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डींगरपुर हिंसा: उम्रकैद की सजा पाए 6 दोषियों की अपील हाईकोर्ट में खारिज कराने के लिए पुलिस करेगी मजबूत पैरवी

डींगरपुर हिंसा: उम्रकैद की सजा पाए 6 दोषियों की अपील हाईकोर्ट में खारिज कराने के लिए पुलिस करेगी मजबूत पैरवी 28 मार्च 2026 को 16 दोषियों को मिली थी उम्रकैद और 55-55 हजार जुर्माने की सजा, सुरक्षा के मद्देनजर सभी सजायाफ्ता कैदी मुरादाबाद से बरेली जेल किए गए शिफ्ट एसएसपी सतपाल अंतिल का कड़ा रुख, किशोर न्याय बोर्ड में लंबित 6 आरोपियों पर भी 15 अगस्त से पहले कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी मुरादाबाद,  साल 2011 में मैनाठेर के डींगरपुर में हुए बहुचर्चित बवाल और तत्कालीन डीएम-डीआईजी पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बीते 28 मार्च 2026 को अदालत द्वारा 16 दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद और 55-55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा के खिलाफ 6 दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अपनी सजा और जुर्माना कम करने की अपील दायर की है। इसके जवाब में मुरादाबाद पुलिस ने भी अपराधियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस नीति' के तहत इन जघन्य अपराधियों की अपील का पुरजोर विरोध किया जाएगा। जिला प्रशासन, शासन स्तर पर बेहतरीन तालमेल के साथ हाईकोर्ट में इस मामले की दमदार पैरवी करेगा, ताकि यह अपील सिरे से खारिज हो सके। इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी 16 दोषियों को मुरादाबाद जेल से बरेली जेल शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही, किशोर न्याय बोर्ड में लंबित 6 अन्य आरोपियों के मामले में भी 15 अगस्त से पहले कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी से अपील खारिज कराने की रणनीति एसएसपी सतपाल अंतिल ने मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए बताया कि पुलिस प्रशासन इस जघन्य अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। छह आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर सजा और जुर्माना कम करने की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी इस अपील को हाईकोर्ट में खारिज करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। प्रशासन ने शासन स्तर पर अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। पुलिस का एकमात्र लक्ष्य यह है कि उच्च न्यायालय में सरकार और पीड़ितों का पक्ष इतने दमदार तरीके से रखा जाए कि अदालत का 28 मार्च का ऐतिहासिक फैसला बरकरार रहे और दोषियों की अपील पहली ही सुनवाई में खारिज हो जाए। 15 अगस्त तक बाकी 6 आरोपियों पर भी शिकंजा इस प्रकरण में पुलिस की सक्रियता केवल सजायाफ्ता कैदियों तक सीमित नहीं है। घटना के समय नाबालिग रहे छह अन्य अभियुक्त, जिनका मामला वर्तमान में किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है, उन पर भी प्रशासन की नजर है। प्रशासन ने तय किया है कि आगामी 15 अगस्त से पहले-पहले कोर्ट के माध्यम से इन छह आरोपियों के खिलाफ भी उचित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि 15 साल पुरानी इस घटना में संपूर्ण न्याय की प्रक्रिया अपने मुकाम तक पहुंच सके। सुरक्षा के मद्देनजर बरेली जेल शिफ्ट हुए दोषी अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती है। मुरादाबाद जेल में किसी भी तरह के संभावित गठजोड़, स्थानीय दबदबे या कानून व्यवस्था की स्थिति को टालने के लिए सभी दोषियों को मुरादाबाद से हटाकर बरेली सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। इन दोषियों में मंजूर अहमद, अली, हाशिम, फिरोज, कमरुल, नाजिम, मुजीब, यूनुस, रिजवान, अम्बरीश, कासिम, मोबीन, परवेज आलम, मुजीब, तहजीब आलम और जाने आलम शामिल हैं, जिन पर अदालत ने भारी जुर्माना भी लगाया है। अफवाहों से भड़की थी हिंसा और 15 साल का इंतजार जुलाई 2011 में मैनाठेर थाने में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 6 जुलाई को 'कुरान फाड़ने' की झूठी अफवाह फैलाकर सुनियोजित हिंसा भड़काई गई थी। उग्र भीड़ ने तत्कालीन जिलाधिकारी राजशेखर और डीआईजी/एसएसपी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया, 23वीं वाहिनी पीएसी की गाड़ी फूंक दी और डींगरपुर चौकी से सरकारी कारतूस लूट लिए थे। इस मामले में कुल 33 लोग नामजद थे, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार की सख्ती और पुलिस के वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के दम पर 15 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद एडीजे-02 (मुरादाबाद) की अदालत ने 28 मार्च 2026 को अपना यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषियों को उनके किए की सजा दी थी।

संभल से चंदौली तक सुरक्षा कड़ी, बकरीद को लेकर पुलिस फोर्स तैनात

 चंदौली/संभल/सहारनपुर/अयोध्या/ मुजफ्फरनगर/आजमगढ़,      उत्तर प्रदेश सरकार और जिला पुलिस-प्रशासन ने आज 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. संभल से लेकर चंदौली और अयोध्या से लेकर मुजफ्फरनगर तक सभी जिलों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया है और सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों व सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के जरिए असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है. शासन की स्पष्ट गाइडलाइन के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर खुले में कुर्बानी और सड़कों पर नमाज अदा करने की पूरी तरह मनाही है।  संभल में पांच जोन और 18 सेक्टर में सुरक्षा अति संवेदनशील माने जाने वाले संभल जिले में सुरक्षा का बड़ा खाका तैयार किया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के अनुसार, पूरे जिले को 5 जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है, जहां मजिस्ट्रेट के साथ आरआरएफ, पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है. ढाई सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा निगरानी की जाएगी. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में रूफटॉप ड्यूटी लगाई गई है और सोशल मीडिया सेल को एक्टिव किया गया है।  मेरठ और सहारनपुर में पुलिस का पैदल मार्च मेरठ और सहारनपुर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने भारी बल के साथ भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण स्थानों पर पैदल मार्च किया. मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि शासन के आदेशानुसार सभी धार्मिक आयोजन होंगे. सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने नागरिकों और व्यापारियों से संवाद कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया. दोनों जिलों में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर है।  चंदौली में संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में भी बकरीद को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है. चंदौली के एसपी आशीष पटेल ने बताया कि समस्त थाना क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकें पूरी हो चुकी हैं. ईदगाहों और मस्जिदों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जबकि थाना प्रभारी लगातार पेट्रोलिंग करेंगे. मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने वाले भड़काऊ संदेश पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  मुजफ्फरनगर में डेढ़ हजार जवानों की तैनाती मुजफ्फरनगर में जोनल-सेक्टर प्रणाली लागू कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, बुढ़ाना और खतौली जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के लिए 10 डीएसपी, 5 एएसपी, 45 इंस्पेक्टर, 200 सब इंस्पेक्टर और 889 रंगरूटों समेत लगभग डेढ़ हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. यहां भी ड्रोन और सीसीटीवी से मस्जिदों की निगरानी हो रही है ताकि सड़कों पर नमाज न हो।  अयोध्या और आजमगढ़ में चप्पे-चप्पे पर पहरा रामनगरी अयोध्या में डीआईजी सोमेन बर्मा ने स्पष्ट किया कि नमाज केवल निर्धारित ईदगाहों और मस्जिदों में तय समय पर होगी. अयोध्या रेंज के पांचों जिलों में व्यापक समीक्षा की गई है. उधर, आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि चिन्हित सामूहिक कुर्बानी और नमाज स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर साफ-सफाई व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन परंपरागत और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार संपन्न कराने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।  लखनऊ में भी पुलिस अलर्ट  वहीं, राजधानी लखनऊ में भी पुलिस अलर्ट पर है. बकरीद पर सुबह 10:00 बजे ईदगाह में नमाज होगी, सड़कों पर नमाज की पूरी मनाही है. मौलाना खालिद रशीदी फिरंगी महली ने 'आजतक' कहा कि लोगों से केवल उन्हीं जानवरों की कुर्बानी करने की अपील की गई है जिन पर कानूनी बंदिश नहीं है. कुर्बानी के लिए नए स्थान तय नहीं होंगे, बल्कि पहले से निर्धारित जगहों पर ही साफ-सफाई के साथ इसे अंजाम दिया जाएगा।  वहीं, मुंबई के मामले पर निराशा जताते हुए कहा गया कि इस्लाम में प्रतिबंधित जानवर लाना गलत है और प्रशासन को ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. त्योहार पर किसी भी पक्ष की दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए ताकि आपसी सौहार्द बना रहे। 

‘मेरी उड़ान’ से बुलंद हुए सपने, KGBV की बेटियों ने मेहनत से छुआ सफलता का आसमान

मेरी उड़ान: केजीबीवी की बेटियों ने मेहनत से हासिल किया सफलता का आसमान अलीगढ़ में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से निकली बेटियों ने खाकी पहन बढ़ाया प्रदेश का मान वंचित परिवारों की छात्राओं ने शिक्षा और संकल्प के दम पर लिखी प्रेरणा की नई कहानी लखनऊ  सपनों को पंख तब मिलते हैं, जब अवसर, शिक्षा और आत्मविश्वास एक साथ जुड़ते हैं। उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आज ऐसी ही हजारों बेटियों की उड़ान का मजबूत आधार बन रहे हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करने वाली वंचित परिवारों की बेटियां अब प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर समाज में नई पहचान बना रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल, शिक्षकाओं के मार्गदर्शन और छात्राओं की अथक मेहनत ने इन विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को साकार करने का माध्यम बना दिया है। जनपद अलीगढ़ के विकास खण्ड अतरौली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मढ़ौली की पूर्व छात्रा यामिनी वर्मा की कहानी संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा है। वर्ष 2012 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली यामिनी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण की और 18 जून 2025 को जनपद इटावा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और विद्यालय का नाम रोशन किया। यामिनी वर्मा कहती हैं, “केजीबीवी ने मुझे केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया। यहां की शिक्षिकाओं ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अगर मुझे यहां का सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिलता तो शायद मैं अपने सपने तक नहीं पहुंच पाती। आज जो भी हूं, उसमें मेरे विद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है।” इसी विद्यालय की छात्रा रहीं मुनिशा यादव ने भी अपने सपनों को हकीकत में बदलकर मिसाल पेश की। वर्ष 2008 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली मुनिशा शुरू से ही पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। पढ़ाई के साथ नियमित व्यायाम, दौड़ और अनुशासित तैयारी को उन्होंने अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर 12 जुलाई 2018 को जनपद अमरोहा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त की। मुनिशा यादव बताती हैं, “केजीबीवी में रहकर मुझे अनुशासन, आत्मनिर्भरता और बड़े सपने देखने की सीख मिली। यहां शिक्षिकाएं हर कदम पर हमारा हौसला बढ़ाती थीं। विद्यालय का माहौल ऐसा था जिसने मुझे अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने की ताकत दी।” विकास खण्ड गंगीरी की छात्रा कंचन ने भी अपनी लगन से सफलता का नया अध्याय लिखा। 2010 में कक्षा-08 उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने लगातार शिक्षा जारी रखी। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और विज्ञान वर्ग से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद कंचन ने यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की और 13 मार्च 2023 को जनपद सहारनपुर में सब इंस्पेक्टर पद पर ज्वाइन किया। उनकी सफलता आज ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन चुकी है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की ये बेटियां आज यह साबित कर रही हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, अगर शिक्षा और संकल्प साथ हो तो हर सपना पूरा किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल अब हजारों बेटियों के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और नई उड़ान बनकर सामने आ रही है।

सड़क सुरक्षा में देवास पुलिस बनी मिसाल, राहत-उपचार और जागरूकता मॉडल से प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन

सड़क सुरक्षा में देवास पुलिस का प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन — राहत, उपचार और जागरूकता के समन्वित मॉडल से बनी नई पहचान देवास मॉडल से सड़क सुरक्षा को मिली नई दिशा, दुर्घटनाओं में 18% एवं मृत्यु में 25% की ऐतिहासिक कमी हिट एंड रन योजना, राह वीर योजना एवं पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में देवास प्रदेश में प्रथम देवास ​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने संबंधी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन में देवास जिला प्रदेशभर में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयासों से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। समन्वित कार्यवाही, वैज्ञानिक विश्लेषण, मानवीय दृष्टिकोण एवं त्वरित राहत व्यवस्था के कारण वर्ष 2026 में देवास जिले में वर्ष 2025 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 18 प्रतिशत तथा सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के मामलों में 25 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। देवास जिले में सड़क सुरक्षा को केवल प्रशासनिक कार्यवाही तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी आधारित अभियान का स्वरूप दिया गया। प्रत्येक सड़क दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एसडीओपी द्वारा मौके पर पहुँचकर दुर्घटना का विस्तृत विश्लेषण किया गया तथा इन रिपोर्टों की प्रति माह आयोजित रोड सेफ्टी समीक्षा बैठकों में गहन समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित स्थलों पर NHAI, PWD एवं MPRDC द्वारा त्वरित इंजीनियरिंग सुधार कराए गए। वहीं ट्रैफिक पुलिस एवं जिला पुलिस द्वारा गाँव-गाँव चौपाल लगाकर हेलमेट एवं सीट बेल्ट के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया तथा हजारों हेलमेट निःशुल्क वितरित किए गए। राह वीर योजना में भी देवास प्रदेश में प्रथम सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन ऑवर” के महत्व को ध्यान में रखते हुए देवास जिले में “राह वीर योजना” का भी प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाने वाले नागरिकों को चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेजे गए। जिले से भेजे गए 14 प्रकरणों में से 4 नागरिकों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा “राह वीर” के रूप में सम्मानित करते हुए प्रशंसा पत्र एवं 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। राह वीरों को सम्मानित करवाने में भी देवास जिला प्रदेश में प्रथम रहा। पीएम राहत योजना से 200 से अधिक घायलों को मिला जीवनदान प्रधानमंत्री राहत योजना अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को 1 लाख 50 हजार रूपए तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी देवास जिले में प्रभावी रूप से लागू किया गया। मात्र दो माह की अवधि में 200 से अधिक घायलों का निःशुल्क उपचार कराया गया, जिनमें से 150 से अधिक घायल पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। हिट एंड रन योजना में 68 परिवारों को मिली 61 लाख रुपये की राहत राशि देवास पुलिस द्वारा “हिट एंड रन योजना” के अंतर्गत भी उल्लेखनीय कार्य किया गया। ऐसे मामलों में, जहाँ दुर्घटना करने वाला वाहन अज्ञात रहता है और पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती, शासन द्वारा घायल को 50 हजार रूपए एवं मृतक के परिवार को 2 लाख रूपए तक की राहत राशि प्रदान की जाती है। देवास जिले में वर्ष 2022 से 2026 के मध्य हिट एंड रन के कुल 130 प्रकरणों का प्रभावी निराकरण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 68 पीड़ित परिवारों को लगभग 61 लाख रूपए की राहत राशि उनके खातों में दिलाई जा चुकी है। कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह ने बताया कि रोड सेफ्टी बैठकों को औपचारिकता तक सीमित न रखकर परिणाम आधारित एवं विश्लेषणात्मक बनाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिट एंड रन योजना के शेष प्रकरणों में भी शीघ्र राहत राशि प्रदान करवाई जाएगी तथा राह वीर योजना के लंबित प्रस्तावों को भी प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कराया जाएगा। पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद ने बताया कि जिले में “360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल” के तहत कार्य किया जा रहा है, जिसमें दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ-साथ शासन की सभी सड़क सुरक्षा योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी केवल आँकड़े नहीं हैं, बल्कि वे अनेक परिवारों की बची हुई खुशियाँ और सुरक्षित जीवन हैं।  

देवास विस्फोट कांड का मुख्य आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा गया, अब तक 5 गिरफ्तारी

देवास देवास जिले के टोंककला में बीते दिनों पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना सामने आई थी। इस हादसे में पांच से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया और कांग्रेस तथा बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया गया, जिसने टोंककला पहुंचकर जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए देवास पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई और मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में अभी एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार टोंककला पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुकेश विज को देवास पुलिस ने गुरुवार सुबह नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। आरोपी चीन के गुआंग्झू शहर से फ्लाइट के जरिए भारत लौटा था। देवास पुलिस की विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी और “लुक आउट सर्कुलर (LOC)” के आधार पर उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य फरार आरोपी महेश चौहान, निवासी उत्तराखंड, को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले फैक्टरी लाइसेंसी अनिल मालवीय, मुख्य ठेकेदार मोहम्मद अयाज और संयुक्त संचालक कपिल विज की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया एसपी देवास पुनीत गेहलोत ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश और तकनीकी जांच के लिए 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। दोनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस की टीमें लगातार दिल्ली सहित कई स्थानों पर दबिश दे रही थीं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और डीजीपी कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में की गई। एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता और डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन की निगरानी में देवास पुलिस मामले की वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

लार पुलिस ने शराब तस्करी पर कसा शिकंजा, बिहार बॉर्डर से लाखों की खेप बरामद

 देवरिया  वाहन चेकिंग के दौरान थाना लार पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 55 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब रायल स्टैग बरामद की है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत लगभग 5,14,800 रुपये है। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है और वाहन पर लगे फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद किया है। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की। 18 मई के अंक में दैनिक जागरण के अंक में पेज दो पर शराब तस्करों का गिरोह फिर सक्रिय, पहुंचने लगी हरियाणा से शराब शीर्षक से खबर को छह कालम में प्रकाशित किया था। जिसे एसपी अभिजीत आर शंकर ने गंभीरता से लिया और थानाध्यक्षों को निर्देश दिए। लार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मेहरौना चेक पोस्ट से बिहार ले जाई जा रही पिकअप को रोका गया। वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट यूपी15 एफटी 3915 लगी थी। तलाशी में 40 पेटी रायल स्टैग, प्रत्येक बोतल 375 एमएल, कुल 960 बोतल 360 लीटर और 15 पेटी रायल स्टैग, प्रत्येक बोतल 180 एमएल, कुल 720 बोतल शराब बरामद हुई। गिरफ्तार तस्कर निशार खान पुत्र अयूब खान, उम्र करीब 32 वर्ष, निवासी मोदीपुरम पल्लवपुरम फेज-दो, थाना पल्लवपुरम, जनपद मेरठ के विरुद्ध थाना लार पर आबकारी अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत पंजीकृत कर कार्रवाई में जुटी रही। अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि शराब तस्करी रोकने की दिशा में पुलिस लगातार कदम उठा रही है। शराब तस्करी में संलिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले के सभी पुलिस अधिकारियों व थानाध्यक्षों को अलर्ट किया गया है।  

तबादलों की नई लिस्ट जारी, पुलिस विभाग में बदली गई कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल की सूचना मिली है। यहां बेमेतरा जिले में ASI, प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों के तबादले किए गए है। एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए हैं। डीआईजी रामकृष्ण साहू के निर्देश के बाद ट्रांसफर आदेश जारी किया गया है। इस बदलाव को कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जारी सूची के मुताबिक, कई ASI, प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों के तबादले और नई पदस्थापनाएं की गई हैं। करीब 140 पुलिसकर्मियों का एक साथ ट्रांसफर किया गया है। उन्हें वर्तमान पदस्थापना स्थान से हटाकर नई जगह पर तैनात किया गया है। पुलिस विभाग में यह बड़ा फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से किया गया है। ट्रांसफर आदेश के साथ विस्तृत सूची भी जारी की गई है, जिसमें प्रत्येक कर्मचारी का पदनाम, नाम, वर्तमान पदस्थापना और नई पदस्थापना स्पष्ट रूप से दर्शाई गई है। पुलिसकर्मियों को जल्द ही अपने-अपने कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि जिले में पुलिस व्यवस्था और अधिक सक्रिय होगी। साथ ही अपराधों पर नियंत्रण और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान में भी सुधार देखने को मिलेगा।

3-D उन्मूलन मिशन पर बड़वानी पुलिस, जनजातीय समाज में जागरूकता की नई पहल

जनजातीय अंचल में 3-D उन्मूलन के लिये बड़वानी पुलिस की पहल दारू, दहेज और डीजे मुक्त विवाह के लिये चलेगा अभियान बड़वानी जनजाति अंचल में पनप रही कुरीतियों के खिलाफ एक अनोखी पहल देखने को मिली, जब बड़वानी में पुलिस अधीक्षक स्वयं विवाह समारोह में पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने “3D” अर्थात दारू, दहेज और डीजे जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन का संकल्प दिलाया। यह विवाह केवल दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मिसाल बन गया। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी ने लोगों को यह संदेश दिया कि समाज सुधार केवल कानून से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से संभव है। समारोह में उपस्थित लोगों ने भी 3D मुक्त विवाह का समर्थन करते हुए सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। पुलिस अधीक्षक बडवानी पद्म विलोचन शुक्ल के नेतृत्व में विगत माह से जिला पुलिस बडवानी द्वारा जिले में विवाह समारोह में दहेज, डीजे एवं दारू का उपयोग नही करने हेतु 3-डी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस विभाग की अभिनव पहल से प्रेरित होकर गत 4 मई को ग्राम धवली में पुलिस विभाग व्दारा आयोजित जनसंवाद में ग्राम जुनापानी के रामा नरगावे द्वारा अपने तीनों बच्चो के विवाह समारोह में दहेज, डीजे एवं दारू का उपयोग नही करने का संकल्प लिया था। रामा नरगावे द्वारा 17 मई को अपने पुत्र कृष्णा नरगावे, पुत्री रंजिता नरगावे एवं दिना नरगावे का विवाह समारोह बिना दहेज, डीजे एवं दारू के संपन्न किया गया। रामा नरगावे व्दारा पुलिस अधीक्षक बडवानी पद्म विलोचन शुक्ल को अपने बच्चों के विवाह समारोह में आमंत्रित करने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्राम जुनापानी विवाह समारोह में सम्मिलित हुए। उन्‍होंने दुल्हा-दुल्हनों को शुमकामना संदेश एवं उपहार देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। शुक्‍ल ने नरगावे दंपति को शॉल-श्रीफल देकर उनकी साहसिक पहल के लिये सम्मानित किया। विवाह समारोह में सम्मिलित जनजातीय समाज के लोगो ने भी सालों से चली आ रही सभी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संकल्‍प लिया। भविष्य में बिना दहेज, डीजे एवं दारू के विवाह समारोह सम्पन्न कराने तथा दहेज नही लेने व देने की कुरीति को पूर्ण रूप से बंद करने का संकल्‍प दिलाया गया। विवाह समारोह में थाना वरला का पुलिस स्टाफ तथा वन मंडल अधिकारी सेंधवा इंदुसिंह गडरिया एवं गायत्री परिवार के सदस्य खुमसिंह तथा ग्राम सरपंच पटेल भी शामिल हुए।

साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, लुधियाना में 450 फर्जी खातों से चल रहा था करोड़ों का खेल

लुधियाना  फिरोजपुर रोड पर दो साइबर ठगी सेंटरों पर रेड करने के बाद गिरफ्तार किए गए 132 आरोपितों से पूछताछ में कई अहम राजफाश हुए हैं। विदेश से होने वाली करोड़ों की ट्रांजेक्शन जिन बैंक खातों में की जाती थी, वे म्यूल अकाउंट्स हैं। पुलिस ने अभी तक 450 खातों को खंगाला है, जिनमें करोड़ों रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है। अब पुलिस इन खातों की डिटेल्स को निकालने में जुटी है। वहीं, इस मामले में लुधियाना से दिल्ली और गुजरात गई पुलिस की टीमों ने चार किंगपिन गिरफ्तार किए हैं, जोकि इस ठगी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस उन्हें लुधियाना लाकर पूछताछ करेगी। गौरतलब है कि 13 मई को साइबर सेल और दो थानों की टीम ने दो साइबर ठगी सेंटरों पर रेड की थी। यहां से पुलिस ने 132 आरोपितों को गिरफ्तार किया था और उनसे 1.07 करोड़ रुपये, 229 मोबाइल, 98 लैपटाप और 19 गाड़ियां बरामद की थीं। आरोपित नार्थ अमेरिका और यूरोप के लोगों को स्पैम और हैकिंग का डर दिखाकर उनके खाते खाली कर देते थे। किराये पर लिए खातों में ट्रांसफर हुए करोड़ों मामले की शुरुआती जांच में पुलिस को 300 खाते मिले थे, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती रही, वैसे-वैसे खातों की संख्या भी बढ़ती गई। अब इन खातों की संख्या 450 हो गई है। ये सभी खाते लोगों के आईडी प्रूफ का प्रयोग करके खुलवाए गए हैं। इसके बदले में खाता देने वाले लोगों को पांच से 10 हजार रुपये किराये के तौर पर हर माह दिए जाते हैं। पैसा घुमाने और ठगी के पैसे को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। ये खाते पंजाब, दिल्ली, गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम से खुले हुए हैं। अब पुलिस इन खातों की डिटेल को खंगालने में जुटी है, क्योंकि इन खातों में ही चार से पांच करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन हो चुकी है। पुलिस अब इन खाता धारकों की भी पड़ताल कर रही है। आईटी कंपनी का हवाला देकर लेते थे ऑफिस स्पेस आरोपित जहां भी ऑफिस लेते थे, वहां ये कहा जाता था कि उन्होंने आईटी कंपनी का ऑफिस खोलना है, जोकि रात में ज्यादा काम करते हैं, क्योंकि उनकी डीलिंग विदेशी लोगों से होती है। इसलिए उनका ऑफिस 24 घंटे खुला रहता था। यहां दो से तीन शिफ्ट में काम होता था। किराया जितना उन्हें बिल्डिंग का मालिक कहता था, उससे ज्यादा ही देते थे। म्यूल अकाउंट कैसे इस्तेमाल होते हैं?     किसी व्यक्ति से आनलाइन फ्राड किया जाता है। जैसे फर्जी काल, यूपीआइ फ्राड, निवेश स्कैम, लोन एप, ओटीपी स्कैम आदि।     ठगी का पैसा सीधे अपराधी के खाते में नहीं जाता बल्कि कई अलग-अलग बैंक खातों में भेजा जाता है।     पैसा तेजी से आगे ट्रांसफर किया जाता है, ताकि पुलिस या बैंक ट्रैक न कर सकें।     अंत में पैसा नकद निकाला जाता है, क्रिप्टो/सट्टेबाजी/हवाला आदि में भेज दिया जाता है। क्या है म्यूल अकाउंट? म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी चोरी या ठगी के पैसों को इधर-उधर ट्रांसफर करने, छिपाने या सफेद दिखाने के लिए करते हैं। खाते का मालिक कई बार जानबूझकर शामिल होता है, और कई बार उसे पता भी नहीं होता कि उसका अकाउंट अपराध में इस्तेमाल हो रहा है।  

पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश बेनकाब, गुरदासपुर ग्रेनेड हमले में 3 आरोपी गिरफ्तार

गुरदासपुर पंजाब में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे विदेशी नेटवर्क का गुरदासपुर पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब ने पर्दाफाश किया है। गीता भवन रोड ग्रेनेड कांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक और हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरजीत सिंह उर्फ बिल्ला निवासी गणेश नगर रामा मंडी जालंधर, करणजीत सिंह उर्फ करण निवासी तारापुर अमृतसर और सतनाम सिंह निवासी गांव बोपाराय अमृतसर के रूप में हुई है। एसएसपी आदित्य ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशी हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे। विदेशी नेटवर्क के जरिये ही इनके पास दो हैंड ग्रेनेड पहुंचाए गए थे। पुलिस अब फंडिंग चैन, अंतरराष्ट्रीय लिंक और स्थानीय मददगारों की भूमिका खंगाल रही है। जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को गीता भवन रोड स्थित अशोका चिप्स के पास एक निष्क्रिय हैंड ग्रेनेड मिला था। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया था। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में सामने आया कि पल्सर मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने दुकान के पास ग्रेनेड फेंका था।  पुलिस ने बताया कि अमरजीत सिंह उर्फ बिल्ला के घर की तलाशी के दौरान एक और हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने यूएपीए की धाराएं भी जोड़ दी हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते हैं।