों के अंतर्गत सहायक अभियंता के मैकेनिकल (26), इलेक्ट्रिकल (92), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन (10), कंप्यूटर साइंस (2), सूचना प्रौद्योगिकी (2) तथा सिविल (20) के पद शामिल हैं। इसके अलावा फायर ऑफिसर (1), सुरक्षा अधिकारी (3), शिफ्ट केमिस्ट (6), प्रोग्रामर (3), कनिष्ठ अभियंता मैकेनिकल (12), इलेक्ट्रिकल (167), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन (9), कंप्यूटर साइंस (1), सूचना प्रौद्योगिकी (1) तथा सिविल (26) के पद हैं। अन्य पदों में सब फायर ऑफिसर (6), सुरक्षा निरीक्षक (10), सुरक्षा उप निरीक्षक (19), अटेंडेंट (प्लांट) ग्रेड-III के अंतर्गत फिटर (84), टर्नर (36), इलेक्ट्रीशियन (90), इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक (45) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स (45), फायर अटेंडेंट ग्रेड-II (45), डाटा एंट्री ऑपरेटर (609), लेखा अधिकारी/सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) (15), चिकित्सा अधिकारी (15), सहायक विधि अधिकारी (8), सहायक औद्योगिक संबंध अधिकारी (8), स्टेनोग्राफर ग्रेड-III अंग्रेजी (12) एवं हिंदी (13), सहायक लैब तकनीशियन (6), सहायक फार्मासिस्ट (25), सहायक स्टाफ नर्स (18), सहायक रेडियोग्राफर (3), सहायक ड्रेसर (5) तथा सहायक ईसीजी तकनीशियन (3) के पद शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

जशपुर के गांव-गांव तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा, बच्चों, युवाओं और महिलाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और बेसिक आईटी का दिया जाएगा प्रशिक्षण, 12 से 60 वर्ष तक के नागरिक होंगे लाभान्वित डिजिटल तकनीक का ज्ञान ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और नए अवसरों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर प्रवास के दौरान विश्राम गृह परिसर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा इंडस टावर्स के सहयोग से संचालित यह पहल जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार करेगी। इसके माध्यम से ग्रामीण बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं अन्य नागरिकों को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़कर उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में डिजिटल साक्षरता केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसरों का आधार बन चुकी है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के साथ उनके कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री साय ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन का अवलोकन कर उसमें उपलब्ध आधुनिक डिजिटल सुविधाओं एवं प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वैन में स्थापित डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते हुए ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस कॉल में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर्स के इस संयुक्त प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कदम बताया। जशपुर के गांवों में एक महीने का मिलेगा निःशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन जशपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों में पहुंचकर 12 से 60 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा एवं कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसके अंतर्गत एक महीने का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिसमें डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और बेसिक आईटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को कंप्यूटर एवं डिजिटल उपकरणों के उपयोग, इंटरनेट की बुनियादी जानकारी तथा डिजिटल तकनीक के सुरक्षित एवं प्रभावी इस्तेमाल के संबंध में व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने, तकनीकी कौशल विकसित करने और डिजिटल विभाजन को कम करने में सहायता मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन एक चलते-फिरते प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ शहरी केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। विशेष रूप से ग्रामीण बच्चों, युवाओं और महिलाओं को अपने आसपास ही आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर एनआईआईटी फाउंडेशन के नेशनल हेड पूर्णेन्दु हुड्डा, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जितेंद्र राठौर, इंडस टावर्स के प्रतिनिधि रजनीश सहित एनआईआईटी फाउंडेशन की जशपुर टीम के सदस्य भी उपस्थित थे।  

युवाओं को राष्ट्रसेवा के साथ सैन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के मिलेंगे नए अवसर : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल का दूरदर्शी निर्णय, अग्निवीरों के अनुभव और कौशल का राष्ट्रहित में होगा बेहतर उपयोग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अग्निवीरों के लिए दो वर्ष के अतिरिक्त ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को स्वीकृति दिए जाने के निर्णय का हार्दिक स्वागत करते हुए इसे अभिनंदनीय एवं दूरदर्शी पहल बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से अग्निवीरों को चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा पूरी करने के बाद दो वर्ष तक और राष्ट्र की सेवा करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने वाले इच्छुक अग्निवीर नियमित सैन्य सेवा में भी शामिल हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय अग्निवीरों के अनुभव, कौशल और सामर्थ्य का राष्ट्रहित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ ही युवाओं को सैन्य सेवा में आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान करेगा। इससे देश की रक्षा व्यवस्था को भी अनुभवी एवं प्रशिक्षित युवाओं की क्षमताओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित युवाओं के मनोबल को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।  

मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में खनन एवं कोयला क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में प्रदेश के खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर खनिज संसाधनों का समुचित, वैज्ञानिक और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि खनिज संपदा का लाभ केवल औद्योगिक विकास तक सीमित न रहे, बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों, विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों और जनजातीय समुदायों तक पहुंचे। खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, निवेश, रोजगार सृजन और समावेशी विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय आज अपने निवास कार्यालय रायपुर में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में आयोजित खनन एवं कोयला क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रदेश में खनिज अन्वेषण, खनिज ब्लॉकों की नीलामी, कोयला उत्पादन, क्रिटिकल एवं रणनीतिक खनिजों के विकास, जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि के उपयोग तथा खनन गतिविधियों में आधुनिक तकनीक के समावेश सहित विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम है। देश की बढ़ती औद्योगिक और आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप खनिज संसाधनों का अन्वेषण और उपयोग किया जाना आवश्यक है। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार के अवसरों और प्रभावित समुदायों के हितों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब खनिज संपदा से प्राप्त आर्थिक लाभ प्रभावित व्यक्ति तक पहुंचे।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खनिज प्रशासन में पारदर्शिता, तकनीक के अधिकतम उपयोग और खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। खनिज ऑनलाइन 2.0, डिजिटल निगरानी व्यवस्था और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खनन गतिविधियों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जनजातीय समुदायों को टिन अयस्क का बेहतर मूल्य दिलाने और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए TIN पोर्टल जैसी पहल प्रारंभ की गई है। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश की खनिज संपदा स्थानीय समुदायों की आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका के नए अवसरों का आधार बने। छत्तीसगढ़ सरकार के नवाचारों और खनन क्षेत्र में तकनीकी सुधारों की केंद्रीय मंत्री  रेड्डी ने की सराहना केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों, राजस्व वृद्धि और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही है और वे देश में जहां भी जाते हैं, राज्य सरकार के अच्छे कार्यों और प्रयासों की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विशेष रूप से खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल, ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग, खनन गतिविधियों की स्टार रेटिंग और डिजिटल निगरानी व्यवस्था की उन्होंने प्रशंसा की। केंद्रीय मंत्री ने खनिज राजस्व बढ़ाने और खनन क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहनीय बताया। उन्होंने बस्तर के जनजातीय समुदायों से टिन अयस्क की पारदर्शी खरीदी और बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए विकसित TIN पोर्टल की भी विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने और तकनीक के माध्यम से व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इन प्रगतिशील पहलों को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए डीएमएफ राशि का अधिकतम उपयोग करें : केंद्रीय मंत्री  रेड्डी  केंद्रीय मंत्री  जी. किशन रेड्डी ने बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों और उनके निकटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना डीएमएफ का प्रमुख उद्देश्य है। इस राशि का अधिकतम उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आजीविका, अधोसंरचना और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए किया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री  रेड्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे जिलों को डीएमएफ राशि के उपयोग के संबंध में नियमों के अंतर्गत विशेष शिथिलता प्रदान की गई है। संबंधित जिलों में इस प्रावधान का नियमानुसार अधिकतम लाभ उठाया जाए, ताकि स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि खनन से प्राप्त संसाधनों का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और वहां के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया जाना चाहिए। नए खनिजों की खोज के लिए अन्वेषण गतिविधियां बढ़ाने और केंद्रीय बजट के अधिकतम उपयोग पर जोर  केंद्रीय मंत्री  रेड्डी ने प्रदेश में नए खनिज भंडारों की खोज और अन्वेषण गतिविधियों को तेज करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि देश की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परंपरागत खनिजों के साथ-साथ क्रिटिकल एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे बजट और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खनिज अन्वेषण में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करते हुए संभावित खनिज क्षेत्रों की पहचान और उनके विकास की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। खनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद उन्हें शीघ्र संचालन में लाने के लिए आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं में भी तेजी लाई जाए। खनन समाप्त होने के बाद खदानों का वैज्ञानिक ढंग से समापन सुनिश्चित हो केंद्रीय मंत्री  रेड्डी ने माइन क्लोजर गतिविधियों को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में खनन कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका समापन निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप किया जाए। खनन समाप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र का किस प्रकार बेहतर और उपयोगी पुनः उपयोग किया … Read more

श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से साकार हुआ छत्तीसगढ़ राज्य का सपना : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गौरव का अवसर है।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ। पृथक राज्य के गठन से प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को नई पहचान मिली तथा विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धेय अटल जी के समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव अनेक मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला राज्योत्सव है, जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प और डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का अविस्मरणीय योगदान है, जिसे प्रदेश सदैव कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के हर गांव में खुशहाली लाना, प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों और जनशक्ति के सामर्थ्य के साथ छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस का यह पावन अवसर अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें तथा इसे साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

स्वर्गीय लरंग साय जी का जीवन जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय  लरंग साय जी की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़ 65 लाख की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें ₹156 करोड़ 68 लाख के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹45 करोड़ 97 लाख के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी जनसेवा के प्रति समर्पित ऐसे जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, वंचितों, जनजातीय समाज और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया। अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सदैव जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। जनजातीय समाज के अधिकारों, सम्मान और विकास के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को समाजसेवा, समर्पण और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय लरंग साय जी के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने, तभी से उन्हें काका लरंग साय जी के निकट संपर्क में आने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि सांसद के रूप में दिल्ली में रहने के दौरान काका जी अक्सर उनके निवास पर आया करते थे और कई बार वहीं ठहरते थे। उन्होंने काका जी से कहा था कि जब भी वे दिल्ली आएँ, उनके लिए निवास पर एक कमरा हमेशा आरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ भी स्वर्गीय लरंग साय जी के अत्यंत आत्मीय संबंध थे। अटल जी उनका विशेष सम्मान करते थे। काका जी का सहज स्वभाव, सरल जीवन और जनता के प्रति समर्पण उनकी विशिष्ट पहचान थी। सार्वजनिक जीवन में उनके आदर्श हम सभी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने शंकरगढ़ स्थित बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के जर्जर भवन के स्थान पर नवीन विद्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही चांदो में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक बड़े सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय लरंग साय जी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए उनकी प्रतिमा स्थल के समीप भव्य स्मृति द्वार के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह स्मृति द्वार जनसेवा के प्रति उनके समर्पण और क्षेत्र के विकास में दिए गए योगदान का प्रतीक बनेगा। बलरामपुर जिले में विकास कार्यों को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बलरामपुर जिले को एक साथ बड़ी संख्या में विकास कार्यों की सौगात मिलना क्षेत्र की प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए कार्यों के भूमिपूजन से निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी, वहीं पूर्ण हो चुके कार्यों से आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। सड़क, अधोसंरचना और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। हमारा संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गाँव और अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे तथा हर नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। गरीबों और विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से माँगे गए 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवासों को भी स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना हमारी सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। प्रदेश में पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों की आबादी लगभग 3 लाख 20 हजार है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत इन समुदायों के लिए लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही बिजली, पेयजल, राशन कार्ड और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों की सुविधा के लिए खुलेंगे 360 नए केंद्र मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। आगामी 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी प्रारंभ होगी। इस वर्ष भी किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 360 नए धान खरीदी केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम होगी और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ तथा लंबी कतारों से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि धान बेचने में किसी भी अन्नदाता को परेशानी न हो। वनांचल के परिवारों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वनांचलों में निवासरत परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बस्तर और सरगुजा संभाग में लगभग 13 लाख परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हैं। इन परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा की गई है। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना भी पुनः प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साढ़े पाँच लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों … Read more

पंडवानी को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाली पद्म विभूषण तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार

रायपुर   छत्तीसगढ़ लोककला और संस्कृति की समृद्ध धरती है। हमारी लोककलाएं हमारे इतिहास, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। इन्हें सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार लोककलाओं के संरक्षण-संवर्धन के साथ कलाकारों को प्रोत्साहन और व्यापक मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने प्रदेशभर से आए लोक कलाकारों का अभिनंदन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी ने अनेक महान कलाकार दिए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और साधना से प्रदेश की लोकसंस्कृति को देश-दुनिया में प्रतिष्ठित किया है। मुख्यमंत्री  साय ने पंडवानी की महान लोक कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्वितीय कला-साधना से छत्तीसगढ़ की पंडवानी को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। पंडवानी एक अनूठी लोकविधा है, जिसमें कलाकार महाभारत की कथा और उसके विभिन्न पात्रों को अपने गायन, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से जीवंत कर देता है। तीजन बाई ने इस अद्भुत लोकविधा को दुनिया के अनेक मंचों तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजन बाई की स्मृतियों और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार महत्वपूर्ण पहल कर रही है। उनके गृह ग्राम गनियारी को कला ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा तथा वहां के हाईस्कूल का नामकरण तीजन बाई के नाम पर करने की पहल की जाएगी। उन्होंने बताया कि तीजन बाई के नाम पर लोककला अलंकरण इसी वर्ष से राज्योत्सव के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। यह अलंकरण उनकी अनुपम कला-साधना के प्रति सम्मान के साथ प्रदेश के लोक कलाकारों को अपनी परंपरागत कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री  साय ने ज्ञानश्रोत कला मंच के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी संस्था का लगातार 46 वर्षों तक लोककला और संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इस मंच ने छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को जीवंत रखने, कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने पद्म डॉ. उषा बारले एवं ज्ञानश्रोत लोककला मंच से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के कलाकारों और फिल्म जगत को भी नई संभावनाओं से जोड़ रही है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा और स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ फिल्म विकास बोर्ड का गठन किया गया है। नवा रायपुर में फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ी सिनेमा के साथ अन्य फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के कलाकारों तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं रचनात्मक अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने आयोजकों की मांग पर पंडवानी महासम्मेलन में शामिल 70 दलों को 25-25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। इनमें पंडवानी कलाकारों के साथ चार पंथी एवं तीन आदिवासी नृत्य दल भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की शिक्षा और अधोसंरचना से जुड़ी मांगों को पूरा करते हुए मिडिल स्कूल बानबरद को हाईस्कूल में उन्नयन करने तथा अहिवारा रेलवे क्रॉसिंग से अटल परिसर तक बीटी रोड निर्माण की भी घोषणा की। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे बढ़ाने में यहां के कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पंडवानी, पंथी, भरथरी, ददरिया और सुवा जैसी लोकविधाएं हमारे जीवन और सामाजिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं। ये केवल गीत और नृत्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा हैं। उन्होंने कलाकारों से इस महासम्मेलन की परंपरा को आगे भी इसी उत्साह के साथ जीवंत बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम को विधायक  रिकेश सेन ने भी संबोधित किया। पद्म डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कलाकारों से जुड़ी विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। इस अवसर पर विधायक दुर्ग ग्रामीण  ललित चंद्राकर, विधायक साजा  ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोक कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक रायमुनी भगत का जाना कुशलक्षेम : शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

रायपुर  19 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहीं जशपुर विधायक मती रायमुनी भगत से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने प्रभु राम से मती रायमुनि भगत के शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते हुए कामना की कि वे जल्द स्वस्थ होकर नई ऊर्जा और समर्पण के साथ पुनः जनसेवा में सक्रिय हों।

नुआखाई हमारी कृषि संस्कृति, अन्नदाता के परिश्रम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व : मुख्यमंत्री

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के केंद्र में हमारे अन्नदाता हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि सुशासन और जनसेवा के माध्यम से विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और छत्तीसगढ़ का प्रत्येक परिवार प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बने। मुख्यमंत्री  साय ने आज रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय का समाजजनों ने पारंपरिक गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने माँ रणेश्वरी रामचण्डी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए तथा नगर पंचायत पुसौर में कोलता समाज के मंगल भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की। नुआखाई अन्नदाता के परिश्रम और नई फसल की खुशियों का पर्व मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कोलता समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह नई फसल के स्वागत, अन्नदाता के परिश्रम के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और हमारी सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिले, खेती की लागत कम हो, सिंचाई की सुविधा बढ़े और कृषि के माध्यम से परिवारों में समृद्धि आए, इसी सोच के साथ सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायगढ़ अंचल के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुँचाने के लिए केलो परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया है। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। सरकार का प्रयास है कि अधोसंरचना के विकास का सीधा लाभ आम नागरिकों, किसानों, युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिले। हर जरूरतमंद परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने को तेजी से साकार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि अपना पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि गरीब परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र जरूरतमंद परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा सरकार की कार्यसंस्कृति मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बनाया है। आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े और शासन तक उसकी पहुँच आसान हो, इसके लिए तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित तथा समयबद्ध निराकरण के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी व्यवस्थाएँ प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा किया है। शासन की योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुँचे। इसलिए सरकार की प्राथमिकता योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता, अब विकास की नई यात्रा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प के साथ हमारे वीर सुरक्षा बलों के साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति और विश्वास का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जुड़े लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस आने का अवसर दिया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। हमारा उद्देश्य शांति की स्थापना के साथ प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है। बस्तर सहित प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री  साय ने समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। आज का युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और आधुनिक शिक्षा के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए परिश्रम करने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा से परिवार और समाज के साथ छत्तीसगढ़ का नाम भी देश-दुनिया में रोशन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान करने की परंपरा सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं को बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है तथा समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। कोलता समाज की संस्कृति और संस्कार … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव के पोस्टर का विमोचन

*रायपुर  संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति, शंकर नगर, रायपुर द्वारा बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आयोजित होने वाले गरबा उत्सव के पोस्टर का विमोचन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री माननीय श्री विजय शर्मा के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आयोजन के 15वें वर्ष में प्रवेश करने पर समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गरबा उत्सव के सफल आयोजन की कामना की। समिति के संयोजक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर, रायपुर में आयोजित होने वाला यह गरबा उत्सव अपने 15वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस वर्ष उत्सव का आयोजन 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक किया जाएगा। आयोजन के दौरान प्रत्येक दिन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गरबा प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। श्रीवास्तव ने बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह उत्सव मां दुर्गा की आराधना, भक्ति एवं पारंपरिक गरबा संस्कृति का अनूठा संगम है। समिति द्वारा प्रतिवर्ष इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। समिति द्वारा गरबा उत्सव को भव्य रूप देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। समिति ने समस्त श्रद्धालुओं, नागरिकों एवं गरबा प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर उत्सव की शोभा बढ़ाने की अपील की है। इस अवसर पर समिति से अनिता खंडेलवाल, संगीता मिश्रा, दीपक श्रीवास्तव, अमरजीत सिंह,  सुमन मुथा,  नेहा खंडेलवाल, ललित साहू, हर्ष वर्मा, अंकुर अग्रवाल, श्रुति जैन, ललित साहू उपस्थित रहे।