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शराब के नशे में सौतेली बेटी से मारपीट करता था आरोपी, प्रताड़ना से परेशान बालिका ने की आत्महत्या

 जबलपुर  गढ़ा थाना क्षेत्र में एक बालिका की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके सौतेले पिता रामप्रसाद मरकाम (28) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। घर के कमरे में फंदे पर लटकी मिली किशोरी बालिका घर के कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी। पुलिस को मामले की जांच के दौरान मृतका की मां और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए गए। आरोपी रामप्रसाद शराब पीने का आदी है बयानों में सामने आया कि आरोपी रामप्रसाद शराब पीने का आदी है। वह नशे में घर आकर अपनी पत्नी, सौतेले बेटे और बेटी के साथ मारपीट कर उन्हें प्रताड़ित करता है। भय के कारण दोनों बच्चे पड़ोसियों के घर खाना खाते और सोते थे। प्रताड़ना और भय से परेशान होकर दी जान पुलिस जांच के अनुसार, प्रताड़ना और भय से परेशान होकर किशोरी ने आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर उसे अभिरक्षा में लिया है। मामले की जांच जारी है। सुनीता मर्सकोले को साथ रखे है सैनिक सोसायटी दानवबाबा के पास रितेश कोरी के मकान में किराए से रहने वाले पेशे से राजमिस्त्री मंडला के नैनपुर स्थित ग्राम मक्के मोहगांव निवासी 28 वर्षीय रामप्रसाद मरकाम ने गढ़ा पुलिस को बताया कि छह वर्षों से बालाघाट के चांगोटोला मोहगांव निवासी सुनीता मर्सकोले को साथ रखे है। मां के पहले पति बेटाटा-बेटी साथ में रहते हैं रामप्रसाद मरकाम ने बताया कि सुनीता के पहले पति से 15 साल का बेटा अनुज मर्सकोले और 10 साल की बेटी मोनिका मर्सकोले भी साथ में रहते हैं। रामप्रसाद काम की तलाश में कृपाल चौक गया था। पाइप से गमछा बांधकर फांसी लगा ली दोपहर में जब वह लौटा तो बेटे अनुज ने बताया कि मोनिका ने कमरे मैं ऊपर डले पाइप से गमछा बांधकर फांसी लगा ली है और अंदर से कुंडी बंद है। मोहल्ले वालों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा आसपास के मोहल्ले वालों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया, तो बच्ची फंदे पर मृत अवस्था में लटकी मिली। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और मर्ग कायम किया।

समस्तीपुर के बाद मधेपुरा वीडियो पर भी पुलिस की सफाई, छेड़खानी की घटना से इनकार

 समस्तीपुर बिहार में जमुई जिले के बाद समस्तीपुर में लड़की से हैवानियत का वीडियो सामने आने के बाद अब राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सवालों के कटघरे में है। अब समस्तीपुर और मधेपुरा में छात्रा से छेड़खानी के वायरल वीडियो के मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपनी सफाई दी है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से बताया गया है कि समस्तीपुर का वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। तत्काल पीड़िता की पहचान स्थापित नहीं हो पाने तथा घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान के आधार पर ही बीएनएस, पॉक्सो एवं आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में 24 सितंबर को कर्पूरीग्राम थाना में केस दर्ज किया गया है। कांड में संलिप्त सभी अभियुक्तों की पहचान करते हुए सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर ही कांड में सम्मिलित सभी चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी पहचान समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना अंतर्गत जगतसिंहपुर गांव के विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और बिजौलिया गांव के अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग बताई जा रही है। समस्तीपुर पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले अथवा पीड़िता के लिए मानसिक एवं सामाजिक क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट और कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचने की अपील की है। मधेपुरा में क्या हुआ था, पुलिस ने बताया वहीं, मधेपुरा के उदाकिशुनगंज में उदा स्कूल के बाहर वायरल वीडियो पर भी पुलिस मुख्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। सत्यापन में पता चला है कि वायरल वीडियो 22 सितंबर का उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदाकिशुनगंज के बाहर का है। उक्त विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का संचालन हो रहा था। प्रथम पाली की परीक्षा समाप्ति के बाद जब छात्र-छात्राएं स्कूल से बाहर निकलकर अपने घर जा रहे थे तो रास्ते में स्कूल के बाहर सड़क पर एक लड़का मोटरसाइकिल लगाकर खड़ा था। स्कूल के किसी छात्रा से मिलने आने के संदेह होने पर स्कूल के नाबालिग छात्रों के द्वारा पूछताछ किया जा रहा था। इसी क्रम में स्कूल के अन्य छात्र-छात्राएं वहां पर आ गये और आपस में बहस करते हुए विवाद करने लगे। इस बात की सूचना पर स्कूल के शिक्षक भी वहां आ गये और सभी छात्र-छात्राओं को समझा-बुझाकर वहां से हटा दिये। इस बहसा-बहसी के दौरान छेड़खानी या कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे सभी नाबालिग बच्चे को चिन्हित कर लिया गया है एवं उनके परिजनों को नोटिस दिया गया है। जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

सोनागिर में मूर्ति चोरी का खुलासा, पकड़े गए आरोपी ने कहा- ‘छूटते ही फिर करूंगा चोरी, यही मेरा प्रोफेशन’

 ग्वालियर दतिया जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ सोनागिर मंदिर में हुई सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 25 लाख रुपये मूल्य की चांदी की मूर्ति, सिंहासन और अन्य धार्मिक सामग्री बरामद की है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात मुख्य आरोपित का बेखौफ बयान रहा। सीहोर निवासी विशाल विश्वकर्मा ने पूछताछ के दौरान कहा कि “जमानत मिलते ही फिर चोरी करूंगा, यही मेरा प्रोफेशन (पेशा) है।” उसका कहना है कि वह अब तक एक हजार से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। मंदिर से चोरी हुई थी चांदी की मूर्ति गौरतलब है कि 4-5 अप्रैल की दरम्यानी रात सोनागिर की पहाड़ी पर स्थित जैन मंदिर से भगवान चंद्रप्रभु की चांदी की मूर्ति, सिंहासन और अन्य धार्मिक सामग्री चोरी हो गई थी। इस घटना से प्रदेशभर, खासकर जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त था। अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड एसपी सूरज वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपित विशाल विश्वकर्मा (निवासी खाईंखेड़ा, थाना अहमदपुर, सीहोर) अंतरराज्यीय स्तर का शातिर मूर्ति चोर है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 100 से अधिक मामले दर्ज हैं या वह संदिग्ध रूप से जुड़ा रहा है। रेकी करने वाले दो सहयोगी भी गिरफ्तार पुलिस ने दतिया जिले के ग्राम रेंडा निवासी दिलीप दांगी उर्फ नन्ने और गुलाब अहिरवार (कुम्हेड़ी) को भी गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने मंदिर की रेकी कर मुख्य आरोपित की मदद की थी। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस अब आरोपितों के नेटवर्क और अन्य वारदातों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।