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व्यापारिक जहाजों पर हमले अस्वीकार्य: संयुक्त राष्ट्र में भारत का बयान

 नई दिल्ली

भारत ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कारोबारी जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि नागरिक जहाजों और उनके चालक दल को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

पर्वतनेनी हरीश ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (यूएनईसीओएसओसी) की विशेष बैठक में यह बात कही। बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि कारोबारी जहाजों पर हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में ओमान तट के पास भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर हमला हुआ था।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिया जोर
रविवार को एक्स पर किए गए पोस्ट में पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुए ऊर्जा और उर्वरक संकट से निपटने के लिए भारत का दृष्टिकोण साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदमों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है।

उन्होंने दोहराया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कारोबारी जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन होना चाहिए।

ओमान तट के पास हुआ था हमला
13 मई को सोमालिया से जा रहे भारतीय झंडे वाले एक कारोबारी जहाज पर ओमान के पास हमला हुआ था। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। ओमान प्रशासन ने जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, हमला किसने किया, इसकी तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी।

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस हमले की निंदा करते हुए कहा था कि कारोबारी जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम दो अन्य भारतीय जहाजों पर भी हमले हो चुके हैं।

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