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गोबरानवापारा में रेत के अवैध उत्खनन-भण्डारण पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 पोकलेन जब्त-सील

रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के आदेशानुसार तथा उप-संचालक (खनिज प्रशासन) श्री राजेश मालवे के नेतृत्व में खनिज विभाग के अमले द्वारा 18 एवं 19 मई 2026 को गोबरानवापारा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भण्डारण के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की गई। सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक एवं खनिज अमले द्वारा की गई जांच में ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तथा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन कर 02 चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद किया गया तथा अवैध उत्खनन कार्य तत्काल बंद कराया गया। इसी क्रम में तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी तथा डगनिया में महानदी से रेत लाकर श्री अनिल कुमार साहू, श्री गोविंद साहू, श्री ईश्वर पटेल, श्री प्रताप सेन, श्री त्रिलोकी साहू, श्री अजय साहू तथा श्री मनीष ठाकुर द्वारा बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भण्डारण किया जाना पाया गया। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत संपूर्ण अवैध रेत को जब्त कर लिया गया है एवं संबंधित अवैध भण्डारणकर्ताओं को जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया गया है। उप-संचालक खनिज श्री राजेश मालवे ने बताया कि जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज अमले द्वारा उक्त क्षेत्रों में लगातार गश्त कर सतत कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘एक जनपद एक व्यंजन’ से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ेगा उत्तर प्रदेश का पारंपरिक स्वाद

लखनऊ योगी सरकार अब प्रदेश की समृद्ध पाक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। “एक जनपद एक व्यंजन” (ओडीओसी) योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले के विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का चिन्हांकन कर उन्हें संगठित, सुरक्षित, ब्रांडेड और बाजारोन्मुख बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल स्वाद और परंपरा को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और निर्यात को भी बढ़ावा देना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में योगी कैबिनेट ने योजना को स्वीकृति दी है।  तैयार किए जाएंगे "स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल” योजना के तहत जिलाधिकारियों, संबंधित विभागों, प्रतिष्ठित संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और जिला उद्योग केंद्रों से प्राप्त सुझावों के आधार पर जनपदवार व्यंजनों की पहचान की गई है। सरकार इन व्यंजनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CFTRI) और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से जनपदवार और व्यंजनवार “स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल” तैयार किए जाएंगे। इससे व्यंजनों का स्वाद और गुणवत्ता एक समान बनी रहेगी तथा उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही इन व्यंजनों के नए वैरिएंट विकसित करने पर भी विशेष बल दिया जाएगा। स्मार्ट पैकेजिंग, इको-फ्रेंडली पैक, क्यूआर कोड, बारकोड और न्यूट्रीशन लेबलिंग जैसी सुविधाएं योगी सरकार व्यंजनों को एक्सपोर्ट रेडी बनाने के लिए आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी फोकस कर रही है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से स्मार्ट पैकेजिंग, इको-फ्रेंडली पैक, क्यूआर कोड, बारकोड और न्यूट्रीशन लेबलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता और पोषण संबंधी पूरी जानकारी मिल सकेगी तथा प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन बड़े बाजारों तक पहुंच पाएंगे। योजना के तहत स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पैकेजिंग, डिजाइनिंग, गुणवत्ता सुधार और फूड प्रोसेसिंग के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इससे ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा पारंपरिक व्यंजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देंगे। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड निर्माण योगी सरकार “एक जनपद एक व्यंजन” की अवधारणा का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड निर्माण भी करेगी। प्रदेश के प्रमुख आयोजनों में “स्वाद यूपी का” थीम के अंतर्गत व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही लघु फिल्मों, डिजिटल प्रचार और ब्रांडिंग अभियानों के माध्यम से लोगों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद से जोड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है। योगी सरकार की यह पहल केवल खानपान तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन, रोजगार और निर्यात से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि “एक जनपद एक व्यंजन” योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

लगभग 200 सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण एवं 150 पुलिसकर्मियों की सतत मेहनत से मिली कामयाबी

भोपाल पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबीहेतु सघन और सतत अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में 02 वर्षीय अपहृत बालिका को मात्र 36 घंटे के भीतर झारखंड राज्य से सकुशल दस्तयाब कर सिंगरौली पुलिस ने संवेदनशीलता, तत्परता एवं तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट परिचय दिया है। पुलिस की त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही से बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार के साथ-साथ आमजन में भी पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। प्रकरण में थाना बैढ़न में 16 मईको फरियादी द्वारा सूचना दर्ज कराई गई थी कि वह अपनी 02 वर्षीय पुत्री के साथ बस स्टैण्ड बैढ़न में सोया हुआ था। देर रात नींद खुलने पर उसकी पुत्री वहां नहीं मिली। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका व्यक्त की गई। सूचना पर थाना बैढ़न में प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली  षियाज के.एम. के निर्देशन में विशेष एसआईटी गठित की गई। उप पुलिस अधीक्षक सु रोशनी पटेल सहित थाना एवं चौकी प्रभारियों के नेतृत्व में लगभग 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की 10 विशेष टीमों को बालिका की तलाश में लगाया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा अपहृता एवं आरोपी की जानकारी देने पर 10हजार रूपएके ईनाम की घोषणा भी की गई। अपहृत बालिका की तलाश हेतु जिले सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं सीमावर्ती राज्यों के पुलिस थानों को रेडियो संदेश प्रसारित किए गए। बैढ़न, विंध्यनगर, मोरवा, बरगवां एवं माड़ा क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, अस्पतालों, डैम, नदियों एवं सुनसान स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस द्वारा लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का परीक्षण किया गया तथा बालिका के फोटो पम्पलेट सार्वजनिक स्थानों, ऑटो एवं बसों में चस्पा कर सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रसारित किए गए। सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण करने पर पुलिस को एक संदेही व्यक्ति को बालिका के साथ बैढ़न से बिलौजी एवं आगे माजन मोड़ की ओर जाते हुए देखा गया। संबंधित बस चालक, परिचालकों एवं ऑटो चालकों से पूछताछ की गई, जिसके आधार पर पुलिस टीम को जानकारी मिली कि संदेही व्यक्ति निवासी ग्राम मासीआतो थाना बालूमार जिला लातेहार (झारखंड) है, जो बालिका को लेकर अपने गांव चला गया है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस की विशेष टीमें तत्काल झारखंड रवाना की गईं। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर 02 वर्षीय अपहृत बालिका को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। मध्यप्रदेश पुलिसआमजन से अपील करती है कि किसी भी बालक/बालिका के गुम होने अथवा संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी थाना एवं डायल-112 को सूचना दें, ताकि समय रहते त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी तथा “मुस्कान अभियान” के तहत इस प्रकार की विशेष कार्यवाहियां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।  

आज का राशिफल 20 मई 2026: किसे मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सतर्क?

मेष राशि- आज दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है। काम समय पर निपटाने का दबाव रहेगा। ऑफिस में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, लेकिन शाम तक स्थिति ठीक हो जाएगी। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसला लें। घर में किसी अपने से अच्छी बातचीत मन हल्का करेगी। वृषभ राशि- आज मन काफी शांत रहेगा। रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे। कारोबार करने वालों को फायदा हो सकता है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। खर्च बढ़ सकता है, लेकिन ज्यादा चिंता की बात नहीं रहेगी। मिथुन राशि- आज छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है। काम पर ध्यान बनाए रखना जरूरी होगा। किसी दोस्त की सलाह काम आ सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। शाम को मन थोड़ा बेहतर महसूस करेगा। कर्क राशि- आज दिन सामान्य रहेगा। घर और काम दोनों जगह संतुलन बनाकर चलना होगा। परिवार के किसी सदस्य की चिंता रह सकती है। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी। बाहर का खाना कम खाएं। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। कोई पुराना काम पूरा होने से राहत मिलेगी। नौकरी और व्यापार दोनों में फायदा मिल सकता है। परिवार में अच्छा माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में भी मिठास बनी रहेगी। कन्या राशि– आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। ऑफिस में काम का दबाव रहेगा। किसी से बहस करने से बचें। खर्च बढ़ सकता है। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा। शाम तक राहत महसूस होगी। तुला राशि- आज जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। काम का दबाव थोड़ा ज्यादा रह सकता है। किसी करीबी से मदद मिल सकती है। पैसों को लेकर दिन सामान्य रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। वृश्चिक राशि- आज नया काम शुरू करने के लिए दिन ठीक माना जा सकता है। दोस्तों के साथ समय अच्छा बीतेगा। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर रहेगी। धनु राशि- आज का दिन राहत देने वाला रह सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। घर में खुशी का माहौल रहेगा। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है। यात्रा का प्लान भी बन सकता है। मकर राशि- आज मन थोड़ा परेशान रह सकता है। काम में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। किसी की बात दिल पर लेने से बचें। पैसों के लेनदेन में सावधानी रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कुंभ राशि- आज किस्मत का साथ मिल सकता है। नौकरी और कारोबार में अच्छे संकेत हैं। कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत भी ठीक रहेगी। मीन राशि– आज मन थोड़ा उलझा रह सकता है। काम में ध्यान कम लगेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। खर्च बढ़ सकता है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें।

अब तक 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ गेहूँ का उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 12 लाख 30 हजार 426 किसानों से 90 लाख 8 हजार 469 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 18 हजार 707 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 78 लाख 52 हजार 546 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। मंत्री  राजपूत ने बताया है कि गेहूँ उपार्जन 23 मई 2026 तक किया जायेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।  

‘सुशासन तिहार’ की धूम: एक ही छत के नीचे खुले सरकारी योजनाओं के द्वार हितग्राहियों के चेहरे खिले

​रायपुर       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के राजापारा रंगमंच में मंगलवार को 'सुशासन तिहार शिविर' का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर ने आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को मिटाते हुए एक ही छत के नीचे ढेरों सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाया। शिविर में उमड़ी नगरवासियों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं।         ​शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी सौगातें दी गईं, जिसमें 6 हितग्राहियों को नए भवनों के निर्माण के लिए अनुज्ञा प्रमाण पत्र सौंपे गए, वहीं 3 हितग्राहियों को उनका आशियाना पूर्ण होने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किया गया। अपना पक्का आशियाना और कानूनी दस्तावेज पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।        ​इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक और मंगलमयी माहौल देखने को मिला, जहाँ विभागीय सजगता के साथ 2 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और 2 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। इसके साथ ही, उपस्थित महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और सही देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए।       ​प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए खाद्य विभाग की ओर से मौके पर ही 2 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए 2 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए और जरूरतमंद लोगों को फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में पहुंचे बड़ी संख्या में नगरवासियों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी गई।       ​ सुशासन का असली अर्थ चरितार्थ करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने न केवल अपनी योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि जनता से सीधे आवेदन और शिकायतें भी प्राप्त कीं। कई जटिल समस्याओं का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आमजन को मार्गदर्शन दिया गया, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।       ​इस जन-सरोकार के कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, नगरपालिका सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में सजग नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का यह प्रयास बेहद सफल और सराहनीय रहा।

हर प्रशिक्षण बैच में 5% सीटें दिव्यांगजनों के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित

लखनऊ उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा समाज के वंचित एवं विशेष जरूरत वाले वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। योगी सरकार की इस पहल के तहत प्रदेश में संचालित सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रत्येक बैच में दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से आरक्षित की गई हैं। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया  कि भारत सरकार के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप एसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांगजन की श्रेणी में शामिल किए जाने के दृष्टिगत उन्हें कौशल प्रशिक्षण में विशेष प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई एसिड अटैक पीड़ित महिला प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छुक एवं पात्र है, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पंजीकृत किया जाना सुनिश्चित किया जाए। कौशल विकास केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का सशक्त जरिया है। उन्होंने कहा कि मिशन का लक्ष्य है कि प्रशिक्षण एवं रोजगार के माध्यम से इन महिलाओं को समाज में समान अवसर एवं नई पहचान मिल सके। मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर प्रदेश के सभी जनपदों की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) को निर्देशित किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में गठित होने वाले प्रशिक्षण बैचों में आरक्षित सीटों पर पात्र लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनपदवार एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं का विवरण तैयार कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

मध्यप्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन और स्मार्ट गवर्नेंस को मिलेगी गति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश और गूगल के बीच दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी, उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के उपयोग पर 20 मई, बुधवार को भोपाल में गूगल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक चर्चा करेंगे। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर भी मीटिंग में विचार किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित यह बैठक मध्यप्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, स्मार्ट गवर्नेंस और तकनीक आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर)  आशीष वाट्टल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स)  मदन ओबेरॉय सहित सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई एवं डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में सिंहस्थ -2028 के तकनीक आधारित प्रबंधन, स्मार्ट भीड़ प्रबंधन, एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग,डेटा आधारित निगरानी, अधिक प्रभावी नागरिक सेवा विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, कृषि में किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच और शिक्षा क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षण और कौशल विकास पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में एआई स्किलिंग, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्ट-अप इको सिस्टम और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। यह बैठक मध्यप्रदेश और गूगल के मध्य दूरदर्शी तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देने और प्रदेश को नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।  

दवा विक्रेताओं की हड़ताल का असर, 20 मई को MP में नहीं मिलेंगी दवाएं, निजी मेडिकल स्टोर्स बंद रहेंगे

भोपाल  ऑनलाइन दवा व्यापार और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 'मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन' के आह्वान पर 20 मई को पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल के सभी निजी मेडिकल स्टोर्स बंद रहेंगे। भोपाल केमिस्ट संघ के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि दवा विक्रेता सुबह 10 बजे दवा बाजार में एकत्रित होंगे और सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के उल्लंघन का आरोप एसोसिएशन का आरोप है कि ऑनलाइन दवा व्यापार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का खुला उल्लंघन है। बिना फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाओं की होम डिलीवरी से नकली और एक्सपायरी दवाओं का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही ई-फार्मेसी कंपनियों की लागत से कम कीमत पर दवा बेचने की नीति (प्रेडेटरी प्राइसिंग) से पारंपरिक छोटे और मध्यम दवा व्यवसायियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। मरीजों की सुविधा के लिए खुले रहेंगे जन औषधि केंद्र दवा बाजार बंद रहने के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। हड़ताल के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की फार्मेसी और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे। इसके अलावा निजी अस्पतालों के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर्स को भी बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि भर्ती और आपातकालीन मरीजों को परेशान न होना पड़े।  

यूपी के किसानों को अनुदान पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करा रही सरकार

लखनऊ  प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश में 13.28 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 05.23 लाख मी. टन डीएपी, 04.81 लाख मी. टन एनपीके, 03.69 लाख मी. टन एसएसपी एवं 0.93 लाख मी. टन एमओपी को मिलाकर कुल 27.94 लाख मी. टन उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। पिछले वर्ष की तुलना में 3.13 लाख मी. टन अधिक उर्वरक उपलब्ध है।  प्रदेश सरकार किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने को संकल्पित है। इसी के दृष्टिगत कृषि विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों के लिये अनुदान पर सभी प्रकार के उर्वरकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों की आवश्यकतानुसार रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के सक्रिय सहयोग से प्रचुर मात्रा में उर्वरकों की अनवरत उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। आगामी खरीफ फसलों की मांग के अनुसार भारत सरकार द्वारा लगातार आवंटन करते हुए उर्वरकों की निरन्तर आपूर्ति की जा रही है। अनुदानित उर्वरक का दुरुपयोग रोकने के लिये शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि उर्वरकों का विक्रय किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) उपलब्ध कराने वाले कृषकों को उनकी जोत सम्बन्धी अभिलेखों के आधार पर ही किया जाय। कृषि विभाग द्वारा अनुदानित उर्वरकों (यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी एवं एसएसपी) के साथ किसी अन्य निवेश की टैगिंग को पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरकों की सुगमतापूर्वक खरीद के लिये फार्मर आईडी के साथ विक्रय केन्द्रों पर पहुंचें और अपनी बोई गई फसल के लिये कृषि वैज्ञानिकों द्वारा संस्तुत मात्रा के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों की खरीद एवं प्रयोग करें।  कृषि भूमि/खतौनी के आधार पर फसल की अवस्था एवं आवश्यकता के अनुसार अधिकतम 5 बोरी डीएपी तथा यूरिया 7 बोरी प्रति हेक्टेयर की मात्रा का ही क्रय किया जाये। विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरकों के अत्यधिक क्रय एवं अनावश्यक प्रयोग से बचें। उर्वरकों की अत्यधिक खरीद तथा भण्डारण न करें, क्योंकि हवा व नमी आदि के सम्पर्क में आने पर उर्वरक की क्षमता में क्षरण होने लगता है, इसलिये किसान वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक का क्रय करें।