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पीस कमेटी बैठक में फैसला, भीड़ बढ़ने पर मस्जिदों में ही अदा होगी ईद की नमाज

लखनऊ

ईदगाह में जगह पूरी तरह भर जाने की स्थिति में आसपास की अन्य मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करने को कहा गया है.(File Photo: PTI)

सड़क पर नमाज के मुद्दे पर सीएम योगी के सख़्त रुख के चलते, बकरीद को लेकर बुलाई गई पीस कमेटी की बैठक में साफ कहा गया कि किसी भी हाल में सड़क पर नमाज नहीं होगी. अगर ईदगाह में जगह पूरी तरह भर जाती है, तो बाहर नमाज पढ़ने के बजाय आसपास की दूसरी मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ने को कहा गया है.

प्रशासन ने यह भी कहा कि कुर्बानी के बाद जानवर के अवशेष खुले में या नालियों में न फेंके. खुले में अवशेष फेंकने का मुद्दा विश्व हिन्दू परिषद की तरफ से उठाया गया था.

बता दें, झांसी के शहर कोतवाली में एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में बकरीद त्यौहार को लेकर पीस कमेटी की बैठक हुई. जिसमें दोनों धर्मों के धर्मगुरुओं व विभिन्न संगठन के सदस्य मौजूद रहे. जिन्होंने कई समस्याओं के बारे में चर्चा की. वहीं प्रशासन ने जहां सड़क पर नमाज न पढ़ने पर फोकस किया तो वहीं हिन्दू संगठनों ने कुर्बानी के बाद जानवर का खून व वेस्ट मटेरियल नालियों में न बहाने की बात उठाई.

मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद के दिन बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और सफाई व्यवस्था पर जोर दिया. एसपी सिटी प्रीति सिंह ने कहा कि जो भी व्यवस्थाओं की बात कही गई है, उन्हें पूरा करने के निर्देश नगर निगम, बिजली व जल संस्थान के अधिकारियों को दे दिए गए हैं.

साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क पर किसी भी दशा में नमाज न पढ़े और कुर्बानी के अवशेष खुले में न फेंके.

कुर्बानी के बाद अवशेष का सही तरह से रखें
पुलिस प्रशासन की ओर से सभी को अवगत करा दिया गया है कि कुर्बानी के बाद जानवरक के अवशेष सही तरह से बाहर रखा जाए ताकि जब नगर निगम की गाड़ी आए तो वह कचरे रूप में उठाकर ले जाए. अव्यवस्था रूप से न फेंका जाए, जिससे कोई कुत्ता या अन्य जानवर उसे उठाकर न ले जाए.

अगर ऐसा हो जाता है तो अव्यवस्था का माहौल बन जाता है. साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि जो भी स्थानीय ईदगाह में नमाज सम्पन्न होती है वहां यदि क्षमता पूरी हो चुकी है तो आस-पास की मस्जिद में जाकर नमाज अदा कर लें, मस्जिद के बाहर किसी भी दशा में नमाज अदा न करें.

वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर लक्ष्मीकांत गौतम ने भी कहा कि किसी भी दशा में मस्जिद के बाहर या फिर सड़क पर नमाज अदा न करें.

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