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पंजाब बॉर्डर पर हाई अलर्ट, अमृतसर से AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जब्त

अमृतसर  अमृतसर के अजनाला क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। BSF की 117 बटालियन ने खुफिया जानकारी के आधार पर हरड़ खुर्द गांव के पास एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया। BSF को गुरुवार रात एक विशेष खुफिया सूचना मिली थी। इसी आधार पर थाना अजनाला, अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के हरड़ खुर्द गांव में यह कार्रवाई हुई। बरामद सामग्री में एक AK-47 राइफल, 25 पिस्तौल, 47 पिस्तौल मैगजीन, एक बुलेटप्रूफ जैकेट और 368 कारतूस शामिल हैं। इस साल की सबसे बड़ी बरामदगी:- साल 2026 में जनवरी से जून (अब तक) के बीच अमृतसर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार (पाकिस्तान/ISI लिंक्ड) व स्थानीय गैंगस्टरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस दौरान बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, ग्रेनेड, कारतूस और नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।     29 जनवरी 2026: अमृतसर रूरल पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) की मदद से ओथियां गांव के पास एक बड़े नार्को-टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में एक स्टार मार्क पिस्तौल, 46 जिंदा कारतूस, चार हैंड ग्रेनेड और करीब 43 किलो हेरोइन बरामद की गई। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि हथियार ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजे गए थे।     14 मार्च 2026 : अमृतसर रूरल पुलिस (घरिंडा थाना) ने मुहावा गांव में ISI-प्रायोजित और विदेशी गैंगस्टरों से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में एक AK-47 असॉल्ट राइफल (दो मैगजीन और 36 राउंड के साथ) और तीन ऑस्ट्रिया-निर्मित ग्लॉक पिस्तौलें बरामद की गईं। इस मामले में सुरज और रोहित नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो पुलिस पर हमले की साजिश रच रहे थे।     16 अप्रैल 2026 : पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने अमृतसर में स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) के साथ मिलकर एक और ISI-समर्थित टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस दौरान 2 विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल (गोला-बारूद के साथ) और 4 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। इस मॉड्यूल का संबंध चंडीगढ़ में हुए एक ग्रेनेड अटैक से भी जुड़ा था।     14 मई 2026 : अमृतसर पुलिस ने जेल से छूटे अपराधी आकाशदीप के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 6 पिस्तौल और 14 कारतूस बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई मंगवा रहा था।     27 मई 2026 : एक अन्य कार्रवाई में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से कई अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद हुईं।     17-18 जून 2026 : अमृतसर पुलिस ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों में बड़ी सफलता हासिल की। पहले ऑपरेशन में कमिश्नरेट पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 11 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद कीं, जिनमें चीन निर्मित .30 बोर और ऑस्ट्रिया की ग्लॉक पिस्तौलें शामिल थीं। दूसरा ऑपरेशन (रूरल व स्पेशल सेल) पुलिस ने बॉर्डर रेंज से जुड़े 4 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 10 पाकिस्तान-निर्मित पिस्तौलें बरामद कीं। कुल बरामदगी का अनुमानित सारांश (जनवरी-जून 2026) AK-47 राइफल: 1 पिस्तौलें (Pistols): 35 से अधिक (ग्लॉक, स्टार मार्क, जिगाना और पाकिस्तान-निर्मित सहित) हैंड ग्रेनेड: 8 जिंदा कारतूस: 110 से अधिक गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ जारी BSF अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति फिलहाल 117 बटालियन की हिरासत में है और उससे आगे की पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन हथियारों को किस उद्देश्य से इकट्ठा किया गया था। इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। BSF ने सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। एंटी-ड्रोन सिस्टम बॉर्डर क्षेत्रों में लगाए पंजाब सरकार की ओर से एंटी-ड्रोन सिस्टम बॉर्डर क्षेत्रों में लगाए गए हैं। हालांकि अब जीपीएस सिस्टम के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस और BSF के सहयोग से इन गतिविधियों को रोकने के लिए नई तकनीक पर काम किया जा रहा है। पहले की तुलना में स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी! MP पुलिस में दोबारा शुरू हुई डायरेक्ट भर्ती प्रक्रिया

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात देते हुए पुलिस विभाग में खेल कोटे से सीधी भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग ने ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। संशोधित नियमों की अधिसूचना 15 जून 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रतिवर्ष पुलिस विभाग में खेल कोटे से 60 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। इनमें उप निरीक्षक (एसआई) के 10 और आरक्षक (कांस्टेबल) के 50 पद शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब ओलम्पिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल तथा विश्व कप या विश्व चैम्पियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। पहले मुख्य रूप से पदक विजेताओं को ही प्राथमिकता मिलती थी।  संशोधित नियमों के अनुसार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, ऊंचाई संबंधी शारीरिक मापदंड, लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) से भी छूट प्रदान की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा द्वारा हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। उप निरीक्षक पद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले अथवा सहभागिता करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे। वहीं आरक्षक पद के लिए राष्ट्रीय खेलों और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी आवेदन कर सकेंगे।  इस निर्णय से खिलाड़ियों को सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे खेल गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इसे खिलाड़ियों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय बताया है।  

क्राइम कंट्रोल के लिए बड़ा प्लान, शिमला में होगी रणनीति; चंडीगढ़ ने पड़ोसी राज्यों से मांगा साथ

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में हाल के दिनों में बढ़ी आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन 19 जून को शिमला में होने वाली उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की स्थायी समिति की 22वीं बैठक में कानून-व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगा। इसके अलावा बुनियादी ढांचा विकास, ट्रैफिक प्रबंधन और सुखना वन्यजीव अभयारण्य के आसपास इको-सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) घोषित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शहर में अपराध करने के बाद कई आरोपित गिरफ्तारी से बचने के लिए पड़ोसी राज्यों में फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में अपराधियों की तलाश और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए समिति के सदस्य राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की मांग की जाएगी। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन रिंग रोड परियोजना को शीघ्र पूरा करने का मुद्दा भी बैठक में उठाएगा। इससे अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना बाहरी मार्ग से ही आगे भेजा जा सकेगा। मोहाली स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक कम दूरी वाले मार्ग का मुद्दा भी चर्चा का हिस्सा बन सकता है। बैठक में सुखना वन्यजीव सेंचरी के आसपास ईको-सेंसिटिव जोन घोषित करने का मामला भी उठाया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन लंबे समय से पंजाब सरकार से इस दिशा में कार्रवाई की मांग करता रहा है। पंजाब ने अभयारण्य की सीमा से 2 से 2.75 किलोमीटर तक के क्षेत्र को संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव रखा था, जबकि पहले केवल 100 मीटर क्षेत्र को ईएसजेड घोषित करने का प्रस्ताव प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था। दूसरी ओर, हरियाणा सरकार ने अपने क्षेत्र में 1 से 1.5 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ईएसजेड घोषित करने की मंशा जताई है। बैठक में चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली तथा चंडीगढ़ शामिल हैं। स्थायी समिति की बैठक का उद्देश्य मुख्य परिषद बैठक के लिए एजेंडा तैयार करना है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने केवल चंडीगढ़ क्षेत्र के लिए ईको-सेंसिटिव जोन अधिसूचित किया था। चंडीगढ़ प्रशासन लगातार यह मांग करता रहा है कि सुखना वन्यजीव अभयारण्य के संरक्षण के लिए पंजाब और हरियाणा के हिस्सों को भी ईएसजेड के दायरे में लाया जाए। प्रशासन का मानना है कि इससे झील और अभयारण्य के आसपास अनियंत्रित व्यावसायिक निर्माण पर रोक लगेगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।  

माफिया की अवैध संपत्ति पर चला बुलडोजर एक्शन, 1.11 करोड़ की जमीन जब्त; इलाके में चस्पा हुआ नोटिस

 प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफियाओं और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया गया है. पुलिस ने कुख्यात माफिया दिलीप मिश्रा की अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई करोड़ों की जमीन को कुर्क कर लिया है. कार्रवाई के दौरान जमीन पर बाकायदा मुनादी कराई गई और कुर्की का नोटिस बोर्ड भी लगा दिया गया।  पुलिस का दावा है कि यह वही जमीन है, जिसे दिलीप मिश्रा ने अपराध की दुनिया से कमाए गए पैसों से खरीदा था. अब इसी जमीन पर पुलिस ने पहुंचकर मुनादी कराई, नोटिस चस्पा किया और कानूनी तौर पर उसे कुर्क कर लिया।  पूरा मामला प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र के खीरी थाना इलाके के सिलौंधी कला गांव का है. यहां करीब 1 करोड़ 11 लाख 24 हजार रुपये कीमत की जमीन को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया है।  पुलिस की जांच में सामने आया कि दिलीप मिश्रा के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की विवेचना के दौरान कई ऐसी संपत्तियों का पता चला, जिन्हें कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदा गया था. इनमें से एक यह जमीन भी थी।  जमीन सीधे दिलीप मिश्रा के नाम पर नहीं थी. पुलिस के मुताबिक, यह संपत्ति उसकी भाभी पुष्पा मिश्रा और पुत्रवधू वीरा मिश्रा के नाम खरीदी गई थी. जांच के बाद पुलिस ने पूरी रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर कोर्ट के सामने रखी. दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दे दिया।  आदेश मिलने के बाद औद्योगिक थाना पुलिस ने डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को कुर्की की जानकारी दी और जमीन पर नोटिस बोर्ड लगा दिया. साथ ही कोर्ट के आदेश के अनुसार खीरी थाना प्रभारी को इस संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया है।  दिलीप मिश्रा का नाम प्रयागराज के चर्चित माफियाओं में गिना जाता है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 54 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वर्तमान में वह जेल में बंद है. दिलीप मिश्रा उस समय भी सुर्खियों में आया था जब उत्तर प्रदेश सरकार के वर्तमान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हुए रिमोट कंट्रोल बम हमले के मामले में उसका नाम सामने आया था. इस मामले में भी वह आरोपी रहा है। 

अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गैंग पर पुलिस का शिकंजा, चंडीगढ़ से 3 आरोपी दबोचे गए

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में एक्टिव अपराधियों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्थानीय अपराधियों को जरूरत पड़ने पर हथियार और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाते थे। तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मौलीजागरां निवासी अभियास यादव (23), डीएमसी कॉलोनी निवासी विकास उर्फ बट्टी (20) और मनीमाजरा निवासी तैयब उर्फ चेतन (20) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई यूटी पुलिस की ओर से असामाजिक तत्वों, वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान ऑपरेशन सेल को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं और स्थानीय अपराधियों को वारदातों के लिए हथियार उपलब्ध करवा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी और तकनीकी व स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की। पहले आरोपी से मिली पिस्टल और कारतूस जांच के दौरान 8 जून को ऑपरेशन सेल की टीम ने बीएसएनएल मोड़ फेज-2 के पास एक संदिग्ध युवक को रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी की पहचान अभियास यादव के रूप में हुई। उसके खिलाफ सेक्टर-31 थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ और पुलिस रिमांड के दौरान उसने अपने अन्य साथियों के बारे में अहम जानकारी दी। पूछताछ में सामने आए दो और नाम अभियास यादव से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 10 जून को सेक्टर-43 स्थित सीटीयू वर्कशॉप के पीछे से विकास उर्फ बट्टी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन का नाम सामने आया। पुलिस ने 15 जून को किशनगढ़ चौक के पास स्लिप रोड से उसे गिरफ्तार किया और तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक देसी कट्टा बरामद किया। अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे हथियार प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए और इन्हें किन अपराधियों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात में किया जा सकता था। आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अभियास यादव के खिलाफ पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली में हत्या के प्रयास, मारपीट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के करीब 19 मामले दर्ज हैं। वहीं विकास उर्फ बट्टी के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन के खिलाफ भी लूट और चोरी के कई मामले दर्ज बताए गए हैं। नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस आरोपियों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इनके संभावित गैंग कनेक्शन क्या हैं और इन हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया जाना था। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

ड्रग्स फैक्ट्री कार्रवाई पर उठे सवाल, कोर्ट के आदेश के बाद 100 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज

आगर मालवा  मध्य प्रदेश के आगर मालवा पुलिस की कार्रवाई पर राजस्थान के झालावाड़ जिले की चौमहला कोर्ट ने दो टीआई समेत 100 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन पिछले दो दिनों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बीती रात प्रकरण दर्ज हुआ है। तत्कालीन एसपी विनोद सिंह ने बताया था कि 28 जनवरी को दी गई दबिश के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया था। राजस्थान में मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत 100 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में हुई NDPS कार्रवाई से जुड़ा है। चौमहला कोर्ट के 13 जून को दिए आदेश पर डग थाने में सोमवार (15 जून) को आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने कहा कि जांच में अन्य आरोपियों की पहचान भी की जाएगी। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़ने का दावा किया था 21 जनवरी 2026 को आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि ड्रग्स घाटाखेड़ी के शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया था। एसपी विनोद सिंह के मुताबिक फैजान की निशानदेही पर 28 जनवरी को 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ दबिश दी गई थी। यहां बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया गया था। इस दौरान दो भाई शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा गिरफ्तार किए गए थे। पांच पॉइंट्स, जिनसे कार्रवाई पर उठे सवाल     आगर मालवा के तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई के दौरान दो बंदूकें, एक ग्राइंडर मशीन और दो ड्रम जब्त करने का दावा किया था। जांच के दौरान सामान नया दिखने पर सवाल उठे, लेकिन एसपी ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया था।     दावा किया गया कि कार्रवाई में राजस्थान पुलिस भी शामिल थी, लेकिन जांच में सामने आया कि उसे इसकी जानकारी ही नहीं थी।     एसपी विनोद कुमार सिंह ने कहा था कि ई-साक्ष्य ऐप से कार्रवाई की रिकॉर्डिंग की गई थी, लेकिन जांच में सामने आया कि वीडियोग्राफी नहीं हुई थी।     पुलिस रिकॉर्ड में शाहिर की गिरफ्तारी सुबह 4:40 बजे, मुनव्वर की 4:45 बजे और जब्ती 5:40 बजे दर्शाई गई। जांच में वीडियोग्राफी और सीसीटीवी से सामने आया कि आगर पुलिस की डग थाना क्षेत्र में आखिरी मौजूदगी 5:05 बजे तक ही थी।     बताया गया कि मध्य प्रदेश पुलिस के वाहन घाटाखेड़ी में करीब 30 मिनट ही रुके थे। इसी दौरान तलाशी, गिरफ्तारी, जब्ती और अन्य कार्रवाई का दावा किया गया, जबकि इतने कम समय में NDPS अधिनियम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होना संभव नहीं था। परिवार ने शुरुआत से पुलिस कार्रवाई को फर्जी बताया गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने स्थानीय राजस्थान पुलिस को सूचना दिए बिना घर में प्रवेश किया, परिजन से बदसलूकी की और उनके बेटों को झूठे NDPS प्रकरण में फंसाया। जानें जांच में क्या-क्या सामने आया? कोर्ट के आदेश पर पुलिस विभाग के जांच अधिकारी द्वारा की गई जांच में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे थे। जांच में सामने आया कि पुलिस द्वारा किए गए जब्ती के दावे से संबंधित कई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे और वीडियोग्राफी का दावा भी झूठा था। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि मध्य प्रदेश पुलिस के वाहन गांव में केवल 30 मिनट ही रुके थे, जबकि इतने कम समय में एनडीपीएस अधिनियम के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है। इस कार्रवाई पर अब कानूनी सवाल उठ रहे इसी जांच रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, रूपसिंह बैस, उप निरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक अजय जाट और पुलिसकर्मी राहुल विश्वकर्मा व शुभम सहित पूरी टीम पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। ऐसे में अब कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज हो गया है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा यहां से की गई पांच करोड़ की मादक पदार्थ जब्ती की कार्रवाई का खुलासा मध्य प्रदेश में टीम द्वारा किया गया था, लेकिन इस कार्रवाई पर अब कानूनी सवाल उठ रहे हैं। दस लाख रुपये मांगने का भी पुलिस पर आरोप इस्तगासे में पीड़ित ने बताया कि उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई। जब उन्होंने कहा कि किसान लोग इतने रुपये कहां से लाएंगे और रुपये देने में असमर्थता जताई, तो उन्हें आगर थाने ले जाया गया। वहां गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों के खिलाफ दो किलो एमडी, 1 किलो स्मैक, कैटामाइन, नशीले इंजेक्शन, केमिकल ड्रम, 2 राइफलें आदि यानी 5 करोड़ रुपये की सामग्री जब्त होना बताकर केस दर्ज कर दिया गया। जबकि इनके परिवार के घरों की तलाशी लेने पर 1 ग्राम सामग्री यानी कुछ भी नहीं मिला। केवल एक लाइसेंसशुदा एकनाली बंदूक, एक एयर गन और 7 मोबाइल जब्त किए गए। शाहिर खान और मनोवर खान को पकड़कर ले जाया गया था और वहां ले जाकर उनके ऊपर मादक पदार्थ की सामग्री का केस बना दिया गया। तलाशी-गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े रिकॉर्ड नहीं मिले हमीद खान ने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद (शिकायती आवेदन) दायर किया। कोर्ट ने उसी दिन जिला पुलिस अधीक्षक झालावाड़ अमित को जांच के आदेश दिए। एसपी ने जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भागचंद्र मीणा को सौंपी। एएसपी मीणा ने आगर आकर दबिश में शामिल थाना प्रभारी शशि उपाध्याय समेत कई पुलिसकर्मियों के बयान लिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े कई रिकॉर्ड नहीं मिले। जांच रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर FIR के आदेश जांच रिपोर्ट और उपलब्ध सबूतों पर विचार के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद डग थाने में शशि उपाध्याय, रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई … Read more

3,298 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा तिथि घोषित, जल्द जारी होंगे पंजाब पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में होने वाली 3,298 कांस्टेबल (जिला एवं आर्म्ड कैडर) भर्ती-2026 के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है।जारी जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इस संबंध में एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। मार्च महीने में निकाली थी भर्ती बता दें कि, पंजाब पुलिस ने यह भर्ती मार्च 2026 में जारी की थी। इस दौरान जिला कैडर में 2,522 और आर्म्ड कैडर में 776 पदों पर भर्ती की जानी है। अब इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। शुरुआत में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में दोबारा लिंक खोलकर 5 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया। इस वजह से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।  

गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, गोल्डी ढिल्लों गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार

पटियाला  गैंगस्टरों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत पटियाला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गैंग के पांच गुर्गों को भारी मात्रा में हथियारों समेत गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 पिस्तौल समेत 20 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी पटियाला में जबरन वसूली के लिए किसी टारगेट किलिंग को अंजाम देने की तैयारी में थे। समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी से यह वारदात होने से टल गई।  आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले  आरोपियों के खिलाफ पहले भी कत्ल, कत्ल की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अर्शदीप सिंह निवासी 16 फाटक के पास गांव रसूलपुर सैदा ज़िला पटियाला, जतिंदर गुप्ता निवासी गोपाल कॉलोनी, पटियाला, यशवैद उर्फ़ यौधा निवासी अजूबा पैलेस के पास संगरूर रोड, पटियाला, अभिषेक निवासी गांव सिहसर तहसील नरवाना, जिला जींद (हरियाणा), अखिल अहमद निवासी ऋषि कॉलो, पटियाला शामिल हैं। सभी आरोपियों को पटियाला में साधु बेला रोड के पास एक सुनसान जगह से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर की गश्त सोमवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि सीआईए टीम थाना अर्बन एस्टेट के इलाकों में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस पार्टी को गोपनीय सूचना मिली कि गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गैंग के गुर्गे अर्शदीप सिंह पुत्र बिंदर, जतिंदर गुप्ता पुत्र रमेश चंद गुप्ता, यशवैद उर्फ यौधा पुत्र अशोक कुमार, अभिषेक पुत्र राजेश कुमार और अखिल अहमद पुत्र हरीश अहमद पटियाला में साधु बेला रोड के पास एक सुनसान जगह पर बैठकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम जेने की योजना बना रहे हैं। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में थाना अर्बन एस्टेट पटियाला में मामला दर्ज किया और आरोपियों को साधु बेला रोड के पास सुनसान जगह से गिरफ्तार कर लिया।  हथियार और नशा तस्करों के संपर्क में थे आरोपी  पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 पिस्तौल 32 बोर, 4 पिस्तौल 315 बोर और एक रिवॉल्वर 32 बोर (कुल 10 पिस्तौल समेत 20 कारतूस) बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का अपराधिक रिकार्ड है, इनके खिलाफ कत्ल, कत्ल की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में ये गिरफ्तार होकर कईं बार जेल जा चुके हैं। जेलों में बंदी के दौरान यह आरोपी पंजाब की सीमा से सटे जिलों के नशा और हथियार तस्करों के संपर्क में आए। आरोपी यशवैद उर्फ यौधा ने जेल से बाहर आकर सोशल मीडिया के जरिये तरनतारन से संबंधित अपने एक साथी से संपर्क किया और उससे हथियारों की खेप मंगवाने का सौदा किया। ये हथियार गिरफ्तार आरोपियों ने विरोधी गिरोहों के साथ गैंगवार करने और गुटबाजी के दौरान वारदातें करके विरोधियों को जानी नुकसान पहुंचाने के लिए मंगवाए थे। पटियाला पुलिस यह भी पता कर रही है कि आरोपियों ने हथियारों की यह खेप मंगवाने के लिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए हवाला डीलर या किसी दूसरे वित्तीय माध्यम का इस्तेमाल किया है। 

रायपुर में नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप, शादी का वादा कर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज; अधिकारी मेडिकल लीव पर

रायपुर राजधानी रायपुर के गंज थाना में सूरजपुर जिले में पदस्थ एक नायब तहसीलदार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। रायपुर निवासी एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद से आरोपित अधिकारी के फरार होने की चर्चा है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सोशल मीडिया के जरिए हुई थी पहचान पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती और आरोपित अधिकारी की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि दिवाकर भास्कर ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे के आधार पर उसने युवती को रायपुर के एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद जब उसने शादी की बात दोबारा उठाई, तब आरोपित लगातार टालमटोल करने लगा। इसके बाद युवती को संदेह हुआ कि उससे धोखे से संबंध बनाए गए हैं। मामले को गंभीर मानते हुए उसने गंज थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार जानकारी के मुताबिक दिवाकर भास्कर वर्तमान में सूरजपुर जिले के लटौरी क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 6 जून से मेडिकल लीव ले रखी है और तब से कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुए हैं। पुलिस टीम आरोपित की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। उसके निवास सहित अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी जांच की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस को आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता नहीं मिली थी। संरक्षण मिलने के आरोपों पर पुलिस का जवाब मामले के सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों और शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपित अधिकारी को संरक्षण दिया जा सकता है। इस संबंध में गृह मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की गई है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की होगी जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना के दौरान होटल में ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और आरोपित से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

इंदौर PTC ग्राउंड पर 988 नए आरक्षकों की पासिंग आउट परेड, महिला जवानों ने जीता दिल

इंदौर   पीटीसी ग्राउंड पर मंगलवार को 988 नए आरक्षकों की दीक्षांत परेड हुई. परेड में शामिल होने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना पहुंचे. परेड में पहली बार 700 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया. महिला आरक्षकों की फुर्ती और दमखम देखकर डीजीपी कैलाश मकवाना फूले नहीं समाए. डीजीपी ने इस मौके पर युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी।  बहुत जल्द 8 हजार आरक्षकों की भर्ती होगी डीजीपी कैलाश मकवाना ने नए आरक्षकों को बताया "पुलिस सेवा में रहकर किस प्रकार जनता की सेवा करना है." पुलिस सेवा में आने वाली चुनौतियों से निपटने के तरीके डीजीपी ने बताए. डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा "मध्य प्रदेश पुलिस में 8 हजार से अधिक वैकेंसी निकलने वाली है. पिछले दिनों साढ़े 7 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति हुई है. आने वाले दिनों में सिंहस्थ की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल लगेगा. उसी को देखते हुए आने वाले दिनों में पुलिस बल की कमी को पूरा करने के लिए वैकेंसी निकाली जाएंगी।  पुलिस की वर्दी पहनकर फूले नहीं समाए युवा डीजीपी ने नवआरक्षकों को लेकर कहा "अब ये लोग अपनी-अपनी बटालियन के साथ अलग-अलग जिलों में पदस्थ होंगे. जिन आरक्षकों ने इस परेड में हिस्सा लिया, उन्होंने सालभर अलग-अलग विधाओं में परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया. उसके बाद आज वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं. कार्यक्रम में महिला आरक्षकों ने अलग-अलग मनमोहक प्रस्तुतियां दी।  महिला आरक्षकों के जोश को देखकर कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अफसरों के चेहरे खिल गए. वहीं नवआरक्षकों ने कहा कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर गर्व महसूस कर रहे हैं. वह देश सेवा व जनसेवा के लिए तैयार हैं. उन्हें बेहतरीन तरीके से ट्रेनिंग दी गई है. उनका सपना साकार हो गया है. डीजीपी ने उन्हें काफी मोटिवेट किया है. उनके दिए निर्देशों का वह पूरी तरह से पालन करेंगे।