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IED धमाकों के बाद पंजाब में हाई अलर्ट, हलवारा एयरफोर्स स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई गई

जालंधर/अमृतसर जालंधर और अमृतसर में हुए आईईडी धमाकों के बाद भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सेना केंद्र के मुख्य द्वार के बाहर जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस के दर्जनों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गये हैं। गुरुवार रात 10 बजे के करीब एसएसपी डॉ अंकुर गुप्ता खुद नाकेबंदी की कमान संभाले नजर आये और सभी वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है।  लुधियाना बठिंडा राजमार्ग पर भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा कस्बा सुधार बाजार और आसपास के इलाके में पुलिस की गश्त हो रही है और हूटर बजाते सुरक्षा वाहन लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस के अधीन सभी थाना चौकियों से आए कई अधिकारी और मुलाजिम वायु सेना केंद्र के आसपास सभी जगहों की कड़ी निगरानी कर रहे हैं और हर एक संदिग्ध से इलाके में होने के बारे में पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि भारत के अहम लड़ाकू विमानों के बेस हलवारा वायु सेना केंद्र में पहले से थ्री लेयर सुरक्षा प्रणाली तैनात है जिसके चलते अंदर तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता लेकिन किसी संभावित थ्रेट के मद्देनजर स्टेशन परिसर के बाहर राज मार्ग और सभी लिंक सड़क पर सिविल पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के अलावा ग्रामीण पुलिस के अन्य बड़े अधिकारी भी पॉइंट टू पॉइंट नाकेबंदियों की समीक्षा कर रहे हैं। सिविल कपड़ों में खुफिया विभागों के अधिकारी और मुलाजिम भी नजर बनाए हुए हैं। वायु सेना केंद्र के चारों तरफ बनी मजारों और अन्य स्थानों पर बैठने वाले लोगों समेत पंचायतों से भी कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध के बारे में पुलिस को तुरंत जानकारी दी जाए। गौरतलब है कि एक दशक पहले भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा स्थित सेना के सीवी गोले इंडोर ऑडिटोरियम के बाहर एक मारुती कार में आईईडी बम लगाया गया था जिसे समय रहते डीफ्यूज कर दिया गया था।  

मरीजों की बीमारी पर ‘कमीशनखोरी’ का इलाज!

मरीजों की बीमारी पर ‘कमीशनखोरी’ का इलाज! राजपुर अस्पताल के तीन डॉक्टर लोकायुक्त के शिकंजे में, पैथोलॉजी जांच को बना रखा था ‘कमाई का धंधा’  बड़वानी सरकारी अस्पताल, जहां मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं अगर डॉक्टर बीमारी नहीं बल्कि “कमीशन” देखने लगें, तो व्यवस्था पर सवाल उठना तय है। ऐसा ही शर्मनाक मामला राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया, जहां तीन डॉक्टर मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब पर भेजने के एवज में मोटा कमीशन वसूलते पकड़े गए। विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन की इंदौर इकाई ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीनों डॉक्टरों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में लंबे समय से “जांच के नाम पर कमीशन” का खेल चल रहा था और मरीजों को सिर्फ इसलिए एक विशेष लैब पर भेजा जा रहा था ताकि डॉक्टरों की जेब गर्म होती रहे। शिकायतकर्ता अदनान अली, जो राजपुर की एक पैथोलॉजी लैब में मैनेजर है, ने लोकायुक्त को बताया कि पहले डॉक्टर 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे, लेकिन पिछले महीने से लालच इतना बढ़ गया कि तीनों ने मिलकर सीधे 50 प्रतिशत हिस्सा मांगना शुरू कर दिया। यानी मरीजों की जेब कटे और डॉक्टरों की कमाई बढ़े — यही खेल चल रहा था। लोकायुक्त जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप बिछाया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी डॉक्टरों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। डॉ. अमित शाक्य — 8 हजार रुपए डॉ. दिव्या साईं — 5 हजार रुपए डॉ. मनोहर गोदारा — 12 हजार रुपए लोकायुक्त टीम ने कुल 25 हजार रुपए की रिश्वत राशि बरामद की। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज अब “कमीशन आधारित व्यवस्था” बन चुका है? और यदि लोकायुक्त की कार्रवाई नहीं होती, तो यह खेल आखिर कब तक चलता रहता? सूत्रों की मानें तो अब इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। राजपुर अस्पताल में हुई इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

वर्षों से लापता लोगों की तलाश में जुटी एमसीबी पुलिस, आमजन से मांगा सहयोग

वर्षों से लापता लोगों की तलाश में जुटी एमसीबी पुलिस, आमजन से मांगा सहयोग बुजुर्ग महिला से लेकर युवाओं तक के कई मामलों में अब तक नहीं मिला सुराग, पुलिस ने जारी किए संपर्क नंबर मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में वर्षों से लापता लोगों की तलाश को लेकर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी भी गुमशुदा व्यक्ति के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके। पुलिस के अनुसार थाना चिरमिरी क्षेत्र से वर्ष 2020 में लापता हुई 75 वर्षीय श्रीमती कुसुमनी पति संतोष कुमार राय निवासी गोदरीपारा, चालिस घोड़ा का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बताया गया कि 24 नवंबर 2020 की रात वे घर से बिना बताए कहीं चली गई थीं। परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों एवं रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी तरह वर्ष 2019 में थाना चिरमिरी में दर्ज एक अन्य मामले में 20 वर्षीय विक्रम पिता सची शंकर निवासी छोटी बाजार, दलगंजन दफाई भी अचानक घर से लापता हो गया था। परिवार द्वारा लगातार खोजबीन किए जाने के बावजूद युवक का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। वहीं तीसरे मामले में 26 वर्षीय श्रीमती जयमती सारथी पति बहादुर सारथी निवासी परसिया थाना ओड़गी जिला सूरजपुर वर्ष 2020 से लापता हैं। जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद वे घर से निकल गई थीं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। इसी कड़ी में थाना चिरमिरी क्षेत्र से वर्ष 2020 में लापता हुई 82 वर्षीय वृद्ध महिला खिरो नायक का मामला भी पुलिस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। गुम इंसान क्रमांक 15/2020 के तहत दर्ज मामले में खिरो नायक, पति स्वर्गीय धनु नायक निवासी हरीनगर ईवाई हल्दीबाड़ी थाना चिरमिरी, 19 अगस्त 2020 को दोपहर करीब 12 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई थीं। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद 21 अगस्त 2020 को थाना चिरमिरी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। एमसीबी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश उनकी प्राथमिकता में शामिल है और सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को इन गुमशुदा लोगों के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त होती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। संपर्क हेतु पुलिस अधीक्षक एमसीबी – 9479194855, सीएसपी चिरमिरी – 9479193703, थाना चिरमिरी – 9479193709 तथा कंट्रोल रूम – 9479160180 पर जानकारी दी जा सकती है।

ब्योहारी तहसील के एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त का छापा ,15 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार!

ब्योहारी  तहसील कार्यालय में भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए बीर सिंह कर रहा था एसडीएम कार्यालय में पेशकार का काम। कई सालों से यहां पर था पदस्थ। बिना लिये दिए नहीं होता तहसील कार्यालय में किसी का कोई काम। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की लिखी जा  रही इवारत की खबरों की हो गई पुष्टि भ्रष्टाचार का गढ़ बना तहसील कार्यालय, पैसों के दम पर होते है फैसले। तहसील कार्यालय में हुई लोकायुक्त की दविश से मची खलबली। ब्यौहारी- भ्रष्टाचार के विरुद्ध रीवा लोकायुक्त की टीम ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यौहारी तहसील में अनुभागीय अधिकारी कार्यालय के बाबू पेशकार को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। न्यायालयीन प्रकरण में पक्ष में फैसला सुनाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। ​जमीनी विवाद के फैसले के बदले मांगी थी पंद्रह हजार की घूंस। ​मिली जानकारी अनुसार, तहसील कार्यालय के अनुभागीय अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक वीर सिंह जो भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए यहां सालों से पेशकार का काम करता रहा है। जिसने एक जमीनी विवाद के मामले में निर्णय पीड़ित पक्ष के हक में करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो वह मामले का निर्णय दूसरे पक्ष संपत जायसवाल के समर्थन में करवा देगा। ​20 हजार में तय हुआ था सौदा। ​शिकायतकर्ता अंकिता जायसवाल पति सुरेश जायसवाल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से की थी। बताया जा रहा है कि एसडीएम के बाबू वीर सिंह ने शुरुआत में 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में मामला 15,000/- रुपये में तय हुआ। ​लोकायुक्त रीवा की कार्यवाही ​शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की बारह सदस्यी टीम ने जाल बिछाया और तहसील के एसडीएम कार्यालय में जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम बाबू वीर सिंह को दी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।  लोकायुक्त की टीम फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही कर रही है।

जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता

जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेन्द्रगढ़  जिले में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने फिल्मी अंदाज में एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार गुटरा के जंगल में लंबे समय से 52 पत्तों का जुआ संचालित हो रहा था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रणनीतिक घेराबंदी कर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई और कई भागने की कोशिश में जुट गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से 5 जुआरियों को गिरफ्तार किया। साथ ही जुआ खेलने में इस्तेमाल सामग्री और नगदी भी जब्त की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्ती के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राजस्थान पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग के शार्प शूटर को पकड़ा, 27 मामले दर्ज

जयपुर  राजस्थान पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के जरिए अहम सफलता हासिल की है। जयपुर में की गई इस कार्रवाई के तहत सुजानगढ़ के चर्चित जेडीजे ज्वैलर्स फायरिंग कांड के मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को तीन साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, कृष्ण सिंह कुख्यात रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। वह रंगदारी वसूली के लिए फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से वांछित था और लगातार फरार चल रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक और बड़े अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी दबोचा है, जो 27 मुकदमों में शामिल आदतन अपराधी बताया जा रहा है। वैशाली नगर और मकराना क्षेत्र की पुलिस के लिए वह लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। एजीटीएफ की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक वारदातों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। इस पूरे अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में किया गया। टीम प्रभारी प्लाटून कमांडेंट सोहन सिंह सहित पुलिस दल के अन्य सदस्यों ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजस्थान पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, कानून के हाथ उनसे ज्यादा दूर नहीं हैं।

गर्लफ्रेंड ने वीडियो बनाई, बॉयफ्रेंड जलता रहा; वेस्टर्न स्टाइल रोमांस के चक्कर में हुई यह घटना

बेंगलुरु किरण और 27 साल की प्रेरणा पिछले एक साल से रिलेशनशिप में थे। दोनों ही एक ही टेलीकॉम कंपनी में साथ काम करते थे।  जब प्रेरणा का भाई और मां घर पर नहीं थे, तब उसने किरण को अपने घर बुलाया। पुलिस जांच के अनुसार, प्रेरणा ने किरण को एक विदेशी स्टाइल में प्रपोजल देने के लिए कहा। उसने किरण को एक कुर्सी पर बैठाया और उसके हाथ-पैर बांधने शुरू कर दिए। जब किरण ने हाथ-पैर कसकर बांधने पर सवाल उठाया, तो प्रेरणा ने उसे यह कहकर शांत कर दिया कि यह एक रोमांटिक सरप्राइज का हिस्सा है। किरण ने अपनी प्रेमिका पर भरोसा किया और विरोध नहीं किया। जैसे ही किरण पूरी तरह असहाय हुआ कि प्रेरणा ने उसके ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया और आग लगा दी। कुर्सी से बंधे होने के कारण किरण के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह केवल एक हत्या नहीं थी, बल्कि एक विकृत मानसिकता का प्रदर्शन था। सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि जब किरण आग की लपटों में घिरा हुआ था तो आरोपी प्रेरणा अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बना रही थी। पुलिस को संदेह है कि पेट्रोल पहले से ही घर में लाकर रखा गया था। यह साबित करता है कि यह क्षण भर के गुस्से में की गई वारदात नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। हत्या के पीछे का मकसद प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि प्रेरणा इस बात से बेहद नाराज थी कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा था और उसने शादी करने से इनकार कर दिया था। इसी गुस्से और बदले की भावना ने उसे इस क्रूर कदम को उठाने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में प्रेरणा ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि वह वॉशरूम में थी और बाहर निकलने पर उसने किरण को जलते हुए पाया। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूतों ने उसके झूठ की पोल खोल दी, क्योंकि किरण अपने साथ कोई ज्वलनशील पदार्थ लेकर नहीं आया था। पुलिस ने प्रेरणा को हिरासत में ले लिया है। हत्या का मोबाइल वीडियो पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत बन गया है।

कपल्स के लिए पुलिस विभाग का कदम: 33 ट्रांसफर, पति-पत्नी एक ही जिले में करेंगे सेवा

रोहतास  शाहाबाद पुलिस प्रक्षेत्र के चारों जिलों रोहतास, भोजपुर, बक्सर और कैमूर में तैनात 33 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। इस निर्णय के बाद अब प्रक्षेत्र में कार्यरत पति-पत्नी एक ही जिले में रहकर अपनी ड्यूटी कर सकेंगे। प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह तबादला आदेश जारी किया गया है। यह कदम पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव को कम करने और उनके पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। पांच वर्ष की सेवा का तय था पैमाना  तबादलों के लिए कड़े मानक निर्धारित किए गए थे। इसके तहत केवल उन्हीं कर्मियों के आवेदनों पर विचार किया गया, जिन्होंने अपनी वर्तमान तैनाती स्थल पर कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। नियमानुसार किसी भी पुलिसकर्मी को उसके गृह जिले में पोस्टिंग नहीं दी गई है। साथ ही, पूरे सेवाकाल में इस आधार पर अधिकतम दो बार ही स्थानांतरण की सुविधा दी जाएगी। चूंकि ये सभी तबादले कर्मियों के स्वयं के अनुरोध पर किए गए हैं, इसलिए विभाग की ओर से किसी प्रकार का यात्रा या स्थानांतरण भत्ता नहीं दिया जाएगा। इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। मुख्यालय के निर्देशानुसार, कर्मियों को नए जिले के लिए विरमित करने से पहले संबंधित कार्यालय प्रमुख उनकी सर्विस बुक और अन्य अभिलेखों की गहन जांच करेंगे। किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर स्थानांतरण रोक दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कुल 70 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 37 आवेदनों को तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया। पात्रता पूरी करने वाले 33 पुलिसकर्मियों के तबादले की सूची जारी की गई है। पारिवारिक आधार पर प्रमुख तबादले     अनि राधिका रमण का सारण से कैमूर जिला बल में तबादला किया गया है। उनकी पत्नी रोहतास में शिक्षिका हैं।     अनि रश्मि का रोहतास से बांका जिला बल में स्थानांतरण हुआ है। उनके पति भागलपुर में पदस्थापित हैं।     अनि रणधीर कुमार का सहरसा से रोहतास जिला बल में तबादला किया गया है। उनकी पत्नी औरंगाबाद में शिक्षिका हैं।     सिपाही स्मृति का रोहतास से जमुई जिला बल में स्थानांतरण हुआ है। उनके पति जमुई में सहायक प्राध्यापक हैं। क्यों खारिज हुए 37 आवेदन? पुलिस मुख्यालय की समिति ने 70 में से 37 आवेदनों को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया। इसके प्रमुख कारण रहे:  

भोपाल की हाई-प्रोफाइल लड़कियां रील्स से नशा बेचने का तरीका सीख रही थीं, VIP स्टाइल में पुलिस को चकमा

भोपाल  राजधानी भोपाल में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने नशा तस्करी के एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो लग्जरी और सादगी के मुखौटे के पीछे काला कारोबार कर रहा था। भोपाल पुलिस ने दो युवतियों और उनके एक पुरुष साथी को ओडिशा से गांजा लाकर भोपाल में बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एसी फर्स्ट क्लास में वीआईपी बनकर सफर करते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि पुलिस महिलाओं और रईस दिखने वाले यात्रियों की तलाशी कम ही लेती है। पुलिस ने इनके पास से करीब 6.285 किलो गांजा और मोटरसाइकिल बरामद की है। रील्स ने दिखाया रास्ता पकड़ी गई युवतियों में से एक M.Com की छात्रा है जो कॉल सेंटर में काम करती है, जबकि दूसरी 10वीं पास है और एक दुकान पर काम करती थी। उनका साथी प्रॉपर्टी डीलर है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उन्हें ओडिशा से सस्ते गांजे की तस्करी का आईडिया सोशल मीडिया रील्स, विज्ञापनों और खबरों से मिला था। उन्होंने देखा कि ओडिशा में गांजा 4,000–5,000 रुपये प्रति किलो मिल जाता है, जबकि भोपाल में इसे 40,000 रुपये तक में बेचा जा सकता है। तस्करों ने पुलिस की मानसिकता को हथियार बनाया था, उन्हें लगा कि अमीर दिखने वालों पर हाथ नहीं डाला जाएगा। पर अपराधियों का हर हाई फाई तरीका पुलिस के रडार पर है। जांच अधिकारी विदेशी टूरिस्ट का हुलिया बनाकर करते थे सफर इन युवतियों का तस्करी का तरीका बेहद शातिर था। ये महंगे कपड़े पहनती थीं और उनके पास मौजूद बैग विदेशी पर्यटकों जैसे होते थे। वे जानबूझकर एसी फर्स्ट क्लास में टिकट बुक कराती थीं। उन्हें पता था कि पुलिस आमतौर पर एसी कोच के यात्रियों, खासकर महिलाओं पर शक नहीं करती। इसी एलीट क्लास की आड़ में वे भारी मात्रा में गांजा छिपाकर भोपाल लाती थीं। लेकिन एक ग्राहक द्वारा पुलिस मुखबिर को दी गई सूचना ने इनके इस सफर का अंत कर दिया।    

पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार

भोपाल  थाना अयोध्या नगर,जोन-02 पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 02 युवती सहित  03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार – आरोपियों से 6.285 किलों गांजा और मोटर सायकिल सहित कुल 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त जप्त । – उडिसा से लाकर भोपाल में खपाते थे गांजा ।   – रीवा एवं रायसेन निवासी आरोपीगण, भोपाल में किराये से रहकर कर रहे थे गांजा तस्करी । – स्कूल कॉलेज के युवाओं और स्लम एरिया के छोटे मजदूरों को करते थे टारगेट । – पुलिस उपायुक्त जोन 2 विवेक सिंह के निर्देशन में गांजा तस्करो पर सख्त कार्यवाही।                गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुरुप पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान और अवैध मादक पदार्थों के तस्करों पर सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त संजय कुमार (भापुसे) एवं अति. पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा लगातार निर्देशित किया जा रहा है ।                 उक्त दिशा निर्देशों के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 विवेक सिंह (भापुसे) के सतत निर्देशन में, अति.पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे थाना अयोध्यानगर पुलिस द्वारा गांजा तस्करों को चिह्नित कर सतत नजर बनाए रखते हुए गांजा बेचने की फिराक में 02 युवती और  01 युवक सहित 03 गांजा तस्कर आरोपियों को 6.285 किलो गांजा व 1 मो.सा. सहित गिरफ्तार कर लगभग 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त करने में सफलता प्राप्त की । घटना का विवरणः- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा मामूर मुखबिरो से सूचना पर अरेड़ी रोड पर निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास आम रोड से 2 युवती और 1 युवक सहित 3 गांजा तस्करो को पकडा जिनके कब्जे से एक  जिक्सर मोटर सायकिल तथा 6.285 किलोग्राम गांजा कीमती करीबन 02.70 लाख रुपये जप्त किया गया। आरोपियों ने पुछताछ में नाम पता- 1. नाम विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल, 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल तथा 3. आरोही सिंह उर्फ सरीता चौहान पिता केशव सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हाल पता नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल बताया। – आरोपियों से आगे की ट्रेल के बारे में जानकारी ली गई पुछताछ में आरोपीगणों ने बताया कि उडीसा से गांजा खरीद लाकर भोपाल एवं रायसेन में बेचते थे । विशेष तौर पर ओडिशा से गांजा युवतियां लेकर आती थी और अपने साथी मित्र आरोपी विनय के साथ भोपाल में कालेज के छात्र छात्राओं तथा स्लम एरिया के मजदूर वर्गों टारगेट करते हुए कुछ पैडलर्स को सप्लाई करते थे, जिसके बारे में जानकारी लेकर पुलिस विवेचना कर रही है। –  आरोपीगण किराये के मकान में अपने परिवार से अलग रहते हैं। स्वयं के बड़े खर्चे, लग्जरी लाईफ स्टाईल और जल्दी ज्यादा पैसा कमाने हेतु गांजा तस्करी का काम शुरू करना बताया ।  जप्तमाल–  गांजा 6.285 किलोग्राम, 01 मोटर सायकिल. जिक्सर क्र एम.पी.04 जेड.जी.0687, कुल कीमत लगभग 270000/-रूपये ) । आरोपीः– 1. विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन  हालपता –  अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा- स्नातक व्यवसाय-  प्राँपर्टी का काम करता था  । पहले पेटीएम में काम कर चुका है। 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन। हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा-  10वीं व्यवसाय- दुकान पर काम करती हैं  । 3. आरोही सिंह चौहान पिता कौशल सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हालपता – नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल । शिक्षा- एम. काँम  व्यवसाय- काँल सेन्टर में काम करती हैं  । सराहनीय भूमिका –         थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि. विजय सिह कर्चुली, सउनि मनोज कछवाहा, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रूपेश सिह जादौन , प्रआर 2307 दिनेश मिश्रा, प्रआर 3330 अतुल सिह, आर 3514 राजेश अन्नोठिया, जितेन्द्र जाट, आर पुष्पेन्द्र, आर अम्बरीश तिवारी, म.आर.3871 मोनिका जयसवाल, म.आर.3489 पूजा राठौड, म.आर.502 अपर्णा कटारे, आर भूपेन्द्र सिंह (टेकनिकल सेल) सराहनीय भूमिका रही ।