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सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में बड़ा एक्शन, अवैध मदरसों पर कार्रवाई और अपराधियों की परेड

 गाजियाबाद 
यूपी के गाजियाबाद में पुलिस-प्रशासन का 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' जारी है. सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा इलाके को अपराध मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे इस ऑपरेशन के तीसरे और फाइनल दिन मंगलवार को तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया. वक्फ निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा. पुलिस ने घर-घर जाकर 600 अपराधियों का सत्यापन किया, संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और पुराने बदमाशों से अपराध न करने की शपथ दिलवाई। 

खोड़ा के तीन अवैध मदरसे किए गए सील
आपको बता दें कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़, डीएम रविन्द्र एम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चन्द्र तिवारी की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन की अगुवाई की. मोहल्ले-मोहल्ले जाकर अपराधियों की शिनाख्त की गई और कानूनी एक्शन लिया गया। 

इन सबके बीच प्रशासन की टीम ने खोड़ा के मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल उलूम (मोहल्ला बीरबल), सुल्तान अलारफीन मदरसा और एक अन्य मदरसे को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया है. यह कार्रवाई मदरसों के गैर-मान्यता प्राप्त होने, अवैध संचालन, कार्यालय में पंजीकृत न होने और परिसर में अग्निशमन व विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी (NOC) न होने के कारण की गई. संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। 

अपराधियों का सत्यापन और थानों में ली शपथ
'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का असर अब पूरे गाजियाबाद जिले में दिखने लगा है. खोड़ा कॉलोनी में घर-घर जाकर 3 दिन के अंदर 600 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स का वेरिफिकेशन किया गया. इसके अलावा, साहिबाबाद, इंदिरापुरम और खोड़ा थानों में करीब 150 पुराने अपराधियों को बुलाकर चेतावनी दी गई, जिसके बाद करीब 80 लोग तख्ती लेकर साहिबाबाद थाने पहुंचे और भविष्य में कभी अपराध न करने की शपथ ली। 

संदिग्ध किराएदारों की जांच और असद के घर पर नोटिस
खोड़ा के घने आबादी वाले इलाके में बिना वेरिफिकेशन के रह रहे किराएदारों और कमर्शियल जगहों की लिस्ट खंगालकर चेकिंग चलाई जा रही है. मुख्य आरोपी असद के घर के दरवाजे पर एसडीएम (SDM) का नोटिस लगा है, जिसे सोमवार को कुछ लोगों ने तोड़ने की कोशिश की थी. पड़ोसी ललित के मुताबिक असद के पिता नवाब ने यह मकान 6 महीने पहले किसी डीलर को बेच दिया था, लेकिन असद कभी-कभार गली में आया करता था। 

असद के मददगार गिरफ्तार, सारिक मेवाती फरार
पुलिस ने इस मामले में गहराई से जांच करते हुए कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है और कुछ को छोड़ दिया गया है. मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने साजिश रचने और मदद करने के आरोप में उसके पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी सारिक मेवाती अभी भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। 

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