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राशिफल 30 अप्रैल: जानें मेष से मीन तक, आपके लिए कैसा रहेगा आज का दिन

मेष राशि- एक मजबूत लव कनेक्शन बनाने की कोशिश करें। कल के दिन वर्कप्लेस पर नई जिम्मेदारियां लें, जो आपकी प्रोफेशनल काबिलियत को साबित करेंगी। आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी। विवादों से बचें। पॉजिटिव माहौल बनाए रखें। वृषभ राशि- समझदारी भरे रवैये से लव अफेयर की चुनौतियों का सामना करें। आप अपनी प्रोफेशनल जिंदगी में भी सफल होंगे। धन और सेहत दोनों अच्छी स्थिति में रहेंगे। छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। मिथुन राशि- रोमांटिक तौर पर, आप भाग्यशाली मेहसूस करेंगे। आपको प्रोफेशनल तौर पर आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। आपके पास अलग-अलग सोर्स से पैसा आएगा। कल के दिन आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी। कॉन्फिडेंट महसूस करेंगे। कर्क राशि- आपकी लव लाइफ में ईमानदारी अच्छे नतीजे लाएगी। प्रोफेशनल चुनौतियों को समझदारी से संभालने की जरूरत है। सेहत और धन दोनों ही अच्छे रहेंगे। रिश्ते में समझदारी दिखाएं। कोई बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम नहीं है। सिंह राशि- कल के दिन हर रोमांटिक प्रॉब्लम को सॉल्व करने पर फोकस करें। अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। आप काम में बेहतरीन परिणाम देने में सफल हो सकते हैं। कल के दिन धन और स्वास्थ्य दोनों में परेशानी हो सकती है। कन्या राशि- कल के दिन एक खुशहाल पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ इन्जॉय करें। ऑफिस में अपने सीनियर्स को अपनी परफॉर्मेंस से खुश रखें। स्वास्थ्य सामान्य है, लेकिन अपने खान-पान का ध्यान रखें। कुछ लोगों को फाइनेंशियल दिक्कतें रहेंगी। तुला राशि- अपनी लव लाइफ में खुश रहें और अहंकार को पीछे रखें। ऑफिशियल मामलों को सही ढंग से सुलझाने के लिए अपने प्रोफेशनल प्रयास जारी रखें। आज के दिन धन संबंधी समस्याएं मौजूद हैं। वृश्चिक राशि- पर्सनल लाइफ में कल के दिन प्रेशर को कंट्रोल में रखें। अपनी काबिलियत साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम हाथ में लें। कुछ हेल्थ प्रॉब्लम सामने आ सकती हैं। आप लव लाइफ के लिए समय निकालें। धनु राशि- एक शानदार लव लाइफ का कल के दिन आनंद लें, जहां आप पिछली सभी प्रॉब्लम्स को सुलझा सकते हैं। आप अपनी काबिलियत साबित करने के लिए हर प्रोफेशनल मौके का इस्तेमाल करेंगे। कल सेहत और धन दोनों ही आपके लिए पॉजिटिव रहेंगे। मकर राशि- कल के दिन आपकी लव लाइफ खुशहाल रहेगी और आज आप काम पर प्रोडक्टिव रहें। खुशहाल फ्यूचर के लिए स्मार्ट इन्वेस्टमेंट पर गौर करें। सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। कुंभ राशि- नौकरी पर जरूरी काम करें। कल के दिन अपने रिश्ते में अपने पार्टनर के साथ समय बिताना जारी रखें। सही लाइफस्टाइल अपनाने से हेल्दी रहेंगे। धन की प्राप्ति भी होगी। इस बात का ध्यान रखें कि कल के दिन ऑफिस में सीनियर्स की उम्मीदों पर खरे उतरें। मीन राशि- लव अफेयर में आने वाली दिक्कतों से सावधान रहें और उन्हें सावधानी के साथ संभालें। कल के दिन नौकरी में आपका रवैया बहुत जरूरी है। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन मजबूत बनी रहेगी। आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी।

हाईकोर्ट में भोजशाला मामला गरमाया, मुस्लिम पक्ष ने मंदिर तोड़ने के आरोपों को बताया निराधार

इंदौर धार स्थित भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने के लिए मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में चल रही याचिकाओं में बुधवार को भी सुनवाई जारी रही। मस्जिद पक्ष के वकीलों ने तर्क रखते हुए कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य रिकार्ड पर उपलब्ध नहीं है जिससे साबित हो कि मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को तोड़ा गया था। सौ वर्ष से अधिक समय तक धार पर मुस्लिम शासकों का शासन रहा। इस दौरान उन्होंने कई इमारतों का निर्माण कराया, जिसमें पुरानी इमारतों के मलबा का उपयोग हुआ। निर्माण स्थानीय कारीगरों द्वारा किया गया था और यह बात मस्जिद में नजर आ भी रही है। राजस्व रिकॉर्ड और 700 साल की परंपरा का हवाला मस्जिद में 700 वर्ष से अधिक समय से नमाज पढ़ी जा रही है। राजस्व रिकार्ड में भी धार के सर्वे नंबर 313 पर मस्जिद ही है। मस्जिद पक्ष ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। कहा कि भोजशाला को लेकर चल रही याचिकाओं में एएसआइ अलग-अलग जवाब दे रहा है। मस्जिद में अगर संस्कृत में लिखे श्लोक मिले हैं तो अरबी में लिखी बातें भी मिली हैं। कोर्ट का समय समाप्त होने से मस्जिद पक्ष के तर्क अधूरे रहे। सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी। कोर्ट ने एएसआइ के वकील से कहा है कि मस्जिद पक्ष के तर्क सुनने के बाद वे अपने तर्क रखें।  

मजदूरी की बेड़ियों को तोड़ ‘‘मल्टी-फार्मिंग‘‘ के नायक बने ललित यादव

रायपुर दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुमड़ा में आज एक नई क्रांति की सुखद आहट सुनाई दे रही है। यह कहानी किसी बड़े उद्योगपति की नहीं, बल्कि 36 वर्षीय एक ऐसे जुझारू व्यक्तित्व की है जिसने मजदूरी के कठिन दौर से निकलकर अपनी तकदीर खुद लिखी है। ललित यादव, जो कभी अपनी आजीविका के लिए दूसरों के खेतों और निर्माण कार्यों पर निर्भर थे, आज अपने गांव में बहुआयामी खेती और डेयरी व्यवसाय के जरिए समृद्धि की एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। उनकी यह यात्रा वर्ष 2013 में मात्र 6 गायों के साथ शुरू हुई थी, जो आज उनके अटूट साहस और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण 25 गायों के एक विशाल कुनबे में तब्दील हो चुकी है। ललित की सफलता का सबसे बड़ा राज पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना रहा है। पशुपालन विभाग के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से उन्होंने अपनी डेयरी को न केवल व्यवस्थित किया, बल्कि जर्सी और एचएफ क्रॉस जैसी उन्नत नस्लों को अपनाकर दूध उत्पादन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया। वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन 70 से 80 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो बाजार में 70 रुपये प्रति लीटर की दर से बिककर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहा है। उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्होंने नेपियर घास की खेती का सहारा लिया, जिससे पशुओं को बारहमासी पौष्टिक चारा तो मिलता ही है, साथ ही चारे पर होने वाले बाहरी खर्च में भी भारी कटौती हुई है। ललित की दूरदर्शिता केवल डेयरी तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने आय के स्रोतों को विविधता प्रदान करने के लिए ‘‘मल्टी-फार्मिंग‘‘ का मॉडल तैयार किया। डेयरी के साथ-साथ वे छोटे स्तर पर मुर्गी पालन और सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें साल भर नियमित नकद आय प्राप्त होती रहती है। दूध की अधिकता होने पर वे मूल्य संवर्धन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पनीर का निर्माण करते हैं, जो 400 रुपये प्रति किलो की दर से हाथों-हाथ बिक जाता है। इसके साथ-साथ वे डेयरी व्यवसाय से प्राप्त होने वाले गोबर खाद की भी क्षेत्र के किसानों में भारी डिमांड है जो उनकी आय का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग है यहा तक कि अन्य जिलों के किसान जैविक खाद के रूप में 3000 से 3500 रुपये प्रति ट्रैक्टर की दर से खरीदने उनके द्वार तक पहुँचते हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का सही तालमेल ललित के व्यवसाय विस्तार में मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने डेयरी शेड और फेंसिंग जैसी सुविधाओं के लिए बैंक से लिए गए 3 लाख रुपये के ऋण को अपनी कड़ी मेहनत से समय से पूर्व ही चुकता कर अपनी विश्वसनीयता सिद्ध कर दी है। आज इस पूरे उपक्रम में उनका परिवार एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ा रहता है। अपनी माँ के संघर्षों को याद करते हुए ललित भावुक होकर बताते हैं कि उनकी माँ ने एक आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में विपरीत परिस्थितियों में उन्हें पढ़ाया-लिखाया, और आज उन्हीं के संस्कारों का फल है कि वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरक प्रकाश स्तंभ बनकर उभरे हैं। ललित यादव की यह सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन और ईमानदारी से प्रयास किए जाएं, तो ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

परीक्षा सुरक्षा को हाई-टेक कवच: NEET-UG 2026 में एमपी के 38 साइबर कमांडो संभालेंगे डिजिटल पहरा

ग्वालियर नीट-यूजी परीक्षा पर इस बार पुलिस का डिजिटल पहरा रहेगा। पेपर लीक से लेकर तकनीकि धांधली और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए इस बार मप्र में 38 साइबर कमांडो परीक्षा की डिजिटल निगरानी करेंगे। सर्वर से लेकर डार्कवेब और इंटरनेट मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर बारीक नजर रखी जाएगी। परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाहों पर भी यह डिजिटल फोर्स निगाह रखेगी। पहली बार मप्र में यह प्रयोग होने जा रहा है, जब साइबर कमांडो किसी परीक्षा की निगरानी करेंगे। 283 केंद्रों पर होगी 1.18 लाख परीक्षार्थियों की अग्निपरीक्षा यहां बता दें कि पूरे प्रदेश में 283 परीक्षाकेंद्र बनाये गए हैं। तीन मई को यह परीक्षा होगी। जिसमें करीब 1.18 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। ग्वालियर में भी दो साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। यह ग्वालियर और चंबल में परीक्षाकेंद्रों पर विशेष निगाह रखेंगे। ग्वालियर और चंबल के परीक्षाकेंद्रों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। इसकी वजह है- पूर्व में यहां से दूसरी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। इसलिए यहां के परीक्षाकेंद्रों पर अधिक फोकस है।  

17 मरीज रेफर, 14 आयुष्मान कार्ड, 11 को मुफ्त चश्मा, स्वास्थ्य बस्तर अभियान की बड़ी सफलता

रायपुर स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र के मरीज को बेहतर इलाज दिलाने के लिए स्वास्थ्य टीम ने सराहनीय प्रयास किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में पोटकपल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुटेपढ़ गांव से मरीज को पहले किस्टाराम और फिर जिला अस्पताल सुकमा तक पहुंचाया। इस दौरान मरीज ने कुल 310 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका। यह सफलता सतत स्क्रीनिंग, प्रभावी काउंसलिंग, समय पर रेफरल और मजबूत फॉलो-अप व्यवस्था के कारण संभव हो पाई। सेक्टर मेडिकल ऑफिसर के समन्वय और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना दिया। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान के अंतर्गत किस्टाराम और मरईगुड़ा के अंदरूनी गांवों से कुल 17 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर बनाकर प्रिंट किए गए, ताकि इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। वहीं 2 अस्थमा और 2 पैरों में सूजन से पीड़ित मरीजों को विशेष जांच और उपचार के लिए भेजा गया। इसके साथ ही कोंटा क्षेत्र से आए मरीजों की आंखों की जांच कर 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया, जबकि मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी गई। मरईगुड़ा सेक्टर और पोटकपल्ली टीम के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य बस्तर अभियान दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वास्तव में जीवनदायी पहल बनकर उभर रहा है।

प्रतिमाह कमा रहीं 8 से 10 हजार रूपये

रायपुर जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार ग्राम पोलमपल्ली की करतम सविता ने यह साबित कर दिया है कि यदि मेहनत को शासन की सही योजनाओं का साथ मिल जाए, तो ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता आसान हो जाता है। जिला सीईओ  मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़कर सविता ने मजदूरी के जीवन से बाहर निकलते हुए अपने परिवार के लिए सम्मानजनक और स्थायी आय का साधन तैयार किया है। करतम सविता बताती हैं कि पहले उनका परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भर था, जिससे आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर बनी रहती थी। लेकिन ‘प्रिया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्हें नई दिशा मिली। समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने ‘कृति किराना स्टोर’ की शुरुआत की, जिससे आज उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और गांव में उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी के रूप में बन गई है। आज सविता की किराना दुकान से सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। यह आय केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और परिवार की खुशहाली का आधार बन गई है। सविता बताती हैं कि अब उन्हें रोज़गार के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि दुकान से नियमित आमदनी होती है और परिवार में सुख-शांति के साथ समृद्धि आई है। उनके व्यवसाय में परिवार के सभी सदस्य सहयोग करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी सुरक्षित हो रहा है। कलेक्टर  अमित कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से जिले की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में नवाचार पहल के तहत दूरस्थ अंचलों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के लिए 4 सेवा एक्सप्रेस संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से अब तक लगभग साढ़े 5 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनाया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। लखपति दीदी योजना महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और एक नई पहचान भी प्रदान कर रही हैं। अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए सविता ने कहा कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के सपनों को पंख दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान जैसी पहल ने उन्हें मजदूरी छोड़कर अपना व्यवसाय स्थापित करने का अवसर दिया। आज वे गर्व से कहती हैं कि वे आत्मनिर्भर हैं और उनके जैसे अनेक ग्रामीण महिलाएं शासन की योजनाओं से नई पहचान बना रही हैं।

सीवर, जलभराव और जाम जैसी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए – ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार सुबह 6 बजें सीवर सफाई महाअभियान के अंतर्गत ग्वालियर-15 विधानसभा के क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भ्रमण कर सीवर लाइनों की सफाई कार्य का निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री ने सीवर सफाई महाअभियान के अंतर्गत काली माता मंदिर, चार शहर का नाक, चंदन नगर, मोहिते गार्डन, ओम नगर क्षेत्र का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा निरंतर प्रयास है कि क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में सीवर जाम एवं जलभराव जैसी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुविधा और स्वच्छता आपके सेवक की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छ ग्वालियर– स्वस्थ ग्वालियर के संकल्प को साकार करें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। हम निरंतर प्रयासरत हैं कि क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड और मोहल्ले में सीवर जाम, जलभराव एवं गंदगी जैसी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सके।जनभागीदारी इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है। ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन, विद्युत वितरण कंपनी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

सोनागिर में मूर्ति चोरी का खुलासा, पकड़े गए आरोपी ने कहा- ‘छूटते ही फिर करूंगा चोरी, यही मेरा प्रोफेशन’

 ग्वालियर दतिया जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ सोनागिर मंदिर में हुई सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 25 लाख रुपये मूल्य की चांदी की मूर्ति, सिंहासन और अन्य धार्मिक सामग्री बरामद की है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात मुख्य आरोपित का बेखौफ बयान रहा। सीहोर निवासी विशाल विश्वकर्मा ने पूछताछ के दौरान कहा कि “जमानत मिलते ही फिर चोरी करूंगा, यही मेरा प्रोफेशन (पेशा) है।” उसका कहना है कि वह अब तक एक हजार से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। मंदिर से चोरी हुई थी चांदी की मूर्ति गौरतलब है कि 4-5 अप्रैल की दरम्यानी रात सोनागिर की पहाड़ी पर स्थित जैन मंदिर से भगवान चंद्रप्रभु की चांदी की मूर्ति, सिंहासन और अन्य धार्मिक सामग्री चोरी हो गई थी। इस घटना से प्रदेशभर, खासकर जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त था। अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड एसपी सूरज वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपित विशाल विश्वकर्मा (निवासी खाईंखेड़ा, थाना अहमदपुर, सीहोर) अंतरराज्यीय स्तर का शातिर मूर्ति चोर है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 100 से अधिक मामले दर्ज हैं या वह संदिग्ध रूप से जुड़ा रहा है। रेकी करने वाले दो सहयोगी भी गिरफ्तार पुलिस ने दतिया जिले के ग्राम रेंडा निवासी दिलीप दांगी उर्फ नन्ने और गुलाब अहिरवार (कुम्हेड़ी) को भी गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने मंदिर की रेकी कर मुख्य आरोपित की मदद की थी। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस अब आरोपितों के नेटवर्क और अन्य वारदातों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।  

सुरक्षाबलों की सफलता, घने जंगलों में मुठभेड़ में नक्सली ढेर

 चाईबासा/गुवा  झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले अंतर्गत टोंटो और गोइलकेरा के सीमावर्ती घने जंगलों में बुधवार की सुबह सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के दौरान कोबरा 209 बटालियन के जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है. मारे गए नक्सली के पास से आधुनिक हथियार और कई संदिग्ध सामग्रियां बरामद हुई हैं. हालांकि, अभी तक मारे गए नक्सली की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है, जिसे लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है. इनामी नक्सली मिसिर बेसरा की सूचना पर शुरू हुआ था अभियान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि भाकपा माओवादी का शीर्ष नेता और एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ रुटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के पहाड़ी क्षेत्रों में शरण लिए हुए है. इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोबरा बटालियन, झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दलों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की. पिछले दो दिनों से इस दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चप्पे-चप्पे पर बारीकी से तलाशी अभियान चलाया जा रहा था. जंगलों में छिपे नक्सलियों ने की अंधाधुंध फायरिंग जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह जब सुरक्षाबल जंगल के भीतर तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे माओवादियों ने जवानों को देखते ही उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की. घंटों चली इस मुठभेड़ के बाद नक्सली घने जंगलों और झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक माओवादी का शव बरामद हुआ. सुरक्षाबलों का मानना है कि इस फायरिंग में कुछ अन्य नक्सली भी घायल हुए हैं. पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी, बढ़ाई गई सुरक्षा मुठभेड़ के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है. चाईबासा एसपी ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं और मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी तक जंगलों में घेराबंदी जारी रहेगी. सुरक्षाबलों ने आसपास के ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है और घायलों की तलाश में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है.

अल्पविराम टूल किट के माध्यम से जीवन में कराया जा रहा है आनंद का अहसास

भोपाल  राज्य आनंद संस्थान द्वारा तीन दिवसीय आनंदम सहयोगी प्रशिक्षण दिनांक 27 से 29 अप्रैल तक क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचाययत राज प्रशिक्षण केन्द्र, भदभदा, नीलबड, भोपाल में सम्पन्न हुआ। मध्यप्रदेश राज्य आनंद संस्थान ने अपनी स्थापना के दसवे वर्ष में प्रवेश किया है। इस अवसर पर राज्य के नागरिकों को खुशहाल जीवन जीने के उद्देश्य से अल्पविराम टूल के माध्यम से कुछ विधियां एवं प्रक्रियाओं के द्वारा जीवन में आनंद का एहसास कराया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश भर के 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक  सत्य प्रकाश आर्य के मुख्य आतिथ्य में किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों के बीच आनंद विभाग की रूपरेखा एवं स्वयं से संवाद करने की प्रक्रिया पर अपने विचार रखे।  मुकेश कारूवा,  अजीत महतो,  हितेंद्र बुधौलिया मती अंजना वास्तव मती नीलू शुक्ला,  गजेंद्र सरकार एवं  चंद्रकांत बोहरे ने विभिन्न प्रयोग एवं टूलों के माध्यम से प्रतिभागियों के बीच में अल्पविराम एवं आनंद से विषय से जुड़े विषयों को रखा। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किए गए।