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सुरक्षाबलों की सफलता, घने जंगलों में मुठभेड़ में नक्सली ढेर

 चाईबासा/गुवा

 झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले अंतर्गत टोंटो और गोइलकेरा के सीमावर्ती घने जंगलों में बुधवार की सुबह सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के दौरान कोबरा 209 बटालियन के जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है. मारे गए नक्सली के पास से आधुनिक हथियार और कई संदिग्ध सामग्रियां बरामद हुई हैं. हालांकि, अभी तक मारे गए नक्सली की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है, जिसे लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है.

इनामी नक्सली मिसिर बेसरा की सूचना पर शुरू हुआ था अभियान
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि भाकपा माओवादी का शीर्ष नेता और एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ रुटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के पहाड़ी क्षेत्रों में शरण लिए हुए है. इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोबरा बटालियन, झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दलों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की. पिछले दो दिनों से इस दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चप्पे-चप्पे पर बारीकी से तलाशी अभियान चलाया जा रहा था.

जंगलों में छिपे नक्सलियों ने की अंधाधुंध फायरिंग
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह जब सुरक्षाबल जंगल के भीतर तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे माओवादियों ने जवानों को देखते ही उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की. घंटों चली इस मुठभेड़ के बाद नक्सली घने जंगलों और झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक माओवादी का शव बरामद हुआ. सुरक्षाबलों का मानना है कि इस फायरिंग में कुछ अन्य नक्सली भी घायल हुए हैं.

पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी, बढ़ाई गई सुरक्षा
मुठभेड़ के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है. चाईबासा एसपी ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं और मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी तक जंगलों में घेराबंदी जारी रहेगी. सुरक्षाबलों ने आसपास के ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है और घायलों की तलाश में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है.

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