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1 जून 2026 राशिफल: किस राशि को मिलेगा परिवार का सहयोग और किसे रहना होगा सतर्क? पढ़ें आज का भविष्यफल

मेष राशि आज का दिन व्यस्तता भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण काम समय पर पूरे होने की संभावना है। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा, जिससे कई जिम्मेदारियां आसानी से निभा पाएंगे। किसी बात को लेकर अनावश्यक तनाव लेने से बचें। वृषभ राशि दिन सामान्य रहने के संकेत हैं। दैनिक कार्य बिना किसी बड़ी बाधा के पूरे हो सकते हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा। मिथुन राशि आज आपको भागदौड़ अधिक करनी पड़ सकती है। कई जिम्मेदारियां एक साथ आने से व्यस्तता बनी रहेगी। किसी पुराने मित्र से बातचीत होने के योग हैं। दिन के अंत तक राहत और संतोष महसूस होगा। कर्क राशि आज का दिन पहले की तुलना में बेहतर रह सकता है। घर-परिवार का माहौल सुखद रहेगा और अपनों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी पुरानी चिंता से राहत मिलने की संभावना है। सिंह राशि आपका आत्मविश्वास आज मजबूत रहेगा। लंबे समय से जिस काम को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे थे, उसमें सकारात्मक शुरुआत हो सकती है। किसी करीबी व्यक्ति की सलाह आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है। कन्या राशि आज धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी होगा। जल्दबाजी में लिया गया कोई फैसला परेशानी का कारण बन सकता है। अपने कार्यों पर पूरा ध्यान दें और अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखें। तुला राशि कामकाज का दबाव कुछ बढ़ सकता है, लेकिन आप अपनी समझदारी से स्थिति को संभाल लेंगे। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और दिनचर्या संतुलित रखें। वृश्चिक राशि दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें आप अच्छी तरह निभाने का प्रयास करेंगे। परिवार का सहयोग और साथ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि आज किसी नए व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है। कामकाज में धीरे-धीरे सकारात्मक प्रगति देखने को मिलेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। मकर राशि लंबे समय से रुका हुआ कोई काम आज गति पकड़ सकता है। दिनभर व्यस्तता बनी रह सकती है, लेकिन परिणाम संतोषजनक रहेंगे। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी करने से बचें। कुंभ राशि आज का दिन अच्छा रहने की संभावना है। कार्यों में मन लगेगा और पुराने मित्र या परिचित से बातचीत हो सकती है। घरेलू वातावरण भी सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा। मीन राशि मन प्रसन्न रहेगा और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में बड़ी परेशानियां नहीं आएंगी। दिन अपेक्षाकृत शांत और आरामदायक रह सकता है।

मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में पांच दिवसीय परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

भोपाल  मध्यप्रदेश में सुशासन, प्रभावी प्रशासनिक समन्वय एवं कानून-व्यवस्था प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल द्वारा परिवीक्षाधीन उप जिलाध्यक्षों के लिए आयोजित पांच दिवसीय परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 25 मई से 29 मई 2026 तक संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 25 मई को विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण  रवि कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य नवागत प्रशासनिक अधिकारियों को पुलिस व्यवस्था, कानून-व्यवस्था प्रबंधन तथा विभिन्न संवेदनशील परिस्थितियों में पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त भूमिका से व्यवहारिक रूप से परिचित कराना था। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पुलिस एवं प्रशासन के मध्य समन्वय, पुलिस एक्ट, वी.वी.आई.पी. ड्यूटी एवं कवरेज, निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाएं, सांप्रदायिक तनाव की स्थिति में पुलिस-प्रशासन की भूमिका एवं कार्यवाही सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक एवं परिवीक्षाधीन उप जिलाध्यक्षों के मध्य बलवा ड्रिल की संयुक्त कार्यवाही का व्यावहारिक प्रदर्शन भी आयोजित किया गया, जिसमें कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की रणनीतियों का प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास ने प्रतिभागियों को मैदानी परिस्थितियों में पुलिस बल की कार्यप्रणाली, समन्वित कार्रवाई तथा भीड़ नियंत्रण संबंधी व्यवस्थाओं की व्यवहारिक समझ प्रदान की। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसने प्रशिक्षण कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण एवं यादगार बनाया। कार्यक्रम का समापन उपनिदेशक मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी  संजय कुमार अग्रवाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सहायक निदेशक मती रश्मि पाण्डेय, मती यास्मीन जहरा, मती ज्योति उमठ , उप पुलिस अधीक्षक  नीरज नामदेव,  अनिल कुमार सिंह ,  नारायण चौधरी, सूबेदार  विजय गौर सहित अकादमी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से परिवीक्षाधीन अधिकारियों को प्रशासनिक एवं कानून-व्यवस्था संबंधी विषयों की व्यवहारिक जानकारी प्रदान कर उनके दायित्वों के प्रभावी निर्वहन हेतु तैयार किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी द्वारा आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासनिक एवं पुलिस तंत्र के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ जनहित में प्रभावी एवं उत्तरदायी शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  

दमोह के डायल-112 हीरोज सूझबूझ और तत्परता से 16 वर्षीय किशोरी की बचाई जान

भोपाल दमोह जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय कार्रवाई से एक 16 वर्षीय किशोरी को गंभीर घटना से सुरक्षित बचाया गया। समय पर हस्तक्षेप एवं समझाइश के माध्यम से किशोरी को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर आवश्यक परामर्श दिया गया। 29 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरान में एक 16 वर्षीय किशोरी स्वयं को कमरे में बंद कर फाँसी लगाने का प्रयास कर रही है एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना कोतवाली क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ सैनिक  सुनील तिवारी एवं पायलट  शारदा आठिया ने मौके पर पहुँचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए खिड़की के माध्यम से किशोरी से लगातार संवाद स्थापित किया तथा उसे धैर्यपूर्वक समझाने का प्रयास किया। जवानों की सूझबूझ, संवेदनशीलता एवं निरंतर समझाइश के परिणामस्वरूप किशोरी ने दरवाजा खोल दिया। इसके बाद डायल-112 टीम ने किशोरी एवं उसके परिजनों को समझाइश दी तथा भविष्य में विशेष देखभाल एवं भावनात्मक सहयोग बनाए रखने की सलाह दी। डायल-112 जवानों की त्वरित एवं मानवीय कार्यवाही से एक किशोरी को सुरक्षित बचाया जा सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में न केवल त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण के साथ जीवन की सुरक्षा हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।  

सड़क, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और आधारभूत अधोसंरचना को मिली नई मजबूती

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले को 105 करोड़ 4 लाख 69 हजार रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी।  विशेष बात यह रही कि अचानक आए अंधड़, तेज तूफान और बारिश के बावजूद विकास कार्यों का शुभारंभ नहीं रुका और मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सभी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न कराया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, जनता के विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम स्थल में बदलाव करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को प्रारंभ करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध सोच का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन में सुविधा, विश्वास और अवसरों का विस्तार है। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे आम नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव, प्रत्येक किसान, प्रत्येक महिला और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री  साय ने 78 करोड़ 1 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें बेरला-कोदवा-देवरबीजा-कर्मु मार्ग का दो-लेन मजबूतीकरण, भेड़नी-सल्धा-सिंधोरी मार्ग, बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग, सोढ़-रेवे-देवरबीजा-अकोला-खाती-सौरी मार्ग, मुड़पार खुर्द-जमघट पहुंच मार्ग, मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संप्रेषण गृह निर्माण, नगर सेना प्रशासकीय भवन निर्माण, गुदेली-कंडरका मार्ग सहित विभिन्न ग्रामों में सीसी रोड, नाली एवं सामुदायिक अधोसंरचना निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 27 करोड़ 3 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें नवनिर्मित हमर क्लिनिक, बोर खनन कार्य तथा विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक जैसी सुविधाएं लोगों को उनके निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास की जीवनरेखा होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को शहरों से और किसानों को बाजारों से जोड़ने के लिए आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। बेमेतरा जिले में स्वीकृत ये परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी तथा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा, गुणवत्ता मानकों और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे तथा कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में आज जिन विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है, वे विकसित बेमेतरा और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत आधार सिद्ध होंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

आम प्रदर्शनी में शामिल विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रादर्शाें को किया गया पुरस्कृत

रायपुर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शाें को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।       समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, विभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया। उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद – नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के निवास पहुंचकर व्यक्त की गहरी संवेदना, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक  रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय  दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय  सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक  रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। उन्होंने स्वर्गीय  दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक  ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

बिजनौर में होगा भव्य कार्यक्रम, 50 पूर्व सैनिकों/ लीजधारकों को भी मिलेगा लाभ

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शोषित-वंचित समुदाय तथा विस्थापितों को निरंतर भूमिधरी अधिकार पत्र मिल रहा है। ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, सुविधा व सम्मान मिल रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सोमवार को बड़े पैमाने पर पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों को भी उनका अधिकार दिलाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर के आलमपुर गांवड़ी, अफजलगढ़, धामपुर में विकास की बड़ी योजनाओं से स्थानीय लोगों को जोड़ेंगे। वह पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र देंगे। मुख्यमंत्री यहां प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को आवंटन पत्र व चेक वितरित करेंगे। साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का उद्घाटन भी करेंगे।  गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री ने अप्रैल में लखीमपुर खीरी में भी बांग्लादेश से विस्थापित 331 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किया था। साथ ही चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में नदियों द्वारा भूमि क्षरण से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों व थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया था। सीएम योगी ने मार्च में भी बहराइच के ग्राम पंचायत सेमरहना में आयोजित कार्यक्रम में भरथापुर गांव के 118 लाभार्थियों को 15 लाख रुपये प्रति हितग्राही की दर से पुनर्वास धनराशि एवं कृषि भूमि आदि परिसंपत्तियों के समतुल्य 21.55 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण किया था। इसके साथ ही उन्होंने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण भी किया था।

बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षा

रायपुर शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।  बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को मजबूत और भरोसेमंद मंच बनाने पर जोर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जवाबदेही पर सख्ती समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। सुशासन तिहार, पेयजल और स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। ईंधन, खरीफ तैयारी और किसानों के हितों पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। ड्रोन दीदी, आवास, स्वास्थ्य और ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए। शिक्षा गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है। बैठक में उप मुख्यमंत्री  … Read more

मंदसौर पुलिस ने अंतर्राज्यीय ड्रग्स तस्कर गिरोह का किया पर्दाफाश

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश को नशा मुक्त करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में मंदसौर पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का पर्दाफाश कर 20 किलोग्राम अवैध ब्राउन शुगर (स्मैक) अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये, 02 चार पहिया वाहन, 7 मोबाइल फोन एवं 7 हजार 700 रुपए नगद सहित लगभग 20 करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने इस मामले में 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मंदसौर  विनोद कुमार मीना के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा की गई। 31 मई को थाना नई आबादी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ तस्कर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना प्राप्त होते ही विशेष टीम का गठन कर रणनीतिक रूप से घेराबंदी की गई। संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से 20 किलोग्राम अवैध ब्राउन शुगर जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान तस्करी एवं पायलटिंग में प्रयुक्त एक सुजुकी एस-क्रॉस तथा एक हुंडई क्रेटा कार, 07 मोबाइल फोन एवं 7 हजार 700 रूपये नगद भी जब्त किये गए। मोबाइल फोनों का तकनीकी एवं साइबर विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे गिरोह के नेटवर्क, सप्लायरों तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी मध्यप्रदेश एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में सक्रिय रहकर मादक पदार्थों की तस्करी करते थे। पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन तथा अवैध आर्थिक नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश के लिए भी पुलिस टीमें सक्रिय हैं। इस उल्लेखनीय कार्रवाई ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता एवं दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सुरक्षित एवं नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार की कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी तथा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले तस्करों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार और तकनीकी रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी पहल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है।  उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक  ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।