samacharsecretary.com

कुत्तों के हमले से दहशत में राजस्थान, मासूम बच्ची की मौत ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

डीग

राजस्थान के डीग जिले में आवारा कुत्तों ने कोहराम मचा रखा है. 8 मई को सामने आई स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले अप्रैल माह के भीतर जिले में 3000 से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है. डीग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की तरफ से जारी ये आंकड़े यह बताते हैं कि जिले में हालात कितने भयावह हैं. हर दिन औसतन 100 लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.

बूंदी में कुत्तों ने ली मासूम की जान
डीग के ये आंकड़े तब और डरावने हो जाते हैं जब हम 4 मई की उस घटना को याद करते हैं, जिसने राजस्थान को शर्मसार कर दिया था. बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को कुत्तों के झुंड ने उस वक्त नोच-नोच कर मार डाला था, जब वह खुले में शौच के लिए गई थी. उस घटना के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार को 1 लाख के मुआवजे का ऐलान तो किया, लेकिन डीग के आंकड़े बताते हैं कि जमीन पर सुरक्षा के इंतजाम अब भी सिफर हैं.

शहरों में ज्यादा 'खूंखार' हुए कुत्ते
हालिया RTI आंकड़ों ने इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा दिया है. साल 2024 के मुकाबले 2025 में राजस्थान में कुत्तों के हमले के मामले करीब दोगुने हो चुके हैं. सबसे ज्यादा असर राजधानी जयपुर समेत कोटा और डीग जैसे इलाकों में दिख रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्ते ज्यादा हिंसक और आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं, जिसका सबसे आसान शिकार छोटे बच्चे बन रहे हैं.

'हमें मुआवजा नहीं, सुरक्षा चाहिए'
डीग में बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्व पार्षद कैलाश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनकी मांग है कि नसबंदी और शेल्टर होम के नाम पर हो रही खानापूर्ति बंद हो और सड़कों पर घूम रहे हिंसक कुत्तों को तुरंत हटाया जाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता रहता है.

डॉक्टर बोले- ये गलती पड़ेगी भारी
बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि कुत्ता काटने पर 15 मिनट की लापरवाही जान ले सकती है. डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोएं और किसी भी तरह के अंधविश्वास या झाड़-फूंक में समय न गंवाते हुए सीधे सरकारी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज टीका लगवाएं.

आवारा कुत्तों की शिकायत करें
यदि आपके इलाके में भी कुत्ते हिंसक हो रहे हैं, तो आप राजस्थान संपर्क पोर्टल के टोल-फ्री नंबर 181 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा स्थानीय नगर निगम के कंट्रोल रूम में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. जागरूक रहें, क्योंकि आपकी सतर्कता ही आपकी जान बचा सकती है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here