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ईरान-अमेरिका तनाव और गहरा, 14 मांगों पर ट्रंप का साफ इनकार; युद्धविराम पर संकट

वाशिंगटन

ईरान-अमेरिका के युद्ध में अब तक लग रहा था कि जल्दी ही दोनों पक्ष फिर से भिड़ जाएंगे. अमेरिका की ओर से लगातार धमकियां आ रही थीं, तो ईरान भी कभी चुप नहीं बैठा. ऐसे में माना जा रहा था कि 24-48 घंटों के भीतर ही खाड़ी फिर जल उठेगी. हालांकि अब थोड़ी राहत की खबर ये आई है कि कम से कम अमेरिका आगे के हमलों को टालने की योजना बना चुका है. पहले से ही दुनियाभर में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, इस बीच ये खबर थोड़ी राहत जरूर देगी। 

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित हमला फिलहाल टाल दिया है. उनके मुताबिक कतर, सऊदी अरब और UAE के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अब ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने साफ कहा कि बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं है. उन्होंने कहा कि तेहरान सम्मान, ताकत और अपने राष्ट्रीय अधिकारों की रक्षा करते हुए वार्ता में शामिल हुआ है। 

अब तक ईरान युद्ध में क्या-क्या हुआ?

    इस बीच इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष जारी है. अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम बढ़ाए जाने के बावजूद सोमवार को इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों और सैन्य कार्रवाई में 3020 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 9273 लोग घायल हुए हैं। 

    उधर गाजा के लिए राहत सामग्री ले जा रहे जहाजों को रोकने को लेकर भी इजरायल की आलोचना बढ़ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गाजा सहायता बेड़े के कई जहाजों को रोक लिया. बताया जा रहा है कि करीब 47 नौकाओं को कब्जे में लिया गया और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। 

    इस कार्रवाई के बाद कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सहायता जहाजों को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हो सकता है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, ईरान-अमेरिका वार्ता, लेबनान में जारी हमले और गाजा सहायता बेड़े को लेकर विवाद ने पूरे क्षेत्र को फिर से बड़े संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है। 

ईरान ट्रंप-नेतन्याहू के सिर पर रखेगा इनाम
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर शांति वार्ता अभी भी अटकी हुई है। इस बीच ईरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर इनाम घोषित करने पर विचार कर रहा है. द टेलीग्राफ यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद एक ऐसे बिल पर वोटिंग की तैयारी कर रही है, जिसमें ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वाले व्यक्ति को इनाम देने का प्रस्ताव रखा गया है। 

 बार-बार शर्तें बदलने से समझौते में आ रही दिक्कत
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघेई ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान की चिंताओं को अमेरिका तक पहुंचाया है. वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष खत्म करने के लिए ईरान का नया संशोधित प्रस्ताव वॉशिंगटन को सौंपा है. एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा कि दोनों देश बार-बार अपनी शर्तें और मांगें बदल रहे हैं, जिससे समझौता करना मुश्किल हो रहा है। 

ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाएगा अमेरिका
ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में राहत देने पर सहमति जताई है. यह राहत ईरान की बड़ी मांगों में शामिल थी ताकि वह शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर राजी हो सके. हालांकि अमेरिका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम समझौता होने तक यह छूट लागू रह सकती है. वहीं पाकिस्तान ने ईरान की ओर से तैयार किया गया नया प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए है. एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा कि हमारे पास ज्यादा समय नहीं है और यह भी कहा कि दोनों देश बार-बार अपनी शर्तें बदल रहे हैं। 

 

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