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सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग, जंगल में घंटों चली मुठभेड़

चाईबासा चाईबासा के चक्रधरपुर अनुमंडल स्थित पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ केड़ाबीर इलाके के पास उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च अभियान चला रहे थे। सुबह छह बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में अभियान चला रही थी। मंगलवार तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। घंटों चली गोलीबारी मुठभेड़ काफी देर तक रुक-रुक कर चलती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मिसिर बेसरा गिरोह की सक्रियता की आशंका पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली सक्रिय हैं। हाल के दिनों में गोइलकेरा क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में नक्सल गतिविधियां बढ़ने की आशंका थी। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।  

सुरक्षाबलों की सफलता, घने जंगलों में मुठभेड़ में नक्सली ढेर

 चाईबासा/गुवा  झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले अंतर्गत टोंटो और गोइलकेरा के सीमावर्ती घने जंगलों में बुधवार की सुबह सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के दौरान कोबरा 209 बटालियन के जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है. मारे गए नक्सली के पास से आधुनिक हथियार और कई संदिग्ध सामग्रियां बरामद हुई हैं. हालांकि, अभी तक मारे गए नक्सली की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है, जिसे लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है. इनामी नक्सली मिसिर बेसरा की सूचना पर शुरू हुआ था अभियान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि भाकपा माओवादी का शीर्ष नेता और एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ रुटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के पहाड़ी क्षेत्रों में शरण लिए हुए है. इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोबरा बटालियन, झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दलों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की. पिछले दो दिनों से इस दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चप्पे-चप्पे पर बारीकी से तलाशी अभियान चलाया जा रहा था. जंगलों में छिपे नक्सलियों ने की अंधाधुंध फायरिंग जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह जब सुरक्षाबल जंगल के भीतर तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे माओवादियों ने जवानों को देखते ही उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की. घंटों चली इस मुठभेड़ के बाद नक्सली घने जंगलों और झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक माओवादी का शव बरामद हुआ. सुरक्षाबलों का मानना है कि इस फायरिंग में कुछ अन्य नक्सली भी घायल हुए हैं. पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी, बढ़ाई गई सुरक्षा मुठभेड़ के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है. चाईबासा एसपी ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं और मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी तक जंगलों में घेराबंदी जारी रहेगी. सुरक्षाबलों ने आसपास के ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है और घायलों की तलाश में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है.

सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई,15 लाख का इनामी शाहदेव मारा गया, जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी

 हजारीबाग हजारीबाग जिले के पिपरवार-केरेडारी सीमावर्ती क्षेत्र स्थित खपिया जंगल में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और टीएसपीसी (TSPC) उग्रवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस कार्रवाई में पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने संगठन के चार उग्रवादियों को मार गिराया है. मारे गए उग्रवादियों में संगठन का जोनल कमांडर और 15 लाख का इनामी उग्रवादी शाहदेव भी शामिल है, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी. गुप्त सूचना पर कोबरा टीम का प्रहार दरअसल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी के उग्रवादी किसी बड़ी साजिश के तहत खपिया कोटी झरना इलाके में जमा हुए हैं. इसके बाद कोबरा बटालियन और चतरा जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला. जैसे ही सुरक्षा बल जंगल के करीब पहुंचे, उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्चा लेते हुए चार उग्रवादियों को मौके पर ही ढेर कर दिया. खबर लिखे जाने तक पुलिस और नक्सलियों के बीच लगातार गोलीबारी जारी है. बताया जा रहा है कि मारे गए उग्रवादियों में शाहदेव की पत्नी नताशा भी शामिल है. टीएसपीसी संगठन की टूटी कमर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन से टीएसपीसी को तगड़ा झटका लगा है. सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियानों से चाईबासा और चतरा के इलाकों में सक्रिय टीएसपीसी उग्रवादी संगठनों की कमर टूट गई है. कार्रवाई के दौरान उग्रवादियों द्वारा प्रयुक्त किये जाने वाले हथियार और गोला-बारूद भी भारी मात्रा में बरामद हुए हैं. जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ उग्रवादी जंगल और पहाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे हैं, जिनकी तलाश में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पुलिस मुख्यालय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों का कहना है कि जब तक क्षेत्र उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा.

मिसिर बेसरा दस्ते से एनकाउंटर, कोबरा और झारखंड जगुआर का ऑपरेशन जारी

 सारंडा झारखंड के सारंडा जंगल में बुधवार को एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई. यह मुठभेड़ कुख्यात इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ हो रही है. जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल इलाके में लंबे समय से चल रहे सर्च ऑपरेशन के तहत जंगल में तलाशी अभियान चला रहे थे. इसी दौरान नक्सली अचानक सामने आ गए और उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त कार्रवाई मौके पर सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस बल के जवान मौजूद हैं. ये सभी यूनिट्स नक्सल विरोधी ऑपरेशन में विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि कुख्यात नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ सारंडा के जंगलों में सक्रिय है. इसी सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन तेज किया गया था. कैंप शिफ्ट कर रहे नक्सलियों से टकराव बताया जा रहा है कि मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब नक्सली जंगल के अंदर अपने ठिकाने को बदल रहे थे. इसी दौरान सुरक्षाबलों की टीम वहां पहुंच गई और दोनों का आमना-सामना हो गया. पुलिस को देखते ही नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की. कई नक्सलियों के मारे जाने की आशंका, पुष्टि नहीं सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, अभी तक किसी भी नक्सली का शव बरामद नहीं हुआ है और न ही सर्च ऑपरेशन में जुटे सुरक्षा बलों के अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि ही की गई है. जंगल का घना इलाका और लगातार फायरिंग के कारण सुरक्षाबलों को सटीक स्थिति का आकलन करने में समय लग रहा है. इलाके में हाई अलर्ट, ऑपरेशन जारी फिलहाल पूरे इलाके को घेर लिया गया है और अतिरिक्त बलों को भी तैनात कर दिया गया है. सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि नक्सलियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता. बीच-बीच में फायरिंग कर रहे नक्सली: एसपी जिले के एसपी अमित रेणू ने बताया कि कोबरा जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. नक्सलियों की ओर से बीच-बीच में फायरिंग हो रही है, जिसका सुरक्षा बल सतर्कता के साथ जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आ पाएगी. फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्च अभियान जारी है. नक्सल गतिविधियों का गढ़ है सारंडा सारंडा का घना जंगल लंबे समय से नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से नक्सल गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन बीच-बीच में इस तरह की मुठभेड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं.

छत्तीसगढ़ के कांकेर में एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने मार गिराया बड़े कैडर का आखिरी ACM

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. जवानों ने इस मुठभेड़ में बड़े कैडर की एक महिला नक्सली को मार गिराया है. मारी गई महिला माओवादी की पहचान ACM रैंक कमांडर रंगाबोइना भाग्या उर्फ रूपी के रूप में हुई है, जो बस्तर इलाके में बड़े कैडर की आखिरी नक्सली मानी जा रही है. रूपी पर 4 लाख रुपए का ईनाम घोषित है. एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, सर्चिंग पर निकलने जवानों पर माचपल्ली के जंगलों में अचानक फायरिंग हुई. जवाबी कार्रवाई में एसीएम रैंक की महिला नक्सली रूपी को ढेर कर दिया गया. रूपी डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी. विजय रेड्डी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2025 में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था. रूपी बस्तर क्षेत्र के माड़ डिवीजन में में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी. साल 2004 यानी 24 साल पहले  माओवादी संगठन के साथ जुड़ी थी. मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान मृत महिला माओवादी के शव के साथ एक पिस्टल हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है. इलाके में सुरक्षाबलों ने सर्चिंग जारी है. कांकेर पुलिस अधीक्षक जिला निखिल राखेचा ने बताया कि जिला कांकेर के छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली–आरामझोरा–हिडूर क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की आसूचना के आधार पर पुलिस बल द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. सर्च अभियान के दौरान पुलिस बल और माओवादियों के बीच माचपल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के पश्चात सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा एक महिला माओवादी कैडर का शव बरामद किया गया. मुख्यधारा में लौटे नक्सली, बस्तर रेंज IG की अपील बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि माओवादी कैडरों के सामने आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर देते हुए शासन की ओर से लगातार अपील की जाती रही है, जिसके प्रभाव से विगत महीनों में काफी बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है. किंतु रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के मार्ग को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया, जिसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है. आईजीपी बस्तर ने शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से अपील की कि उनके पास अब बहुत सीमित समय शेष है. वे सभी हिंसा के मार्ग को त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें.

सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया है। वहीं घटनास्थल से हथियार, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है। इलाके में फिलहाल सर्च अभियान जारी है। जानकारी के अनुसार, थाना जांगला क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी। इसी दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद माओवादी जंगल की ओर भाग निकले। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में सुरक्षाबलों को दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए हैं। साथ ही घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान भी जब्त किया गया है। इस मुठभेड़ की पुष्टि पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने की है। वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि क्षेत्र में सर्च अभियान जारी है और मुठभेड़ से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी। 6 फरवरी को 7 नक्सली मारे इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था। नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। माओवादियों का पूरा सामान बरामद बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया है कि इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर एक जॉइंट टीम ने माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान आज सुबह इंद्रावती नदी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्च के दौरान, 2 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किए गए और मुठभेड़ वाली जगह से एक SLR राइफल, एक INSAS राइफल और एक 12-बोर राइफल जैसे हथियार, विस्फोटक और माओवादियों का दूसरा सामान बरामद किया गया। बीजापुर में रहा है नक्सलियों का दबदबा दरअससल, बीजापुर कभी छत्तीसगढ़ में लाल आतंक का गढ़ रहा है। बीजापुर के अधिकांश इलाकों से नक्सलियों का खात्मा हो गया है। वहीं, कुछ खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर भी कर दिया है। नक्सलियों के जमा होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों के जवान कार्रवाई करते हैं। मुठभेड़ के बाद इंद्रावती नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के कुछ बड़े कमांडर ढेर हो गए हैं तो कुछ ने हथियार डाल दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है कि हम नक्सलवाद को खत्म कर देंगे। पिछले दिनों उन्होंने इस मोर्च पर चल रही लड़ाई का छत्तीसगढ़ पहुंचकर रिव्यू भी किया था।

बीजापुर में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में नक्सली कमांडर उधम सिंह ढेर

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पेद्दागेलूर के जंगल क्षेत्र में चल रही इस मुठभेड़ में नक्सली कमांडर उधम सिंह के मारे जाने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवानों के साथ नक्सलियों की लगातार फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ स्थल से एक ऑटोमेटिक AK-47 राइफल और एक शव बरामद किया गया है। मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जारी की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल से एक ऑटोमेटिक AK-47 राइफल और एक नक्सली का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान नक्सली कमांडर उधम सिंह के रूप में हुई है। बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जारी की जाएगी. एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सघन तलाशी अभियान चल रहा है। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य नक्सली मौजूद न हो। एसपी ने कहा कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

नारायणपुर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को किया ढेर

अबूझमाड़  छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सर्चिंग अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी रही। मुठभेड़ स्थल से एक पुरुष माओवादी का शव बरामद हुआ है तो वहीं हथियार भी जब्त किए गए हैं। अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ मुठभेड़ की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ ने एक नक्सली को मार गिराया है। अबूझमाड़ के महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। जिसके बाद सुरक्षाबल के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत मिशन पर भेजा गया था। नक्सलियों ने शुरू की फायरिंग अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों की टीम जब क्षेत्र में पहुंची तो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है। क्षेत्र में गोलीबारी जारी है। गोलीबारी रुकने के बाद क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जवानों की वापसी के बाद ही मिशन की डिटेल्स दी जाएगी। एक नक्सली ढेर डीआरजी और बीएसएफ जवानों की संयुक्त टीम इस इलाके में पहुंची. इस दौरान नक्सलियों और जवानों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. फिलहाल सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर लगातार मुठभेड़ जारी है. हथियार भी बरामद इस मुठभेड़ में जवानों ने एक पुरुष नक्सली को मार गिराया. मारे गए नक्सली का शव फिलहाल बरामद कर लिया गया है. मौके से एक हथियार भी बरामद किया है.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया. उन्होंने बताया कि अबूझमाड़ के महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था. सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी अधिकारियों ने बताया कि दल जब क्षेत्र में पहुंचा तो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है. क्षेत्र में गोलीबारी जारी है. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में तलाश अभियान अब भी जारी है. अभियान पूर्ण होने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी.  इस साल छत्तीसगढ़ में मारे गए 248 नक्सली बता दें कि इस साल छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 248 नक्सली मारे गए हैं. इनमें से 219 बस्तर संभाग (जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं) में मारे गए, जबकि 27 अन्य रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारे गए. दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो अन्य नक्सली मारे गए. राज्य के गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सली मारे गए थे. इस साल 248 नक्सली ढेर अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई के साथ इस साल छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 248 नक्सली मारे गए हैं। इनमें से 219 बस्तर संभाग जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं मारे गए हैं। जबकि 27 नक्सलियों को रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारा गया है। दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया है। 11 सितंबर को हुई थी मुठभेड़ बता दें कि हाल ही में गरियाबंद जिले में सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली थी। जवानों ने गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया था। पवन तिवारी