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जमुई छेड़खानी कांड: नंदन यादव के पैर में पुलिस ने मारी गोली, दूसरा आरोपी घायल

जमुई  छात्रा के साथ छेड़खानी और शर्मनाक हरकत के आरोपी का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। ये एनकाउंटर जमुई जिले में ही हुआ, जहां छेड़खानी के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने गोली मार दी है। आरोपी नंदन के पैर में गोली लगी है। जमुई में छात्रा से शर्मनाक हरकत करने वाले का एनकाउंटर बताया जा रहा है कि छात्रा से छेड़खानी करने वालों में सबसे आगे नंदन यादव ही था। उसी ने छात्रा के साथ बेहद ही शर्मनाक हरकत की थी। इसके बाद से ही पुलिस उस पर FIR दर्ज कर उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इनमें से 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी के बाद पुलिस नंदन यादव की तलाश में थी। इसी बीच पुलिस को उसके जमुई में ही छिपे होने की खबर मिली। मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मारी गोली नंदन यादव ही इस केस में मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस जानकारी जुटाते हुए उसके ठिकाने मड़वा पहाड़ी पर पहुंच गई। वहां पुलिस ने नंदन को चारों तरफ से घेर लिया और उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी। पुलिस का कहना है कि नंदन ने इस दौरान भागने पर कोशिश की तो पुलिस ने उसे रोकने के लिए गोली चलाई। ये गोली नंदन यादव के पैर में लगी। इसके बाद वो वहीं गिर गया। फिर पुलिस ने उसे दबोच लिया और इलाज के लिए अस्पताल ले आई। वहीं दूसरा आरोपी हरेराम फरार बताया जा रहा है। इसी मड़वा पहाड़ी के पास हुई थी छेड़खानी आपको बता दें कि 19 सितंबर की शाम इसी मड़वा पहाड़ी के पास, जहां नंदन यादव को पुलिस ने पैर में गोली मारी, जमुई की छात्रा के साथ छेड़खानी हुई थी। मुंह पर गमछा बांधे और छात्रा को उठाकर जंगल की तरफ ले जाने की कोशिश करने वाला आरोपी ही नंदन यादव बताया जा रहा है। जमुई जिले की पुलिस ने उसे उसी इलाके में गोली मारी, जहां उसने छात्रा के साथ छेड़खानी और शर्मनाक हरकत की थी। वीडियो हुआ था वायरल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले को लेकर हड़कंप मच गया था. वीडियो में कुछ युवक स्कूली छात्र और छात्रा के साथ अभद्रता और छात्रा के साथ बैड टच करते नजर आ रहे थे. वीडियो देशभर में वायरल होने के बाद प्रशासन भी एक्टिव मोड में आ गया था. मामले में सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई थी और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. महिला आयोग ने भी मामले पर संज्ञान लिया था।  सोशल मीडिया पर वायरल करने वाला अरेस्ट इससे पहले घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।आरोपी की पहचान रामाशीष चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर यह कार्रवाई की है। 19 सितंबर को हुई थी बदसलूकी घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों पीड़ित बच्चे 10वीं क्लास में पढ़ते हैं। शनिवार को ट्यूशन के बाद दोनों जमुई स्थित मड़वा पहाड़ी घूमने गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और इसके बाद ये घटना हुई। बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बीच सड़क पर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गई। उसके दोस्त के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, छात्रा के साथ हुई आपत्तिजनक हरकत का वीडियो बनाया, और इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। प्राइवेट पार्ट को किया था टच मड़वा पहाड़ी घूमने गए दोनों स्टूटेंड्स के साथ करीब 1 घंटे तक अभद्रता की गई। इस दौरान दोनों ने भागने के लिए कई बार संघर्ष किया। इस दौरान नंदन यादव छात्रा का पीछा करता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है। वीडियो में आरोपी छात्रा के साथ जबरदस्ती करता दिखाई देता है। पहले आरोपी ने छात्रा को पीछे से पकड़ा, इसके बाद वो उसके प्राइवेट पार्ट पर हाथ रखते हुए गोद में उठा लेता है। ये हरकत देखकर छात्र तुरंत अपनी दोस्त को बचाने के लिए वहां पहुंचता है और उसे आरोपी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश करता है। दोनों के बीच खींचतान होती है। छात्र किसी तरह अपनी दोस्त को छुड़ा लेता है। इसके बाद भी आरोपी दोनों को परेशान करने और रोकने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। दोनों बच्चे लगातार वहां से निकलने की कोशिश करते रहते हैं।

वायरल ऑडियो पर पंजाब में सियासी विवाद, चीमा बोले- पुलिस को ऐसा आदेश नहीं

चंडीगढ़ पंजाब में पुलिसकर्मियों के लिए एक नए निर्देश को लेकर सियासत गरमा गई है। एक वायरल ऑडियो में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों को घर से वर्दी पहनकर न आने का आदेश दिया गया है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। ऑडियो में कहा गया है कि पुलिसकर्मी थाने आकर ही वर्दी पहनें। इस दावे ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस वर्दी पर गर्व था, आज वही छिपानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर इतनी सुरक्षा का क्या फायदा। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के सामने बेबस है। उन्होंने कहा कि आम पंजाबियों में डर का माहौल है। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था पूरी तरह से पुलिस के हाथ से निकल चुकी है।  कांग्रेस ने भी साधा निशाना कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रसारित ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब जल रहा है और भगवंत मान मंचों पर चुटकुले सुना रहे हैं। वड़िंग ने स्थिति की तुलना "रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था" से की। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। अमृतसर देहात, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को पुलिस कर्मचारियों की निजी सुरक्षा, ड्यूटी पॉइंट और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष हिदायतें जारी की गई हैं। अधिकारियों को इन निर्देशों की सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा गया है। ऑडियो में किसी महिला की आवाज है, जो अपने आप को पुलिस मुलाजिम ही बता रही है। वह कह रही है कि अधिकारियों से सभी पुलिसवालों को निर्देश मिले हैं कि वर्दी, बेल्ट, पहचान चिन्ह, पुलिस उपकरण या ऐसा कोई सामान प्रदर्शित नहीं करना है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके। कर्मचारियों को निजी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने और आने-जाने की दिनचर्या में संभव बदलाव रखने को कहा गया है। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने भी ये ऑडियो पोस्ट की है। हालांकि, पंजाब पुलिस ने पोस्ट कर इन दावों को झूठा बताया है। पंजाब पुलिस की पोस्ट में कहा गया है कि अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। मंत्री हरपाल चीमा ने भी इन दावों को फर्जी बताया है। पंजाब पुलिस की ओर से ये बातें लिखी गईं     ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया: पुलिस की पोस्ट में लिखा गया है- पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी पंजाब पुलिस कार्यालय की ओर से पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाते या ड्यूटी से लौटते समय वर्दी न पहनने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।     दावे फर्जी: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेश फर्जी हैं। इनमें पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने-जाने के दौरान सिविल कपड़े पहनने की बात कही जा रही है, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।     लोगों से अपील: नागरिकों और पुलिस कर्मचारियों से अपील है कि वे सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। पढ़िए, वायरल ऑडियो में क्या कहा जा रहा     इस्लामाबाद में एनकाउंटर के बाद निर्देश आए: वायरल ऑडियो में कोई महिला कह रही है- सभी मुलाजिम इस ऑडियो को ध्यान से सुन लें। अभी सीपी साहब की मीटिंग हुई है। इस्लामाबाद में, ASI हरजीत सिंह के मर्डर के बाद हुए एनकाउंटर के बाद ये निर्देश दिए गए हैं।     कोई भी मुलाजिम वर्दी में न आए: ऑडियो में कहा जा रहा है- जांच में पता चला है कि पुलिस मुलाजिमों को आप मारेंगे तो मारने वाले को आगे काम दिया जाएगा। इसलिए, सीपी साहब की ओर से सख्त हिदायत है कि कोई भी मुलाजिम, चाहे गाड़ी में आ रहा हो या साइकिल पर, वह अपनी वर्दी में नहीं होगा। जूते से लेकर पगड़ी तक कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में नजर नहीं आना चाहिए। सभी सिविल ड्रेस में आएंगे। अगर किसी भी मुलाजिम को आते-जाते वर्दी में देखा गया तो एक्शन होगा।     और मुलाजिमों को निशाना बनाया जा सकता है: वायरल ऑडियो में कहा जा रहा है- जब ड्यूटी पर आना है, थाने तक सिविल ड्रेस में ही आना है और ड्यूटी खत्म होने के बाद भी थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है। जांच में यह भी पता चला है कि 5-6 और मुलाजिमों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। एक एनकाउंटर होने के बाद ऐसी घटनाएं और बढ़ गई हैं। इनमें शहर के पुलिस मुलाजिम भी निशाने पर होंगे।     महिला कर्मियों के लिए भी मैसेज: ऑडियो में सुनाई दे रहा है- महिला पुलिस मुलाजिम भी इस निर्देश को ध्यान से सुनें। जो हरविंदर या शरण आदि हैं, वे भी वर्दी पहनकर एक्टिवा पर घूम रही हैं। उन्हें भी सिविल ड्रेस में ही आना-जाना है। थाने पहुंचकर वर्दी पहननी है और ड्यूटी खत्म होने पर थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है। वायरल पोस्टों में और क्या दावे किए जा रहे थानों-चौकियों के आसपास संदिग्धों पर नजर सोशल मीडिया पर राजा वड़िंग और बिक्रम मजीठिया की पोस्ट के साथ कुछ कागज भी डाले गए हैं। जिनमें भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कैंपों, थानों, चौकियों और न्यायिक स्थानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को देने और जरूरी कानूनी व सुरक्षा कार्रवाई करने को कहा गया है। रात के समय थानों, चौकियों और संवेदनशील पॉइंटों की चेकिंग के लिए गजटेड अधिकारियों और SHO को व्यक्तिगत तौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए संतरी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सतर्कता की वास्तविक स्थिति जांचने को कहा गया है। नाके पर 360 डिग्री सुरक्षा के निर्देश, अकेले आने-जाने से बचें, बडी पेयर सिस्टम अपनाएं दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को नाके और चेकिंग पॉइंटों पर 360 डिग्री सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सभी कर्मचारियों को एक ही जगह पर बैठने से बचने, एक हथियारबंद और सतर्क संतरी … Read more

बाइक सवार नाबालिगों को घेरकर मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप, वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस

जमुई बिहार के जमुई जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बाइक से जा रहे नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया. इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया. आरोपियों ने लड़की को बैड टच भी किया. पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है।  पुलिस ने क्या कहा? घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है. वायरल वीडियो में कुछ लोग सड़क पर बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की को रोकते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर जमुई पुलिस सक्रिय हुई. जमुई के एसपी ने वायरल वीडियो और घटना की पुष्टि की है।  पुलिस के मुताबिक दोनों पीड़ित नाबालिग हैं. पुलिस ने उनसे बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी ली है. उनके बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि घटना में करीब 6 से 7 लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस इन लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है. मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।  वायरल VIDEO के आधार पर जांच में जुटी पुलिस पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, घटना की वजह और आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।  फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नाबालिगों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।  घटना पर बीजेपी और JDU ने क्या कहा? जमुई में लड़का-लड़की के साथ भीड़ की तरफ से किए गए बर्ताव को लेकर जेडीयू की भी प्रतिक्रिया आई है. जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है. यहां मॉब जस्टिस नहीं चल सकता. जिन लोगों ने ऐसा काम किया है, उनके ऊपर पुलिस एक्शन लेगी. वहीं बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है. इसके दोषियों की पहचान पुलिस कर रही है. जो भी दोषी होंगे उनपर एक्शन होगा। 

युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती के लिए तैयार करेगा खेल एवं युवा कल्याण विभाग, पार्थ योजना शुरू

खेल मैदान से सुरक्षा बलों की भर्ती तक, युवाओं को तैयार करेगा खेल एवं युवा कल्याण विभाग पार्थ योजना के अंतर्गत युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती की शारीरिक तैयारी का अवसर तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में शुरू होगा शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, करीब 100 सीटें प्रस्तावित; आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर भोपाल  मध्यप्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पार्थ योजना (Police-Army Recruitment Training for Humanity and Hunnar) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत युवाओं को भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता की तैयारी के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। तात्या टोपे राज्य खेल परिसर, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए करीब 100 सीटें प्रस्तावित की गई हैं। 25 सितंबर तक आवेदन, करीब 100 सीटों का प्रस्ताव खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 100 सीटें उपलब्ध होंगी, जिनकी संख्या आवश्यकता के अनुसार इससे अधिक भी हो सकती है। प्रशिक्षण की अवधि शारीरिक परीक्षा की अवधि के अनुरूप निर्धारित की जाएगी। सुबह और शाम दो सत्रों में होगी शारीरिक तैयारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अभ्यर्थियों को प्रतिदिन दो सत्रों में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। सुबह का प्रशिक्षण समय प्रातः 8 से 10:30 बजे तक तथा शाम का प्रशिक्षण समय शाम 6 से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप अभ्यर्थियों को तैयार करना है। पुलिस मुख्यालय से संबद्ध प्रधान आरक्षक देंगे प्रशिक्षण पार्थ योजना के अंतर्गत तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश से प्रधान आरक्षक क्रमांक 972 बालेश यादव को छह माह की अवधि के लिए संबद्ध किया गया है। पुलिस विभाग के आदेश क्रमांक पुमु/विसबल/7(4)/1048/2026, दिनांक 31 अगस्त 2026 के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण कार्य के लिए नियुक्त किया गया है। 9 सितंबर 2026 को 23वीं वाहिनी विसबल, भोपाल से कार्यमुक्त कर उन्हें टाट्या टोपे स्टेडियम में प्रशिक्षण देने के लिए रवाना किया गया। 10 संभागीय जिला मुख्यालयों से योजना शुरू करने का प्रावधान पार्थ योजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में विभागीय अधोसंरचना का उपयोग करते हुए 10 संभागीय जिला मुख्यालयों में योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। जिला खेल अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दिए जाने का प्रावधान है। प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर जोर दिया गया है। योजना का संचालन विभागीय खिलाड़ी प्रशिक्षक कल्याण समिति के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षणार्थियों का रिकॉर्ड भी संधारित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की प्रगति एवं परिणामों का मूल्यांकन किया जा सके। 400 मीटर ट्रैक से लेकर हाई जंप उपकरण तक की व्यवस्था पार्थ योजना के अंतर्गत शारीरिक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए आवश्यक खेल अधोसंरचना की व्यवस्था का प्रावधान है। इसके अंतर्गत 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक, सिंडर एवं मड ट्रैक की उपलब्धता, लॉन्ग जंप पिट तथा आवश्यक उपकरण और उपयुक्त स्थान की व्यवस्था शामिल है। हाई जंप के लिए राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई गई है। एक से 12 माह तक के प्रशिक्षण विकल्प का प्रावधान पार्थ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की अवधि को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है— 01 वर्ष का प्रशिक्षण : गहन तैयारी के लिए। 06 माह का प्रशिक्षण : मध्यम अवधि की तैयारी के लिए। 01 से 03 माह का प्रशिक्षण : त्वरित तैयारी के लिए। प्रशिक्षण शुल्क स्थानीय परिस्थितियों एवं जिला स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसार निर्धारित किए जाने का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 4 हजार रुपये, बालिकाओं के लिए तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 2 हजार रुपये तथा छह माह के प्रशिक्षण के लिए 8 हजार शुल्क का उल्लेख किया गया है। युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और रोजगार के अवसर बढ़ाने का उद्देश्य पार्थ योजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से तैयार करना है। योजना के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है। योजना के अपेक्षित लाभों में युवाओं की शारीरिक क्षमता में वृद्धि, सुरक्षा बलों में भर्ती की सफलता दर को बढ़ावा देना, स्थानीय अधोसंरचना का उपयोग एवं रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन देना शामिल है। नियमित मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन की व्यवस्था पार्थ योजना के अंतर्गत योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मूल्यांकन के लिए संचालनालय स्तर पर अधिकारी नामांकित किए जाने का प्रावधान है। सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश को प्रस्तुत की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों की भर्ती सफलता दर को प्रमुख सफलता मानदंड के रूप में मापने का प्रस्ताव है। योजना की त्रैमासिक एवं वार्षिक समीक्षा भी की जाएगी।  

भोपाल के फर्जी IAS केस में बड़ा मोड़, पीड़िता से रिश्वत मांगने का आरोप; ASI और हवलदार पर कार्रवाई

भोपाल भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति सिंह से जुड़ी कहानी में अब एक ऐसा मोड़ आया है, जिसने पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. कहानी शुरू हुई थी एक ऐसी महिला से, जिस पर फर्जी IAS बनकर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप हैं. उसके खिलाफ तीन FIR दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है. कई लोग शिकायत लेकर थाने पहुंचे. लेकिन इसी जांच के दौरान एक शिकायत ऐसी आई, जिसमें आरोप सीधे पुलिसकर्मियों पर लग गए।  आरोप था कि जिन पुलिसवालों से पीड़ित इंसाफ की उम्मीद लेकर थाने पहुंच रहे थे, उन्हीं में से कुछ ने उनसे पैसे मांगने शुरू कर दिए. इसके बाद बागसेवनिया थाने में तैनात ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर को लाइन अटैच कर दिया गया।  इस कहानी में ख्याति नाम की युवती की शिकायत अहम है, जो बैतूल की रहने वाली है. ख्याति ने फर्जी IAS तृप्ति सिंह के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की थी. शिकायत की जांच बागसेवनिया थाने में चल रही थी. ख्याति का आरोप है कि जांच के दौरान ASI मनोज शर्मा ने उससे रुपये मांगे।  अब यहां कहानी थोड़ा पेचीदा हो जाती है. ख्याति के मुताबिक, जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसे ही मामले में आरोपी बनाने की धमकी दी गई. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया था कि तृप्ति सिंह के बैंक खाते से ख्याति के खाते में कुछ रकम ट्रांसफर हुई थी. आरोप है कि इसी लेनदेन को आधार बनाकर ख्याति पर कार्रवाई का दबाव बनाया गया।  हालांकि, रिश्वत मांगने के इन आरोपों की जांच अभी होनी है. अभी संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आया है. मामला सामने आने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची. एसीपी रजनीश कश्यप ने बताया कि ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. आरोप था कि तृप्ति सिंह से जुड़े मामले में शिकायतकर्ताओं से पैसे मांगे जा रहे थे और उन्हें डराया जा रहा था।  शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया. फिलहाल शिकायत सामने आई, वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची और उसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है।  भोपाल में तृप्ति के खिलाफ दर्ज हो चुकीं तीन एफआईआर इस कहानी का दूसरा सिरा फर्जी IAS तृप्ति सिंह से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, बागसेवनिया थाने में तृप्ति सिंह के खिलाफ तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं. मामले में कई शिकायतकर्ता भी सामने आए हैं. ख्याति की शिकायत के आधार पर भी तृप्ति सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. यानी एक तरफ पुलिस तृप्ति सिंह के खिलाफ कथित ठगी के मामलों की जांच कर रही थी, दूसरी तरफ उसी जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें आने लगीं. मामला यहीं से और उलझ गया।  आरोप ये है कि तृप्ति सिंह के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंची ख्याति से ही जांच के दौरान पैसे मांगे गए. जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो कथित तौर पर उसे आरोपी बनाने की धमकी दी गई. ख्याति की शिकायत और दूसरी शिकायतों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों पुलिसकर्मियों को थाने से हटा दिया. लेकिन आरोपों की सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही साफ होगा. फिलहाल तृप्ति सिंह से जुड़े मामलों की जांच जारी है. वहीं ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर पर लगे आरोपों की भी जांच हो रही है. जांच के निष्कर्ष के बाद ही साफ होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। 

रूबी गुर्जर हत्याकांड: प्रेमी के साथ कॉल पर कनेक्ट थी रूबी, चीखें रिकॉर्ड होने के बाद छा गई खामोशी; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

रूबी गुर्जर हत्याकांड:   प्रेमी के साथ कॉल पर कनेक्ट थी रूबी, चीखें रिकॉर्ड होने के बाद छा गई खामोशी; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल मुरैना 10 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के घाट उतारी गई रूबी गुर्जर मामले में एक चौकाने वाला ऑडियो खुलासा सामने आया है। हरदोई (यूपी) निवासी रूबी के कथित प्रेमी अनुज सिंह के अनुसार, जब परिजन रूबी को मुरैना से गांव ले जा रहे थे, तब अनहोनी की आशंका के चलते रूबी ने उन्हें फोन पर कनेक्ट कर रखा था। गांव पहुंचने पर रूबी ने वाहन से उतरने से इनकार किया था, लेकिन साथ मौजूद महिलाओं द्वारा सुरक्षा का भरोसा देने पर वह उतरी। इसके कुछ ही देर बाद फोन पर रूबी की दर्दनाक चीखें सुनाई दीं और फिर अचानक सन्नाटा छा गया। माना जा रहा है कि फोन गिरने के बाद आरोपियों को कॉल चालू होने का पता चल गया था। मुरैना के एडवोकेट राकेश दुबे ने भी इस ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि की है। इस वारदात के बाद अब नूराबाद थाना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के समय ऑडियो रिकॉर्डिंग में जिन महिलाओं की आवाजें सुनाई दे रही हैं, उनके खिलाफ अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं की गई? क्या पुलिस उन महिलाओं को बचाने का प्रयास कर रही है? रूबी ने नूराबाद पुलिस से लगाई थी गुहार  फोटो -नूराबाद थाने का फोटो लगाना है  गौरतलब है कि रूबी गुर्जर ने अपनी हत्या से कुछ ही दिन पूर्व, 24 अगस्त 2026 को 'वन स्टॉप सेंटर' के माध्यम से नूराबाद थाना पुलिस को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उसने पूर्व में अपने मकान मालिक सोहन राजपूत (न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी) पर ब्लैकमेलिंग, जबरदस्ती और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बावजूद समय पर सख्त कदम न उठाए जाने और अब ऑडियो में शामिल महिलाओं पर कार्रवाई न होने से पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।

एंबुलेंस बनी नशा तस्करी का जरिया, अमृतसर में करोड़ों की ड्रग्स जब्त

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने एंबुलेंस की आड़ में नशा तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ड्राइवर समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 9 किलो 549 ग्राम हेरोइन, 5 किलो 459 ग्राम अफीम और 30 बोर की एक पिस्तौल बरामद की है। पुलिस के अनुसार गिरोह के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं और आरोपी ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से नशे की खेप मंगवाकर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे।  पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कैंटोनमेंट, राजासांसी, ए डिवीजन और छेहरटा थाना क्षेत्रों में मामले दर्ज कर गिरफ्तारियां की गई हैं। सबसे पहले राजिंदर सिंह को 30 बोर पिस्तौल के साथ काबू किया गया। उसकी पूछताछ के आधार पर विनय को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से चार किलो से अधिक अफीम बरामद हुई। इसके बाद प्रदीप सिंह को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक प्रदीप निजी एंबुलेंस का चालक है और वह एंबुलेंस के जरिए नशे की सप्लाई करता था। उसके कब्जे से करीब 1 किलो 224 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। एक अन्य मामले में नवनीत सिंह उर्फ कीड़ा को गिरफ्तार कर करीब सवा सात किलो हेरोइन बरामद की गई। तीसरे मामले में बलजिंदर सिंह और अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत को गिरफ्तार कर 2 किलो 535 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।  पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी एंबुलेंस का इस्तेमाल इसलिए करते थे क्योंकि आम तौर पर ऐसी गाड़ियों पर कम संदेह होता है और यातायात में उन्हें रास्ता भी आसानी से मिल जाता है। पुलिस अब खाली एंबुलेंस, विशेषकर बिना मरीज चल रही एंबुलेंस की नाकों पर जांच करेगी। साथ ही एंबुलेंस चालकों की पृष्ठभूमि और रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को आगे और बरामदगी व गिरफ्तारियों की उम्मीद है। 

घातक तलवार और चाकू लेकर घूम रहे दो आरोपी कुठला पुलिस के हत्थे चढ़े, आर्म्स एक्ट के तहत हुई कार्रवाई, न्यायालय ने दोनों को भेजा जेल

घातक तलवार और चाकू लेकर घूम रहे दो आरोपी कुठला पुलिस के हत्थे चढ़े, आर्म्स एक्ट के तहत हुई कार्रवाई, न्यायालय ने दोनों को भेजा जेल कटनी  आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कुठला पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए धारदार तलवार और चाकू के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा (भापुसे) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक शिवा पाठक के मार्गदर्शन में कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पहली कार्रवाई 14 सितंबर की रात पेट्रोलिंग के दौरान पहलवान ढाबा के आगे नहर के पास की गई। पुलिस को यहां एक युवक संदिग्ध अवस्था में मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम शिब्बू चौधरी (20), निवासी इंद्रानगर गली नंबर 9, थाना कुठला बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से धारदार लोहे की तलवार बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, 15 सितंबर को पुलिस को भ्रमण के दौरान इंद्रानगर बायपास यात्री प्रतीक्षालय के पास एक युवक के धारदार चाकू लेकर मौजूद होने की मुखबिर से सूचना मिली। सूचना की तस्दीक करने पहुंची पुलिस को देखकर युवक भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहित पटेल (22), निवासी इंद्रानगर गली नंबर 4, थाना कुठला बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से धारदार चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध पृथक-पृथक धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक रवि शुक्ला, प्रधान आरक्षक अजय यादव, राहुल मिश्रा, रामेश्वर सिंह, आलोक तिवारी, आरक्षक दुर्गेश सिंह, विवेक शुक्ला, विजय प्रजापति सहित अन्य पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न बिलासपुर  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक पुलिस चौकी प्रभारी अशोक ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत बिलासपुर के सरपंच ज्ञान चंद सोनी, ग्राम पंचायत बसाढ़ी की सरपंच फुलबाई रामपाल सिंह, भाजपा मंडल बिलासपुर अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी सहित रविकांत गौतम, अनिल मिश्रा, राजा द्विवेदी, ललन सेन, रविशंकर सोनी, गेंदलाल महार, सुबोध राय एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

पंजाब पुलिस के 70 इंस्पेक्टरों को प्रमोशन, DSP पद पर हुई तैनाती; एक साल का कार्यकाल

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इंस्पेक्टर को सरकार ने बड़ी राहत दी है। गृह मामलों एवं न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिला कैडर और आर्म्ड कैडर के कुल 70 इंस्पेक्टर को पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया है। इन अधिकारियों को पंजाब पुलिस सेवा के वेतन स्तर-18 में पदोन्नति दी गई है, जिसमें 56,100 से 1,77,500 रुपये का वेतनमान है। सरकार की ओर से यह पदोन्नति विभागीय तरक्की कमेटी की 23 मई 2025 को हुई सिफारिशों के आधार पर की गई है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को वरिष्ठता सूची में उनकी स्थिति और निर्धारित नियमों के तहत डीएसपी के पद पर नियुक्त किया गया है। जिला कैडर में 50 और आर्म्ड कैडर में 20 अधिकारी पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में जिला कैडर के 50 इंस्पेक्टर शामिल हैं, जबकि आम्र्ड कैडर के 20 इंस्पेक्टर को डीएसपी बनाया गया है। सूची में कई ऐसे अधिकारी भी हैं, जो लंबे समय से इंस्पेक्टर के पद पर सेवाएं दे रहे थे। सरकार के इस फैसले से इन अधिकारियों को न केवल उच्च पद मिला है, बल्कि वेतनमान में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। एक साल की रहेगी पदोन्नति की अवधि अधिसूचना में पदोन्नति को लेकर एक अहम शर्त भी रखी गई है। इसके तहत संबंधित अधिकारियों की पदोन्नति का प्रभाव तत्काल लागू होगा, लेकिन उनकी पदोन्नति एक साल की अवधि के लिए रहेगी। इस अवधि के दौरान निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार उनके प्रदर्शन तथा सेवा संबंधी मामलों को देखा जाएगा। इसके अलावा यदि किसी अधिकारी की वरिष्ठता सूची में कोई बदलाव होता है अथवा किसी स्तर पर कोई आपत्ति या न्यायिक मामला सामने आता है, तो उसके अनुसार पदोन्नति पर दोबारा विचार किया जा सकेगा। डीएसपी के खाली पदों को भरने में मिलेगी मदद पंजाब पुलिस में डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां कानून-व्यवस्था, अपराध की जांच और पुलिस प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में 70 इंस्पेक्टर को डीएसपी बनाए जाने से विभाग को फील्ड स्तर पर भी अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। खासकर जिला पुलिस और आर्म्ड पुलिस में अधिकारियों की कमी को दूर करने में यह पदोन्नति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार ने यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया है। पदोन्नत अधिकारियों को अब डीएसपी स्तर की जिम्मेदारियां संभालनी होंगी और विभाग की ओर से उनके नए पदों पर तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जा सकते हैं।