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छात्राओं की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष फोकस, जनजातीय बालिकाओं को दी जा रही जानकारी

जनजातीय छात्राओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जा रहा जागरूक

रक्षा सखी अभियान के तहत बड़वानी पुलिस दे रही महिला सुरक्षा, साइबर अपराध एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी

भोपाल
जनजातीय छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से बड़वानी पुलिस द्वारा “रक्षा सखी” अभियान चला रही है। अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी प्रदान की जा रही है।

बड़वानी पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को अनुसूचित जनजाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना तथा महिला संबंधी अपराधों के बारे में विस्तार से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ला ने बताया है कि कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया जा रहा है।

छात्राओं को आत्मरक्षा, आत्मविश्वास एवं किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के उपायों की जानकारी देते हुए उन में आत्म विश्वास पैदा किया जा रहा है। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 तथा अन्य पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।

कार्यक्रम में छात्राओं की महिला सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े विषयों पर सक्रिय सहभागिता दिखाई दे रही है तथा स्वयं को सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने का संकल्प भी कराया जा रहा है। बड़वानी पुलिस का “रक्षा सखी” अभियान जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों की बालिकाओं और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन रहा है।

 

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