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10,000 स्टेप्स का नियम हर किसी के लिए जरूरी नहीं, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

 आज के समय में फिटनेस फ्रीक और फिटनेस के लिए अवेयर रहने वाले लोग अक्सर पैदल चलने को भी महत्व देते हैं. अगर किसी से भी पूछो कि वह दिन में कितने स्टेप्स चलता है तो हर किसी का जवाब होता है, 10 हजार कदम. ऐसे में हर कोई अपनी स्मार्टवॉच में 10,000 कदम का आंकड़ा ही सिलेक्ट करता है और दिनभर उसके मुताबिक ही चलता है. डॉक्टर्स की मानें तो यह 'जादुई नंबर' हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना अपनी शारीरिक क्षमता को समझे इतना ज्यादा पैदल चलना आपके जोड़ों के लिए मुसीबत बन सकता है. खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से ही किसी फिजिकल समस्या से जूझ रहे हैं.

10,000 स्टेप्स का चलना कितना जरूरी?
पीडी हिंदुजा हॉस्पिटल और एमआरसी सेंटर के ऑर्थोपेडिक्स डॉ. प्रदीप मूनोट का कहना है, अधिकतर लोग मानते हैं कि जितना अधिक चलेंगे, उतने फिट रहेंगे. लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, 10,000 कदम का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है.

डॉक्टर का कहना है कि यह केवल एक मार्केटिंग स्ट्रेटजी के तौर पर शुरू हुआ था कि सबको 10 हजार कदम चलना चाहिए. ओवरवेट लोगों या बुजुर्गों के लिए अचानक से इतने कदम चलने से एक्स्ट्रा लोड पड़ सकता है जिससे घुटने के कार्टिलेज (हड्डियों के बीच की कुशनिंग) घिसने लगती है.
 
जोड़ों पर कैसे पड़ता है असर?
डॉ. प्रदीम का कहना है, जब हम चलते हैं तो हमारे शरीर के वजन का पूरा भार घुटनों पर आता है. अगर कोई व्यक्ति गलत जूतों में या कठोर जगह पर 10 हजार कदम चलता है तो उसे ओवरयूज़ इंजरी हो सकती है. यदि आपको वॉक के समय घुटनों में सूजन, दर्द या कटकट की आवाज आने लगे तो समझ लीजिए कि आपके जोड़ों पर लोड आ रहा है और और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. जबरदस्ती 10 हजार कदम चलने का गोलपूरा करना ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.

वॉकिंग का क्या है सही तरीका?
फिट रहने के लिए केवल कदमों की गिनती काफी नहीं है. डॉक्टरों का सुझाव है कि 7,000 से 8,000 कदम भी सेहत के लिए पर्याप्त होते हैं. पैदल चलने के साथ-साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जरूरी है ताकि मसल्स भी मजबूत बने रहें और जोड़ों पर अधिक लोड न पड़े. चलने के लिए हमेशा अच्छे कुशन वाले जूतों का चुनाव करें और कंक्रीट की जगह घास या नरम सतह पर टहलें.

 

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