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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन, चंबल नदी में उतरी पुलिस-वन विभाग की टीम

  करौली

राजस्थान में करौली जिले के नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में अवैध बजरी खनन को लेकर करौली पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में उतरकर बजरी माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा और हाई-वोल्टेज ऑपरेशन चलाया. करौली के एसपी लोकेश सोनवाल के कुशल निर्देशन में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चंबल नदी में पांच घंटे तक मोर्चा संभाला और अवैध खनन के पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई थी सख्ती
अवैध बजरी खनन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने कहा कि यह लापरवाही पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा है. अदालत के सामने आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राज्य के 40 संवेदनशील इलाकों में से सिर्फ एक जगह सीसीटीवी कैमरा लगा है और सुरक्षा के सारे दावे अधूरे हैं. इस सख्ती के बाद सरकार ने तुरंत धौलपुर, करौली, कोटा, बूंदी और सवाई माधोपुर में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया है.

एसपी की अगुवाई में बड़ा एक्शन
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने खुद कमान संभाली. उनके नेतृत्व में पुलिस ने शनिवार को करणपुर क्षेत्र के गौटा घाट पर धावा बोल दिया. पुलिस को आता देख माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर मध्य प्रदेश की सीमा की तरफ भागने लगे. एसपी के कड़े निर्देशों के बाद थानाधिकारी देवेश कुमार जाटव अपने पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंचे.

इसके बाद जांबाज जवान वर्दी और हथियारों के साथ नदी के गहरे पानी में उतर गए और दूर तक माफियाओं का पीछा किया. एसपी सोनवाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन होगा और माफिया चाहे सीमा पार के हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.

घड़ियालों के आशियाने पर मंडराता खतरा
यह पूरा अवैध कारोबार घड़ियाल प्रजनन केंद्र से महज 500 मीटर की दूरी पर चल रहा है. भारी मशीनों का शोर और अवैध खनन घड़ियालों के प्राकृतिक माहौल को नष्ट कर रहा है. राजस्थान से मध्य प्रदेश के श्योपुर तक फैले इस नेटवर्क में हर दिन करीब 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध बजरी पार कराई जा रही हैं. फिलहाल पुलिस ने जेसीबी से रास्ते काटकर माफियाओं के रूट बंद कर दिए हैं और अब हर किसी की नजर 20 मई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है.

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