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यूपी में 1900 किलोमीटर से अधिक हुआ एक्सप्रेसवे नेटवर्क

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। कभी पिछड़ेपन और विकास की धीमी रफ्तार के लिए पहचाने जाने वाला यूपी आज एक्सप्रेसवे स्टेट के रूप में नई पहचान बना चुका है। गत 9 वर्षों में यूपी में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क 1900 किलोमीटर से अधिक हो गया है। यह आर्थिक बदलाव की नई कहानी को दर्शा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। गाजीपुर से दिल्ली तक का सफर अब लगभग 10 घंटे में सिमट गया है। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे ने यात्रा समय को लगभग आधा कर दिया है। एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे औद्योगिक पार्क व क्लस्टर योगी सरकार ने खुद को केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि एक्सप्रेसवे के साथ औद्योगिक विकास का मजबूत मॉडल तैयार किया है। सरकार सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे विभिन्न औद्योगिक पार्क और क्लस्टर विकसित कर रही है, जो आने वाले समय में प्रदेश में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे, जिससे लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आज डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की रीढ़ बन चुका है। झांसी और चित्रकूट जैसे क्षेत्रों में रक्षा उत्पादन इकाइयों की स्थापना से रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना को भी इन एक्सप्रेसवे का बड़ा लाभ मिला है। कन्नौज का इत्र, कानपुर का चर्म उद्योग और पूर्वांचल के हस्तशिल्प अब तेज़ परिवहन व्यवस्था के जरिए राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच रहे हैं। गांव से शहर तक पहुंचा विकास का लाभ योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह मानी जा रही है कि एक्सप्रेसवे का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। संपर्क मार्गों और ग्रामीण सड़कों के जरिए छोटे कस्बों और गांवों को भी इससे जोड़ा गया है। किसान अब अपने कृषि और दुग्ध उत्पाद कम समय में शहरों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद करीब 36 लाख करोड़ रुपये हो गया है। लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश प्रस्ताव यूपी को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।

महिला एवं बाल सुरक्षा पर योगी सरकार का फोकस ,त्वरित कार्रवाई से टले बाल विवाह

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। औरैया जिले में प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई से दो बहनों का बाल विवाह समय रहते रुकवाया गया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ दो बेटियों के जीवन और शिक्षा को सुरक्षित किया, बल्कि समाज में कानून के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी संदेश दिया। यह मामला औरैया जिले के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र के एक गांव का है। जहां संरक्षण अधिकारी रीना चौहान को 1098 हेल्पलाइन के जरिए सूचना मिली कि दो नाबालिगों का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आई नाबालिगों की उम्र इस दौरान पता चला कि एक बहन की उम्र अभिलेखों में 18 वर्ष दर्ज है, लेकिन जिस लड़के से उसका विवाह तय था, उसकी उम्र मात्र 17 वर्ष 4 माह पाई गई। वहीं दूसरी की उम्र केवल 14 वर्ष 11 दिन निकली। इस प्रकार दोनों विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अवैध पाए गए। रेस्क्यू टीम ने परिजनों को कानून की जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है।  शिक्षा और सुरक्षा योगी सरकार की प्राथमिकता योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और बाल श्रम जैसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। इसी का परिणाम है कि प्रशासनिक टीमें संवेदनशील मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर रही हैं। बाल विवाह रोकने की ऐसी घटनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत हैं। इससे न केवल बेटियों को शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भविष्य को भी मजबूती मिलती है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में तत्काल की जा रही कार्रवाई: निदेशक सी. इंदुमती महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमती ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही औरैया जिला प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच में उम्र वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत निरंतर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, इसके अलावा बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ समय- समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। किसी भी सूचना पर प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयां तत्काल कार्रवाई कर रहीं हैं। हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

रायपुर विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया। अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी। उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

बरेली जिले में आयुष्मान मरीजों के इलाज पर 682 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान

लखनऊ योगी सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में अब तक 50 लाख 40 हजार 937 आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों ने कुल 91 लाख 87 हजार 418 बार इलाज कराया है। इन मरीजों के इलाज के लिए 15 हजार 140 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम किया गया, जिनमें से अब तक 13 हजार 315 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़े बताते हैं कि योगी सरकार गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। बरेली में 1 लाख 83 हजार 714 आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों ने लिया योजना का लाभ साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत सबसे अधिक भुगतान बरेली जिले के लाभार्थियों के इलाज पर किया गया है। बरेली जिले में 1 लाख 83 हजार 714 आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों ने योजना का लाभ लिया। यहां 3 लाख 72 हजार 319 उपचार क्लेम दर्ज किए गए। इसके लिए 682 करोड़ 99 लाख 77 हजार 778 रुपये का क्लेम किया गया, जबकि 620 करोड़ 81 लाख 64 हजार 359 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही बरेली पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। गोरखपुर दूसरे स्थान पर है। यहां 1 लाख 71 हजार 492 लाभार्थियों ने योजना के तहत इलाज कराया और कुल 3 लाख 59 हजार 529 क्लेम दर्ज किए गए। इन क्लेमों के लिए 591 करोड़ 25 लाख 5 हजार 428 रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई, जबकि 539 करोड़ 56 लाख 47 हजार 285 रुपये का भुगतान किया गया। वहीं मुरादाबाद तीसरे स्थान पर रहा। जिले में 1 लाख 29 हजार 1 लाभार्थियों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया। यहां 2 लाख 57 हजार 480 क्लेम दर्ज हुए, जिनके लिए 519 करोड़ 60 लाख 94 हजार 301 रुपये का क्लेम किया गया और 459 करोड़ 91 लाख 43 हजार 815 रुपये का भुगतान किया गया। बिजनौर, सहारनपुर, वाराणसी, बुलंदशहर, मेरठ, लखनऊ के लोगों ने भी प्रमुखता से लिया योजना के लाभ साचीज की सीईओ ने बताया कि बिजनौर, सहारनपुर, वाराणसी, बुलंदशहर, मेरठ, लखनऊ और कानपुर नगर के आयुष्मान कार्ड धारकों ने योजना का प्रमुखता से लाभ उठाया। इसमें बिजनौर में 486 करोड़ रुपये से अधिक, सहारनपुर में 463 करोड़ रुपये से अधिक और वाराणसी में 449 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम दर्ज किए गए। वहीं लखनऊ और कानपुर नगर जैसे बड़े शहरों में भी करोड़ों रुपये का भुगतान कर मरीजों को राहत दी गई। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश के गरीबों को बड़े अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति, मिर्जापुर में जिम जिहाद के अभियुक्तों के खिलाफ की गई गैंगस्टर की कार्रवाई

मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालो के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्यवाही कर रही है। मिर्ज़ापुर में जिम के माध्यम से अवैध धर्मांतरण करने के 10 अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की गई है। मिर्ज़ापुर के एएसपी  नीतेश सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देश पर  जनपद में अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़ तथा पुरस्कार घोषित/इनामियाँ/गो-तस्करी तथा धर्म परिवर्तन में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु जनपद में निर्देश दिए गये हैं ।   इसी क्रम में  थाना कोतवाली देहात में  19 जनवरी 2026 को एक महिला  की  तहरीर पर थाना  कोतवाली देहात में धारा 74/308 (5)/352/351(2) बी0एन0एस0 व 3/5(1) उ0प्र0 धर्म परिवर्तन अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया था।   विवेचना के समय साक्ष्य संकलन के आधार पर इसमें  धारा-64(1)/ 61(2)/319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/238/111 बी0एन0एस0 व 67बी आई0टी0 एक्ट भी जोड़ी गई। आरोपियों की चार्ज शीट 17 अप्रैल में कोर्ट में पेश की गई। इस मामले में विवेचना के बाद पता चला कि गैंग लीडर इमरान खान पुत्र इशरार अहमद द्वारा अपने गैंग के सदस्यों के साथ अपने व अपने साथियों के आर्थिक, भौतिक एंव अनुचित दुनियावी लाभ हेतु हिन्दू लड़कियों को जिम में ट्रेनिंग देने व उन्हे बहला-फुसला कर अपने साजिश में लेकर, उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना, उनका आपत्तिजनक फोटो व विडियो बनाकर ब्लैकमेल करना व जबदस्ती पैसा वसुलना व जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया जाता है।   इनके विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही हेतु पर्याप्त आधार मौजूद  होने पर अभियुक्तों के खिलाफ  उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप(निवारण) अधिनियम पंजीकृत किया गया है । अभियुक्त द्वारा इस प्रकार के अपराध से अर्जित सम्पत्ति को चिह्नित कर गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्तीकरण की भी कार्यवाही करायी जायेगी । सभी अभियुक्त वर्तमान समय में जनपद कारागार मीरजापुर में निरुद्ध है ।

सहकारिता आयुक्त ने मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं शुरू करने के दिए निर्देश

रायपुर राज्य के शहरी सहकारी बैंकों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़  महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में राज्य के 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सहकारिता आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आसान बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) जैसी सुविधाएं शुरू की जाएं। सहकारिता आयुक्त ने बैंकों को यह भी निर्देशित किया कि वे तकनीकी सहायता और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए गठित अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ें। इससे बैंकों को नई तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी। बैठक में अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली के अधिकारी  सुमीत हंस ने बैंकों को संगठन से जुड़ने के लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगे। इस अवसर पर व्यावसायिक सहकारी बैंक रायपुर, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, अंबिकापुर और जगदलपुर के सहकारी बैंक शामिल हुए। सहकारिता आयुक्त  कावरे ने सभी बैंकों को तय समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश के सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीसी के जरिए परखी जमीनी हकीकत

रायपुर       सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले की वर्तमान प्रगति और क्रियान्वयन की बिंदुवार जानकारी साझा की। इस उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। ​राजस्व मामलों में तेजी और अधोसंरचना निर्माण के निर्देश        प्रभारी सचिव ने राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए भू-अभिलेख, भू-अर्जन और डायवर्शन के नक्शा-खसरा को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट, एसडीएम कार्यालय, जिला पंचायत, जिला अस्पताल और ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। ​पेयजल, मनरेगा और ग्रामीण विकास पर फोकस      ​ बैठक में जल जीवन मिशन, जल आवर्धन योजना और मल्टी विलेज पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई ताकि हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा मनरेगा के तहत रोजगार सृजन, पीएम ग्राम सड़क योजना, स्वामित्व योजना और 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रगति को भी देखा गया। ​स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की पड़ताल  जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में सामान्य प्रसव व ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने और बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर चर्चा हुई। इसी तरह पीएम स्कूल निर्माण और हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य, किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक पंजीयन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई। ​कृषि, आपूर्ति और कानून व्यवस्था की समीक्षा    ​ प्रभारी सचिव ने खरीफ सीजन के मद्देनजर रासायनिक खाद की उपलब्धता व भंडारण की जानकारी ली। साथ ही धान उठाव और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में चावल भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। जिले में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति, खनिज विभाग की गतिविधियों और डीएमएफ (DMF) राशि से संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। ​        प्रभारी सचिव ने जिले में तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन, उप जेल की स्थिति, सड़क सुरक्षा, आपराधिक आंकड़ों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की कड़ाई से समीक्षा की। मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसी तरह जिला खनिज न्यास (DMF) के सहयोग से युवाओं के लिए संचालित तेजस निःशुल्क फ्री कोचिंग, ग्राम सुखापाली की 25 एकड़ शासकीय भूमि पर हो रही सामूहिक अमरूद की विशेष खेती,​सपेरा बस्ती के 40 हितग्राहियों के लिए पीएम आवास निर्माण की प्रगति,​मकरी दरहा में पहुंच सीसी रोड, लातनाला पर एनीकट निर्माण और जिले के मॉडल आंगनबाड़ियों की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

विगत दो दिनों में लगभग 1 करोड़ 56 लाख रूपए से अधिक के गांजा, डोडाचूरा एवं अफीम सहित वाहन जब्त

भोपाल  पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो दिनों में अनूपपुर, मंदसौर और नीमच जिलों की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक कीमत का गांजा, डोडाचूरा एवं अफीम जब्‍त किया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहन भी जप्त किए गए हैं। पुलिस की इन कार्रवाइयों से प्रदेश में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया गया है। अनूपपुर : जिले के थाना रामनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम फुलवारीटोला मार्ग पर नाकाबंदी कर एक वाहन को रोका। पुलिस टीम को देखकर चालक ने कार लेकर भागने का प्रयास किया। भागने के प्रयास में वाहन पेड़ से टकरा गया। मौके से पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 225 किलो 740 ग्राम अवैध गांजा प्राप्‍त हुआ। पुलिस ने गांजा एवं कार सहित लगभग 1 करोड़ 12 लाख 87 हजार की संपत्ति जब्‍त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। मंदसौर : जिले के थाना नारायणगढ़ पुलिस ने डोडाचूरा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक वाहन से 402 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया। पुलिस ने मुखबिर सूचना पर भांगी पिपलिया से चौथखेड़ी रोड पर नाकाबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से डोडाचूरा, स्कॉर्पियो-N कार एवं मोबाइल सहित लगभग 33 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। नीमच : जिले की थाना जावद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार से 01 किलो 784 ग्राम अवैध अफीम जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जावद-नयागांव रोड स्थित ढाबा माता मंदिर पुलिया के पास नाकाबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी के कब्जे से अफीम एवं तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट कार सहित लगभग 8 लाख 92 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की गई। भोपाल : क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित RRL ब्रिज के पास कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 21 किलो 20 ग्राम अवैध डोडाचूरा जब्‍त किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये है। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।  

“ईंधन बचाओ–ऊर्जा बचाओ”, “वोकल फॉर लोकल” और “हरित सहकार अभियान” पर विशेष जोर

उज्जैन  जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, उज्जैन के सभाकक्ष में अपेक्स बैंक, भोपाल के नवमनोनीत अध्यक्ष/प्रशासक माननीय श्री महेन्द्र सिंह जी यादव की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रबंध संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक उज्जैन के प्रशासक के रूप में भी उपस्थित रहे। साथ ही उज्जैन संभाग के सभी जिला बैंकों के सीईओ एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।  वैश्विक ऊर्जा संकट के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण संदेश माननीय प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह जी यादव ने वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट के संदर्भ में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रहित में किए गए विनम्र अनुरोध का उल्लेख करते हुए सहकारिता एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से “ईंधन बचाओ–ऊर्जा बचाओ” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में “वोकल फॉर लोकल” अभियान को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया गया, ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।  “एक पेड़ माँ के नाम” और “हरित सहकार अभियान” बैठक में “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान को जिला बैंक मुख्यालय एवं पैक्स स्तर पर लक्ष्य अनुसार पूर्ण करने का आह्वान किया गया। इन सभी पहलों के माध्यम से “हरित सहकार अभियान” को सहकारी समितियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास का एक प्रभावी मॉडल बनाने पर जोर दिया गया।  किसानों के सम्मान का सुझाव प्रशासक महोदय द्वारा सुझाव दिया गया कि बी-पैक्स संस्थाओं की वर्ष 2026-27 वित्तीय वर्ष समाप्ति पर आयोजित वार्षिक आमसभा में चयनित न्यूनतम 10 सदस्य किसानों को सम्मानित किया जाए, जिससे किसान सहभागिता और प्रोत्साहन को बढ़ावा मिले।  सदस्यता अभियान और अंशपूंजी संग्रह की समीक्षा बैठक में उज्जैन संभाग में चल रहे सदस्यता महाभियान की समीक्षा की गई। उज्जैन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा लगभग 50 लाख रुपये की अंशपूंजी जमा की गई है, जो पूरे मध्यप्रदेश में सर्वाधिक है। हालांकि यह निर्धारित लक्ष्य से कम है, फिर भी राज्य में शीर्ष प्रदर्शन माना गया। सभी जिला बैंकों को सदस्यता एवं अंशपूंजी लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।  ऋण वितरण, वसूली और व्यवसाय विस्तार पर निर्देश अल्पावधि फसल ऋण की वसूली बढ़ाने पर जोर देवास जिला बैंक द्वारा संभाग में सर्वाधिक वसूली की सराहना ऋण वितरण को अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के निर्देश टर्म लोन वितरण में उदासीनता दूर करने की आवश्यकता पर बल पैक्स स्तर पर व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर  बैंकिंग सुदृढ़ता और CASA संग्रहण बैठक में स्पष्ट किया गया कि कासा (CASA) अमानतें बैंकों की वित्तीय सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कुछ बैंकों द्वारा 100% से अधिक लक्ष्य प्राप्त किया गया कुछ बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं रहा सभी जिला बैंकों को CASA संग्रहण में सुधार करने के निर्देश दिए गए।  गेहूं उपार्जन कार्य पर सख्त निर्देश वर्तमान में चल रहे गेहूं उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। ई-पीओ (EPO) लंबित न रहें उपार्जित काश्त का शत-प्रतिशत परिवहन सुनिश्चित हो किसी भी प्रकार की वित्तीय या संचालन संबंधी हानि न हो  बैठक में प्रमुख उपस्थिति बैठक में उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच एवं आगर-मालवा जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपेक्स बैंक के अधिकारी तथा ओएसडी श्री अभय प्रधान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  पूर्व भ्रमण कार्यक्रम बैठक से पूर्व प्रशासक महोदय द्वारा भोपाल से देवास पहुंचकर जिला बैंक एवं विभिन्न सहकारी सोसाइटियों का निरीक्षण भी किया गया।  

समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य: जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल संसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में पूर्ण ‍किया जाए। कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर कार्यो का निरीक्षण करें एवं निरीक्षण प्रतिवेदन भिजवाएं। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं उनकी प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लक्ष्य है कि आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को शिप्रा के निर्मल जल में स्नान कराया जाए और उनकी यात्रा सहज और सुगम हो। मंत्री  सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में जलसंसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट ने विभाग की तीन प्रमुख राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एवं तापी मेगा रिचार्ज परियोजना में कराये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  सिलावट ने उज्जैन में कराए जा रहे सिंहस्थ सबंधी कार्यों कान्ह डक्ट परियोजना, सेवरखेडी-सिलारखेडी परियोजना और क्षिप्रा नदी पर घाट निर्माण कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों में निर्माणाधीन बैराजों की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागांतर्गत निर्माणाधीन वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। मंत्री  सिलावट द्वारा भोपाल में केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर निर्माण कार्य के अंतर्गत बिजली लाइन शिफ्टिंग एवं सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये। मंत्री  सिलावट ने सीएम मॉनिटरिंग से संबंधित प्रकरणों एवं मुख्यमंत्री की विभागीय घोषणाओं से संबंधित सभी बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की और प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही इन प्रकरणों की सतत निगरानी करते हुए, इनकी प्रगति से संबंधित रिपोर्ट आगामी पन्द्रह दिवस में दिये जाने के निर्देश दिये।