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पटना से मुजफ्फरपुर तक बनेंगे आधुनिक टाउनशिप, अलग-अलग थीम पर होगा विकास

पटना

बिहार में शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए 11 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रत्येक सेटेलाइट टाउनशिप का विकास एक खास थीम पर किया जाना है। थीम का चयन स्थानीय विशेषता और जरूरत के अनुसार किया जाएगा। नगर विकास विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। विभाग ने 11 सेटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। मास्टर प्लान बनने तक यह रोक जारी रहेगी। सड़क, पार्क, स्कूल, मैदान या अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद रोक हटा दी जाएगी।

टाउनशिप को कोर और विशेष क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। कोर क्षेत्र का विकास सबसे पहले किया जाना है। इसी क्षेत्र के मास्टर प्लान में थीम का चयन किया जाएगा। हालांकि, किस टाउनशिप को किस थीम पर विकसित किया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय होना बाकी है। बावजूद नगर विकास विभाग के विशेषज्ञों ने इसकी रूपरेखा बना ली है।

उदाहरण के लिए राजधानी पटना के पास बन रही पाटलिपुत्र टाउनशिप को एजुकेशन-स्पोर्ट्स सिटी और लॉजिस्टिक हब के रूप में पहचान दी जाएगी। इसी तरह गयाजी के पास बन रही मगध टाउनशिप को बोधगया और गयाजी के सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटकीय महत्व की पहचान दी जाएगी। मुजफ्फरपुर के पास बन रही तिरहुत टाउनशिप को औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सोनपुर के पास विकसित हो रहे हरिहरनाथपुरम को एयरोसिटी की तर्ज पर विकसित किया जाना है। थीम की जरूरत के हिसाब से यहां बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

जरूरत की बुनियादी सुविधाएं विकसित होंगी
इसी तरह अन्य सेटेलाइट टाउनशिप के थीम की योजना बनाई जा रही है। बिहार शहरी आयोजना स्कीम नियमावली 2026 के अनुसार टाउनशिप की योजना थीम के आधार पर बनेगी। इसमें सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं के लिए प्लॉट, अवसंरचना, उद्यान, खुले क्षेत्र, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आवास आदि की भी सुविधा होगी।

सेटेलाइट टाउनशिप की स्थानीय खासियत
● पाटलिपुत्र (पटना) : लॉजिस्टिक्स हब, एजुकेशनल-स्पोर्ट्स सिटी।

● हरिहरनाथपुरम (सोनपुर): पौराणिक महत्व, एरोसिटी।

● मगध (गया): पर्यटन और धार्मिक – सांस्कृतिक महत्व।

● मिथिला (दरभंगा): मेडिकल हब, सांस्कृतिक विरासत।

● तिरहुत (मुजफ्फरपुर): औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र।

● सीतापुरम (सीतामढ़ी): धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन।

● कोसी(सहरसा): व्यावसायिक केंद्र।

● पूर्णिया (पूर्णिया): मेडिकल हब, आर्थिक गतिविधियों का केंद्र।

● अंग (मुंगेर): विरासत और वाणिज्यिक केंद्र।

● विक्रमशिला (भागलपुर): शिक्षा और सांस्कृतिक केंद्र।

● सारण (छपरा): आवासीय और औद्योगिक केंद्र।

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