samacharsecretary.com

शिक्षा में बड़ा बदलाव: मॉडल संस्कृति स्कूलों से फीस हटाने की योजना तैयार

चंडीगढ़.

हरियाणा सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के सभी 1638 मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए निशुल्क शिक्षा लागू करने की तैयारी है।

शिक्षा विभाग ने दाखिला शुल्क और मासिक फीस पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार करके सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बिना किसी शुल्क के प्रवेश और पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।

अब तक ली जाती है फीस
इन स्कूलों में पहली से पांचवीं तक प्रवेश के लिए 500 रुपये व छठी से 12वीं तक 1000 रुपये शुल्क लिया जाता है। कक्षा के अनुसार हर महीने 200 रुपये से 500 रुपये तक फीस भी देनी पड़ती है। सेकेंडरी मॉडल संस्कृति स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और भाषा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। फीस समाप्त होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ा लाभ मिलेगा।

मॉडल संस्कृति स्कूलों की है अलग पहचान
हरियाणा में मॉडल संस्कृति स्कूल योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी। ये स्कूल सामान्य सरकारी स्कूलों की तुलना में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और भारतीय संस्कृति आधारित पाठ्यक्रम के लिए खास माने जाते हैं। यहां स्मार्ट कक्षाएं, अंग्रेजी माध्यम शिक्षा, गतिविधि आधारित पढ़ाई और भाषा-संस्कृति पर विशेष जोर दिया जाता है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार भी दिए जाते हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए सरकारी शिक्षकों को भी टेस्ट पास करना पड़ता है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here