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लखनऊ में परीक्षा अभ्यर्थियों से बदसलूकी पड़ी भारी, छेड़छाड़ के आरोपी ऑटो चालक का एनकाउंटर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिपाही भर्ती परीक्षा देने जा रही दो युवतियों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया. युवतियों ने हसीब नाम के ऑटो चालक पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया. इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार की देर को रात लखनऊ के पारा इलाके में आरोपी हसीब का एनकाउंटर कर दिया. इस एनकाउंटर में हसीब के पैर में गोली जा लगी. इसके बाद पुलिस हसीब को घायल अवस्था में अस्पताल लेकर गई और उसको भर्ती कराया. पुलिस ने आरोपी हसीब के पास से तमंचा, कारतूस और ऑटो बरामद किया है. बताया जा रहा है कि दोनों युवतियां लखीमपुर जिले की रहने वाली थीं और परीक्षा देने जा रही थीं।  यूपी पुलिस की परीक्षा देने जा रही थीं लड़कियां दोनों लड़कियों को लखनऊ में ट्रेन से उतर कर रायबरेली बस से जाना था. रेलवे स्टेशन से बस अड्डे तक के लिए दोनों युवतियां हसीब के ऑटो में बैठी थीं. इस दौरान आरोपी हसीब उनको बस अड्डे न ले जाकर एक सुनसान इलाके में लेकर चला गया. जहां उसने दोनों लड़कियों से छेड़छाड़ की. वहीं जब युवतियों ने विरोध करना शुरू किया तो आरोपी हसीब ने उनकी पिटाई कर दी. इस दौरान युवतियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. फिर आरोपी हसीब मौके से फरार हो गया।  पुलिस ने आरोपी हसीब का किया एनकाउंटर इसके बाद दोनों पीड़िता नजदीकी थाने पहुंचीं. फिर पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज कराई और परीक्षा के लिए रायबरेली भेजा. पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज की मदद लेकर आरोपी हसीब की पहचान की और देर रात पुलिस की घेरेबंदी में फंस गया. इस दौरान उसने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की और गोली हसीब के पैर में जा लगी. बताया जा रहा है कि आरोपी हसीब पहले भी हरदोई में दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है।   

सीमा पार तस्करी पर बड़ा वार, अमृतसर में हथियार-हवाला रैकेट का भंडाफोड़

अमृतसर  अमृतसर जिला शहरी पुलिस ने  सीमा पार संचालित अवैध हथियार तस्करी और हवाला नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक अफगान नागरिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से आठ अत्याधुनिक पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।  विदेशी तस्कर के संपर्क में थे आरोपी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे एक तस्कर के संपर्क में थे, जो छिपे हुए ड्रॉप प्वाइंट्स के जरिए अवैध हथियारों की खेप भेजता था। पुलिस के अनुसार ये हथियार आपराधिक तत्वों तक पहुंचाए जाने थे, जहां से उन्हें आगे सप्लाई किया जाना था। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि  थाना इस्लामाबाद और थाना गेट हकीमां में केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने, विदेश में बैठे संचालकों तक पहुंचने और आगे-पीछे के संपर्कों की जांच में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व अतिरिक्त बरामदगी की संभावना है।  उन्होंने कहा कि अवैध हथियार तस्करी, हवाला कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 

सतर्कता और संवेदनशीलता की मिसाल: पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से बची जिंदगी

मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण आरक्षकों ने सीपीआर देकर बचाई आगंतुक की जान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने आरक्षकों को पुरस्कृत करने की घोषणा की समय पर दिए गए सीपीआर से अचेत आगंतुक को मिला नया जीवन भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से प्रदान किए जाने वाले सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम लगातार सामने आ रहे है। इसी के परिणामस्‍वरूप आज पुलिस आयुक्त कार्यालय, भोपाल में पदस्थ दो आरक्षकों ने त्वरित सूझबूझ, तत्परता एवं सीपीआर कौशल से एक अचेत नागरिक को समय रहते जीवनरक्षक सहायता प्रदान कर उसकी जान बचाई। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने दोनों पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय पुलिस आयुक्त, नगरीय पुलिस भोपाल में एक आगंतुक अचानक अस्वस्थ होकर अचेत अवस्था में जमीन पर गिर पड़ा। घटना को देखते हुए वहां मौजूद चालक आरक्षक क्रमांक 858 मुकेश साहू एवं गनमैन आरक्षक क्रमांक 3685 रंजीत रघुवंशी ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार प्रारंभ किया। दोनों आरक्षकों ने प्रशिक्षित दक्षता का परिचय देते हुए अचेत व्यक्ति को तत्काल सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। उन्होंने बारी-बारी से लगातार सीपीआर प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही समय में आगंतुक को होश आ गया। प्राथमिक उपचार के उपरांत उसे बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल भेजा गया। उल्‍लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा समय-समय पर पुलिसकर्मियों को सीपीआर एवं अन्य आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि दुर्घटना, हृदयाघात अथवा अन्य आपात स्थितियों में नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आज की यह घटना ऐसे प्रशिक्षणों की उपयोगिता और प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा एवं सेवा के अपने संकल्प के अनुरूप कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रतिबद्ध है।  

पंडोरी की तलाश में पहुंची पुलिस, देर रात छापेमारी के बाद खाली हाथ लौटी टीम

अमृतसर  शिरोमणि अकाली दल की बीसी विंग के प्रधान एवं पार्षद इंद्रजीत सिंह पंडोरी के निवास पर बीती रात करीब ढाई बजे पुलिस की कई टीमें पहुंचीं। चार पुलिस वाहनों में पहुंचे अधिकारियों ने पंडोरी के घर पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि देर रात पुलिस कर्मियों ने घर पर पहुंचकर इंद्रजीत सिंह पंडोरी के बारे में पूछताछ की। जब परिवार के सदस्य बाहर आए तो उन्होंने पुलिस को बताया कि पंडोरी घर पर नहीं हैं। इसके बाद पुलिस टीम बिना किसी कार्रवाई के वहां से लौट गई। सूत्रों के अनुसार पुलिस इंद्रजीत सिंह पंडोरी को हिरासत में लेने के उद्देश्य से पहुंची थी, लेकिन उनके घर पर नहीं मिलने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। हालांकि पुलिस किस मामले में उन्हें हिरासत में लेने पहुंची थी, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह मजीठा में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के समर्थक जोबनजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में मजीठिया अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और उसे पुलिस हिरासत से छुड़वा लिया था।

सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में बड़ा एक्शन, अवैध मदरसों पर कार्रवाई और अपराधियों की परेड

 गाजियाबाद  यूपी के गाजियाबाद में पुलिस-प्रशासन का 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' जारी है. सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा इलाके को अपराध मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे इस ऑपरेशन के तीसरे और फाइनल दिन मंगलवार को तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया. वक्फ निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा. पुलिस ने घर-घर जाकर 600 अपराधियों का सत्यापन किया, संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और पुराने बदमाशों से अपराध न करने की शपथ दिलवाई।  खोड़ा के तीन अवैध मदरसे किए गए सील आपको बता दें कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़, डीएम रविन्द्र एम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चन्द्र तिवारी की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन की अगुवाई की. मोहल्ले-मोहल्ले जाकर अपराधियों की शिनाख्त की गई और कानूनी एक्शन लिया गया।  इन सबके बीच प्रशासन की टीम ने खोड़ा के मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल उलूम (मोहल्ला बीरबल), सुल्तान अलारफीन मदरसा और एक अन्य मदरसे को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया है. यह कार्रवाई मदरसों के गैर-मान्यता प्राप्त होने, अवैध संचालन, कार्यालय में पंजीकृत न होने और परिसर में अग्निशमन व विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी (NOC) न होने के कारण की गई. संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।  अपराधियों का सत्यापन और थानों में ली शपथ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का असर अब पूरे गाजियाबाद जिले में दिखने लगा है. खोड़ा कॉलोनी में घर-घर जाकर 3 दिन के अंदर 600 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स का वेरिफिकेशन किया गया. इसके अलावा, साहिबाबाद, इंदिरापुरम और खोड़ा थानों में करीब 150 पुराने अपराधियों को बुलाकर चेतावनी दी गई, जिसके बाद करीब 80 लोग तख्ती लेकर साहिबाबाद थाने पहुंचे और भविष्य में कभी अपराध न करने की शपथ ली।  संदिग्ध किराएदारों की जांच और असद के घर पर नोटिस खोड़ा के घने आबादी वाले इलाके में बिना वेरिफिकेशन के रह रहे किराएदारों और कमर्शियल जगहों की लिस्ट खंगालकर चेकिंग चलाई जा रही है. मुख्य आरोपी असद के घर के दरवाजे पर एसडीएम (SDM) का नोटिस लगा है, जिसे सोमवार को कुछ लोगों ने तोड़ने की कोशिश की थी. पड़ोसी ललित के मुताबिक असद के पिता नवाब ने यह मकान 6 महीने पहले किसी डीलर को बेच दिया था, लेकिन असद कभी-कभार गली में आया करता था।  असद के मददगार गिरफ्तार, सारिक मेवाती फरार पुलिस ने इस मामले में गहराई से जांच करते हुए कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है और कुछ को छोड़ दिया गया है. मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने साजिश रचने और मदद करने के आरोप में उसके पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी सारिक मेवाती अभी भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। 

छात्राओं की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष फोकस, जनजातीय बालिकाओं को दी जा रही जानकारी

जनजातीय छात्राओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जा रहा जागरूक रक्षा सखी अभियान के तहत बड़वानी पुलिस दे रही महिला सुरक्षा, साइबर अपराध एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी भोपाल जनजातीय छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से बड़वानी पुलिस द्वारा “रक्षा सखी” अभियान चला रही है। अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी प्रदान की जा रही है। बड़वानी पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को अनुसूचित जनजाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना तथा महिला संबंधी अपराधों के बारे में विस्तार से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ला ने बताया है कि कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया जा रहा है। छात्राओं को आत्मरक्षा, आत्मविश्वास एवं किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के उपायों की जानकारी देते हुए उन में आत्म विश्वास पैदा किया जा रहा है। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 तथा अन्य पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके। कार्यक्रम में छात्राओं की महिला सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े विषयों पर सक्रिय सहभागिता दिखाई दे रही है तथा स्वयं को सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने का संकल्प भी कराया जा रहा है। बड़वानी पुलिस का “रक्षा सखी” अभियान जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों की बालिकाओं और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन रहा है।  

सूर्या की हत्या के बाद बड़ा एक्शन, पुलिस के ऑपरेशन से मचा डर; मदरसों पर भी कार्रवाई

गाजियाबाद गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 साल के सूर्या चौहान की बकरीद पर हुई हत्या के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज कर दिया है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर के बाद जहां उसके घर पर बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी है तो दूसरी तरफ तीन मदरसों को भी सील कर दिया गया है। वहीं, पुलिस से मिले अल्टीमेटम के बाद करीब 250 अपराधियों ने सरेंडर किया। वे हाथों में पोस्टर लेकर माफी मांगते और फिर कभी जुर्म ना करने की कसम खाते नजर आए। मदरसों पर ऐक्शन खोड़ा में 29 मई से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग सूर्या के घर पहुंचे थे। इसी बीच पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ और डीएम रविंद्र मांदड़ पहुंचे। यहां प्रशासन की टीम ने लोकप्रिय विहार स्थित मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम को सील किया। जब प्रशासनिक टीम मदरसे पर कार्रवाई करने पहुंची, तो वहां का गेट नहीं खोला गया। काफी देर इंतजार के बाद गेट को बाहर से ही सील कर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि जिस वक्त मदरसे को सील किया गया, उसके अंदर आठ बच्चे मौजूद थे। प्रशासन ने खोड़ा के ही दो और मदरसों को चिह्नित किया है। इन्हें भी सील कर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई चल रही है। असद के पुराने मकान पर तोड़फोड़ का प्रयास इससे पहले सोमवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने आरोपी असद के पुराने मकान पर नोटिस चस्पा किया था। आरोप है कि सोमवार की रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने असद के इसी पुराने मकान पर पहुंचकर तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। गनीमत थी कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ करने वालों को रोका। इसके बाद से यहां भी पुलिस बल तैनात किया गया है। क्या है ऑपरेशन क्लीन स्वीप दरअसल, गाजियाबाद में प्रशासन ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज किया है। इसके तहत आपराधिक इतिहास रखने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और आपराधिक गितिविधियों वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की वेरिफिकेशन की जा रही है। डीएम ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ त्वरित ऐक्शन के आदेश पिछले दिनों दिए हैं। इसी के तहत खोड़ा में ऑपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जा रहा है। यहां वेरिफिकेशन के दौरान तीन मदरसे मिले हैं जो मदरसा बोर्ड से पंजीकृत नहीं हैं। पूरे गाजियाबाद में वेरिफिकेशन चलाया जाएगा, कोई भी गुंडा और अपराधी सिर ना उठा पाए। साहिबाबाद में 250 का सरेंडर गाजियाबाद में DCP धवल जायसवाल ने बताया कि साहिबाबाद में 250 अपराधियों ने कसम खाई है कि आगे कोई अपराध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'गाजियाबाद कमिश्नरेट में ऑपरेशन क्लीन के तहत सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों के सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साहिबाबाद में जो भी पुराने हिस्ट्रीशीटर थे, अभ्यस्त अपराधी थे, उनको बुलाया गया था, उनके सत्यापन का अभियान चलाया गया है…उनके बारे में जांच की जा रही है…उनको हिदायत भी दी गई है कि वो भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध और अपराधियों से संपर्क ना रखें और अगर वो ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी…अभी तक 250 से ज्यादा अपराधियों का सत्यापन कर लिया गया है और यह अभियान अभी चल रहा है।' थाने में पहुंचे अपराधियों के हाथों में माफी और आगे कोई अपराध नहीं करने की कसम खाते हुए पोस्टर दिखे।

सूर्या केस जैसी वारदात दोहराई गई? दिल्ली में नाबालिग अभिषेक को घेरकर उतारा मौत के घाट

नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के थाना न्यू उस्मानपुर इलाके में सोमवार रात अज्ञात लोगों ने चाकू से हमला कर 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, रात करीब साढ़े 10 बजे न्यू उस्मानपुर थाने को घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो 17 साल का एक लड़का जमीन पर पड़ा हुआ मिला, जिसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि, इससे पहले शाम को इसी इलाके में हुई गोलीबारी के दौरान 12 साल का एक लड़का घायल हो गया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और जरूरी सबूत इकट्ठा किए। अधिकारी के मुताबिक, इस संबंध में न्यू उस्मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में पुलिस टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और अपराध में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की गई हैं। DCP राहुल अलवाल ने बताया कि इस घटना के संबंध में न्यू उस्मानपुर थाने में BNS की धारा 103(1) के तहत एक मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है। घर के बाहर गोलीबारी में 12 वर्षीय लड़का जख्मी इससे पहले न्यू उस्मानपुर इलाके में ही सोमवार शाम को तीन लोगों द्वारा की गई गोलीबारी की घटना में 12 वर्षीय राहगीर लड़का गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस के अनुसार, शाम के समय न्यू उस्मानपुर थाने को गोलीबारी की एक घटना की सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो पता चला कि न्यू उस्मानपुर के चौथा पुश्ता इलाके में तीन व्यक्तियों ने धर्मेंद्र (43) नामक एक व्यक्ति के घर के सामने अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस घटना के दौरान वहां से गुजर रहे 12 वर्षीय लड़के के पैर में गोली लग गई, जिसका फिलहाल जेपीसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने क्राइम स्पॉट पर जाकर साक्ष्य एकत्र किए हैं। इस संबंध में न्यू उस्मानपुर थाने में कानून की उपयुक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के संबंध में सूचना प्रसारित की गई और विभिन्न नाकों पर पुलिस टीमें तैनात की गईं। इसके बाद अपराध में शामिल दो आरोपियों – प्रांकुर (29) और हर्ष (22) को पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद किया गया है। फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं और मामले में आगे की जांच जारी है। बकरीद पर हुई थी सूर्या की हत्या गौरतलब है कि दिल्ली सटे गाजियाबाद के खोड़ा इलाके नवनीत विहार में 28 मई को बकरीद के दिन 11वीं क्लास में पढ़ने वाले 17 साल के सूर्या चौहान की भी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। गाजियाबाद पुलिस ने सूर्या के हत्यारे असद को दो दिन पहले एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। वहीं कई लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।

भारत विरोधी आतंकी मॉड्यूल बेनकाब, ISI और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से जांच एजेंसियां अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों की जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. हाल ही में एजेंसियों ने इस मॉड्यूल से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए. जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क भारत में बड़े आतंकी हमलों की तैयारी कर रहा था. एजेंसियां अब इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।  जांच एजेंसियों को पता चला है कि इस मॉड्यूल का मुख्य निशाना दिल्ली और मुंबई थे. गिरफ्तार आरोपियों ने इन दोनों महानगरों की रेकी भी की थी. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमलों के लिए संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाई जा रही थी. आरोपियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं ताकि साजिश को अंजाम दिया जा सके. समय रहते गिरफ्तारी होने से एक बड़ी आतंकी योजना नाकाम हो गई।  पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि पूरे मॉड्यूल का हैंडलर सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा था. मुन्ना झिंगाड़ा को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके करीबी छोटा शकील का बेहद भरोसेमंद माना जाता है. जांच में सामने आया कि वही इस नेटवर्क का ऑपरेशन हेड था और पाकिस्तान से पूरे मॉड्यूल को संचालित कर रहा था. एजेंसियों के मुताबिक, भारत में सक्रिय गुर्गों को सीधे उसी से निर्देश मिल रहे थे।  जांच में यह भी सामने आया कि ISI ने एक बार फिर कराची के क्लिफटन रोड इलाके को सक्रिय किया है. इसी इलाके में दाऊद इब्राहिम का ठिकाना भी बताया जाता है. सूत्रों के अनुसार, मुन्ना झिंगाड़ा ने दाऊद के कराची स्थित कथित 'व्हाइट हाउस' से करीब 4 किलोमीटर दूर एक फाइव स्टार होटल के पास अपना सेफ हाउस बना रखा था. यहीं से वह भारत में सक्रिय गुर्गों के संपर्क में रहता था और पूरी गतिविधियों पर नजर रखता था।  भारत के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुन्ना झिंगाड़ा अपने कराची स्थित सेफ हाउस से वीडियो कॉल के जरिए लगातार संपर्क में रहता था. वह भारत में अंडरवर्ल्ड से जुड़ी नई जेहादी ब्रिगेड तैयार करने की कोशिश कर रहा था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूरा मॉड्यूल ISI के इशारों पर तैयार किया गया था. इतना ही नहीं, मुन्ना ने अपने गुर्गों को अपनी ताजा तस्वीरें भी भेजी थीं ताकि संपर्क और भरोसा बना रहे।  जांच में यह भी सामने आया कि मॉड्यूल से जुड़े कई गुर्गे नशे, खासकर 'चिट्टा' के आदी थे. आरोप है कि उनकी इस लत को बनाए रखने के लिए मुन्ना झिंगाड़ा की तरफ से हेरोइन का इंतजाम भी कराया जाता था. वहीं, भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए गुर्गों ने 20 लाख रुपये की मांग भी रखी थी. एजेंसियों के अनुसार, इसके बाद कुछ टोकन मनी दी गई और पाकिस्तान से भेजे गए हथियार तथा हैंड ग्रेनेड पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र में गिराए गए।  जांच एजेंसियों के हाथ लगी चैट्स ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं. एक चैट में मुन्ना झिंगाड़ा ने अपने गुर्गों से कहा था, 'माशाल्लाह करके आना काम.' वहीं उसने यह भी भरोसा दिलाया कि काम पूरा होने के बाद उन्हें नेपाल के रास्ते दुबई बुला लिया जाएगा. दूसरी तरफ गुर्गों ने जवाब में पहले 'चिट्टा' और फिर 20 लाख रुपये की मांग रखी थी. इन चैट्स से साफ संकेत मिले हैं कि ये आतंकी मॉड्यूल अंडरवर्ल्ड, नशे और पैसों के नेटवर्क को एक साथ जोड़कर भारत में बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। 

सुरक्षाबलों पर हमले की थी तैयारी! दिल्ली में ISI मॉड्यूल का भंडाफोड़, 9 आरोपी दबोचे गए

 नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़े आतंकी हमले को नाकाम कर दिया है। एनडीआर ने ऐसे 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तानी आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के इशारे पर काम कर रहे थे। इन सभी लोगों को दिल्ली की खास जगहों और सुरक्षा बलों पर हमला करने का काम दिया गया था। पुलिस ने इनके पास से कई हथियार और बारूद भी बरामद किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आईएसआई और अंडरवर्ल्ड से जुड़े 9 लोगों को दिल्ली में अलग-अलग जगह हमले का काम सौंपा गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में खूफिया जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन चलाया गया था जिनमें इन आरोपियों को दबोच लिया गया। इसके लिए पिछले कुछ समय से मॉड्यूल पर नजर रखी जा रही थी। संवेदनशील इलाकों पर करने वाले थे हमला आरोप है कि गिरफ्तार किए गए नौ सदस्य पाकिस्तान की जासूसी एजेंसियों, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे। उन्हें दिल्ली में संवेदनशील ठिकानों पर हमले करने का काम सौंपा गया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी दिल्ली, मुंबई और पंजाब के रहने वाले हैं। इनमें से कुछ विदेशी नागरिक भी हैं। आतंकवादियों के निशाने पर प्रमुख प्रतिष्ठान सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं थीं. संभावित लक्ष्यों में पावर प्लांट, बिजली उत्पादन एवं वितरण केंद्र, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ठिकानों पर हमला कर व्यापक जनहानि के साथ-साथ देश की आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की साजिश रची जा रही थी।  जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद विस्फोटक सामग्री कथित तौर पर सीमा पार से भारत पहुंचाई गई थी. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटकों और हथियारों की खेप देश के भीतर किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे. बरामद सामग्री में ग्रेनेड और कई अत्याधुनिक विदेशी हथियार शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।  गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है. जांच एजेंसियां उनके डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके. दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (स्पेशल सेल) मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे, जिसमें ऑपरेशन की पूरी जानकारी, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और बरामद हथियारों एवं विस्फोटकों से जुड़े विवरण साझा किए जाने की संभावना है।  सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई, दुबई आधारित ऑपरेटरों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों तक पहुंचते हैं. हालांकि जांच अभी जारी है और कई तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत ब्रीफिंग के बाद ही हो सकेगी।  हाई अलर्ट पर दिल्ली खूफिया एजेंसियों से आतंकी हमले की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जानकारी के मुताबिक इस महीने की शुरुआथ में ही सुरक्षा एजेंसियों को हमले की खूफिया जानकारी मिली थी। इसमें बताया गया था कि आतंकी सेंट्रल दिल्ली की संवेदनशील जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बना सकते हैं। इसके लिए वे आत्मघाती हमले, गाड़ियों में IED धमाके, गोलीबारी या कई जगहों पर हमले की साजिश रच रहे हैं। इसके बाद से ही दिल्ली पुलिस इस मॉड्यूल पर नजर बनाए रखी हुई थी। हालात देखते हुए दिल्ली के सभी थानों और जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही, उन्हें खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है। विदेश में बैठकर कौन रच रहा हमले की साजिश? दिल्ली पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने और अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। इसके अलावा इतनी भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक कहां से मिले, इसका भी पता लगाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग के तार विदेश से कैसे जुड़े हैं और हमलों के लिए फंडिंग कहां से हो रही है। इसके अलावा विदेश में बैठे कौन-कौन से लोग इन्हें ऑर्डर दे रहे हैं।