samacharsecretary.com

2 जून से खुल जाएगी किस्मत! गुरु का बड़ा गोचर

 ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति (गुरु) को सुख, समृद्धि, ज्ञान, विवाह और भाग्य का कारक माना गया है. जून के महीने की शुरुआत में ही ज्योतिष जगत की एक बहुत बड़ी और शुभ घटना घटित होने जा रही है. 2 जून को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करने जा रहे हैं. ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, जब गुरु अपनी उच्च राशि में आते हैं, तो वे अत्यंत बलवान हो जाते हैं. केंद्र भावों की विशेष स्थिति के कारण गुरु का यह गोचर हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण करेगा. वैदिक ज्योतिष में पंच महापुरुष योगों में से एक 'हंस योग' को सबसे पवित्र और भाग्यशाली माना गया है, जो जातकों के जीवन में अचानक तरक्की, अटके कामों में गति और बंपर धन लाभ लेकर आता है.

मिथुन राशि (Gemini)- व्यापार, नई पार्टनरशिप और धन लाभ
व्यापार जगत से जुड़े लोगों के लिए 2 जून के बाद का समय बंपर मुनाफा देने वाला साबित होगा. बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों को नई और बेहतर नौकरियों के ऑफर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

कन्या राशि (Virgo)- शिक्षा, संतान और भाग्य का साथ
छात्रों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है, उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के रास्ते खुलेंगे. संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपके बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी.

धनु राशि (Sagittarius)- मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर
यह राजयोग आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी करेगा. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बढ़ेगा. यदि आप लंबे समय से किसी बड़े पद, इंक्रीमेंट या प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे, तो जून की शुरुआत में आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है.

मीन राशि (Pisces)- सुख-साधन, संपत्ति और मांगलिक कार्य
मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं होगा. भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने के प्रबल योग बनेंगे. पैतृक संपत्ति से जुड़े पुराने विवाद सुलझ जाएंगे और घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है.

देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के उपाय
– गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन मंदिर में चने की दाल, पीले वस्त्र, केला या केसर का दान करें.

– मंत्र जाप: नियमित रूप से बृहस्पति देव के बीज मंत्र 'ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः' का जाप करें.

– बुजुर्गों का आशीर्वाद: घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और अपने गुरुओं (शिक्षकों) का सम्मान करें और सुबह उठकर उनके चरण स्पर्श करें.

– हल्दी का तिलक: प्रतिदिन सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here