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18-40 उम्र के लोग बन सकते हैं सिविल डिफेंस रक्षक, सेना के साथ करेंगे काम

 चंडीगढ़
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन ने सिविल डिफेंस वाॅलंटियर्स (सीडीवी) के दूसरे बैच के नामांकन अभियान की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि यह पहल शहर में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है।

प्रशासन के अनुसार वर्ष 2025 में सिविल डिफेंस वाॅलंटियर्स का पहला बैच गठित किया गया था, जिसमें 419 स्वयंसेवकों को शामिल किया गया। इन वालंटियर्स को महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमजीएसआइपीए) में सात दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के दौरान प्रेक्टिकल सेशन, फिजिकल फिटनेस टेस्ट, लिखित परीक्षा और माक ड्रिल करवाई गई थीं।

इस प्रशिक्षण में फायर विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड के विशेषज्ञों ने भाग लिया। वालंटियर्स को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, रेस्क्यू आपरेशन, निकासी प्रक्रिया, ट्रैफिक प्रबंधन, संकट के समय संचार व्यवस्था और बेसिक फायर फाइटिंग का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी वालंटियर्स को सिविल डिफेंस की यूनिफार्म और बेरेट भी प्रदान की गई। प्रशासन ने बताया कि सिविल डिफेंस की संरचना में चीफ वार्डन, डिप्टी चीफ वार्डन, डिविजनल वार्डन, डिप्टी डिविजनल वार्डन, पोस्ट वार्डन और सेक्टर वार्डन जैसे पद शामिल हैं।

प्रशासन ने नामांकन के लिए सेक्टर-38 स्थित महिला भवन में विशेष कैंप आयोजित करने का फैसला लिया है। इच्छुक नागरिक 8 मई को दोपहर 12 बजे से वहां जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वह अधिक से अधिक संख्या में इस मुहिम का हिस्सा बनें।

भर्ती के लिए जरूरी शर्तें

-आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।

-18 से 40 वर्ष के बीच के युवा आवेदन कर सकते हैं।

-शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होना जरूरी है।

-आवेदक का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।

इन पदों पर भी होंगे नामांकन

सिविल डिफेंस के तहत न केवल वॉलंटियर्स, बल्कि विभिन्न संगठनात्मक पदों के लिए भी आवेदन मांगे गए हैं, जिनमें चीफ वार्डन और डिप्टी चीफ डिविजनल वार्डन, डिप्टी डिविजनल वार्डन,पोस्ट वार्डन और सेक्टर वार्डन शामिल हैं।

पहले बैच में 419 हुए तैयार

वर्ष 2025 में प्रशासन ने पहले बैच का गठन किया था, जिसमें 419 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया। इन्हें एमजीएसआईपीए (MGSIPA) में 7 दिनों की ट्रेनिंग दी गई थी। इस ट्रेनिंग में आर्मी की वेस्टर्न कमांड, एनडीआरएफ, फायर और स्वास्थ्य विभाग के वॉलंटियर्स को आपदा से लड़ने के गुर सिखाए थे।

सेक्टर-38 महिला भवन में होगा कार्यक्रम
दूसरे बैच के लिए नामांकन अभियान 8 मई को दोपहर 12 बजे से महिला भवन, सेक्टर-38 सी, चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन और सिविल डिफेंस की उपलब्धियों पर आधारित काफी टेबल बुक भी जारी की जाएगी और नए वाॅलंटियर्स का औपचारिक नामांकन किया जाएगा।
यह योग्यता

प्रशासन के अनुसार आवेदन करने वाले व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना, आयु 18 वर्ष से अधिक होना, शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना जरूरी है। साथ ही आवेदकों को निर्धारित प्रशिक्षण लेने के लिए तैयार रहना होगा।

प्रशासन ने शहरवासियों से इस पहल में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आपदा के समय एक सक्षम एवं जागरूक समाज तैयार किया जा सकेगा।

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