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मंदसौर पुलिस ने अंतर्राज्यीय ड्रग्स तस्कर गिरोह का किया पर्दाफाश

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश को नशा मुक्त करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में मंदसौर पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का पर्दाफाश कर 20 किलोग्राम अवैध ब्राउन शुगर (स्मैक) अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये, 02 चार पहिया वाहन, 7 मोबाइल फोन एवं 7 हजार 700 रुपए नगद सहित लगभग 20 करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने इस मामले में 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मंदसौर  विनोद कुमार मीना के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा की गई। 31 मई को थाना नई आबादी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ तस्कर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना प्राप्त होते ही विशेष टीम का गठन कर रणनीतिक रूप से घेराबंदी की गई। संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से 20 किलोग्राम अवैध ब्राउन शुगर जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान तस्करी एवं पायलटिंग में प्रयुक्त एक सुजुकी एस-क्रॉस तथा एक हुंडई क्रेटा कार, 07 मोबाइल फोन एवं 7 हजार 700 रूपये नगद भी जब्त किये गए। मोबाइल फोनों का तकनीकी एवं साइबर विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे गिरोह के नेटवर्क, सप्लायरों तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी मध्यप्रदेश एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में सक्रिय रहकर मादक पदार्थों की तस्करी करते थे। पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन तथा अवैध आर्थिक नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश के लिए भी पुलिस टीमें सक्रिय हैं। इस उल्लेखनीय कार्रवाई ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता एवं दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सुरक्षित एवं नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार की कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी तथा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले तस्करों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

09 चोरी की वारदातों का खुलासा

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करने हेतु लगातार प्रभावी कार्रवाइयां की जा रही हैं। प्रदेश में सक्रिय अपराधियों की निगरानी, रात्रि गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग के साथ-साथ चोरी की घटनाओं के त्वरित खुलासे हेतु विशेष पुलिस टीमें गठित की जा रही हैं। इसी क्रम में  नरसिंहपुर जिले के थाना गाडरवारा एवं थाना सुआतला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से कुल 09 चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए लगभग 28 लाख रुपये से अधिक की चोरी गई संपत्ति एवं वाहन जब्त कर तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। थाना गाडरवारा क्षेत्रांतर्गत 05 मई को आनंद विहार कॉलोनी स्थित एक सूने मकान से सोने के जेवर चोरी होने की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों का संकलन कर रेलवे स्टेशन गाडरवारा के पास से एक संदेही को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा आनंद विहार कॉलोनी स्थित सूने मकान में चोरी करना स्वीकार किया गया।  साथ ही करेली, सिहोरा एवं गाडरवारा क्षेत्र में अन्य चोरी की वारदातें  एवं दो मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं करना भी स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने के 04 कंगन, 01 हार, 03 मंगलसूत्र, 02 जोड़ी झुमकी, 01 जोड़ी टॉप्स, 01 चेन, 01 मांग टीका, 02 अंगूठी, 01 पांचाली, चांदी की 01 जोड़ी पायल एवं 200 चांदी की अंगूठियां सहित लगभग 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।  आरोपी के विरुद्ध थाना महाराजपुर, थाना केसली जिला सागर, थाना गाडरवारा, थाना सुआतला एवं थाना करेली जिला नरसिंहपुर में गृहभेदन, मोटरसाइकिल चोरी, मारपीट, आर्म्स एक्ट एवं आबकारी एक्ट के तहत विभिन्न अपराध पंजीबद्ध पाए गए हैं। इसी प्रकार थाना सुआतला क्षेत्र में  06 मार्च को बरमान कला स्थित हनुमान मंदिर एवं दिनांक 17 अप्रैल को ग्राम लोलरी स्थित सूने मकान में चोरी की घटनाएं हुई थीं, जिनमें अज्ञात चोरों द्वारा ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी चोरी की गई थी। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर उनके द्वारा मंदिर एवं सूने मकान में चोरी करना स्वीकार किया गया। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने  चांदी का छत्र एवं मुकुट, सोने-चांदी के जेवरात तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 11 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।  मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में अपराध नियंत्रण, संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। यह कार्यवाही न केवल अपराधियों के विरुद्ध सख्त संदेश है, बल्कि यह आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को भी और अधिक सुदृढ़ करती है।

06 घंटे में नाबालिग आदिवासी बालिका के अपहरण का खुलासा कर बालिका को सकुशल दस्तोयाब किया

भोपाल  अशोकनगर पुलिस ने तत्परता, संवेदनशीलता एवं पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए मात्र 06 घंटे के भीतर नाबालिग आदिवासी बालिका के अपहरण का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर बालिका को सकुशल दस्तयाब किया। साथ ही घटना में प्रयुक्त वाहन, एक महिला आरोपी सहित चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। उल्लेखनीय है कि 23 मई को प्रातः लगभग 05:00 बजे 17 वर्षीय नाबालिग बालिका घर से बाहर शौच हेतु निकली थी, तभी पूर्व से घात लगाए बैठे आरोपियों द्वारा उसे जबरन वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया गया। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में तीन विशेष संयुक्त टीमों का गठन कर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया गया। एक टीम द्वारा तकनीकी संसाधनों के माध्यम से लगातार विश्लेषण किया गया, जबकि अन्य टीमों द्वारा स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों, होटल, ढाबों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन आदि पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। तकनीकी एवं मैदानी इनपुट के आधार पर आरोपियों के राजगढ़ जिले की ओर जाने की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस की संयुक्त टीमें तत्काल रवाना हुईं। पुलिस टीम द्वारा ब्यावरा के समीप घटना में प्रयुक्त वाहन सहित महिला आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर, नीरज जोगी एवं प्रेम गुर्जर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा नाबालिग बालिका एवं एक अन्य आरोपी को नजीराबाद क्षेत्र में छोड़ने की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा नजीराबाद क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी लखन गुर्जर को गिरफ्तार करते हुए नाबालिग बालिका को सकुशल मुक्त कराया गया। प्रकरण में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़िता की सगी बुआ द्वारा ही 1 लाख रुपये में बालिका का सौदा आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर से किया गया था। उक्त सौदे के तहत आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर ने अपने भाई लखन गुर्जर, प्रेम सिंह गुर्जर एवं नीरज जोगी के साथ मिलकर पूरी वारदात की साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा पीड़िता की सगी बुआ को भी प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। ईसागढ़ पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग आदिवासी बालिका को सकुशल मुक्त कराकर वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखवाया गया है।  

कांकेर ऑपरेशन में बड़ी सफलता, 3 नक्सलियों ने डाली हथियार, 14 की तलाश तेज

बड़गांव कांकेर जिले में माओवादियों के लगातार आत्मसमर्पण से संगठन को बड़ा झटका लगा है। शनिवार को पखांजूर क्षेत्र के परतापुर थाने में एरिया कमेटी सदस्य राधिका कुंजाम, संदीप कड़ियाम और रैनू पद्दा ने समर्पण कर दिया है। इनके पास से दो एसएलआर और एक 303 राइफल मिली है। बीते चार दिनों में नौ माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। पुलिस के सामने शेष बचे 14 माओवादियों का समर्पण करवाना सबसे बड़ी चुनौती है। बड़े चेहरों का समर्पण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती सूत्रों के अनुसार मिलिट्री कंपनी की सदस्य व आठ लाख की इनामी स्वरूपा व अन्य समर्पण ने संगठन को अंदर तक प्रभावित किया है। हालांकि स्टेट कमेटी सदस्य रूपी और डिविजनल कमेटी सदस्य चंदर के आत्मसमर्पण की चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन अब तक दोनों ने हथियार नहीं डाले हैं। जानकारी के मुताबिक रूपी राजनांदगांव-कांकेर-बैलाडीला डिवीजन के माओवादी विजय रेड्डी की पत्नी है और वह अब भी जंगलों में सक्रिय रहकर संगठन को संभाल रही है। प्रशासन की अपील और आत्मसमर्पण नीति का असर पखांजूर एडिशनल एसपी राकेश कुर्रे का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारियों के आधार पर शेष माओवादियों से संपर्क साधने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही शेष बचे माओवादी भी समर्पण कर देंगे। बस्तर रेंज के आइजी सुंदरराज पी. ने शेष माओवादियों से भी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। पूर्व माओवादी स्वरूपा के आत्मसमर्पण के बाद अब उनके हाथ से लिखा हुआ मार्मिक पत्र इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। यह पत्र गोंडी भाषा में लिखा गया है, जिसमें स्वरूपा ने अपने पूर्व साथियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। आंकड़ों में आत्मसमर्पण और माओवाद का इतिहास सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में सुरक्षा बल के लगातार अभियान और सरकार की आत्मसमर्पण नीति के दबाव के चलते माओवादी संगठन के सदस्य मुख्यधारा में लौट रहे हैं। कांकेर सहित बस्तर के सात जिलों में जनवरी 2024 से मार्च 2026 तक कुल 2,756 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। कांकेर जिले में माओवाद का प्रभाव 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में पड़ोस के आंध्र प्रदेश और गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) से आए माओवादियों के माध्यम से शुरू हुआ। जिले की पहाड़ियां और घने जंगल माओवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह और प्रशिक्षण शिविर के रूप में इस्तेमाल होते रहे हैं। जिले में अब तक की प्रमुख मुठभेड़ें मार्च 2025 – बीजापुर-कांकेर सीमा पर हुई मुठभेड़ में 30 माओवादी ढेर। अप्रैल 2025 – कांकेर के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र में 29 माओवादी मारे गए। अगस्त 2025 – कांकेर-बस्तर सीमा पर मंडा पहाड़ के पास मुठभेड़ में तीन माओवादी ढेर। सितंबर 2024 – कांकेर के छिंदखड़क जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में तीन माओवादी मारे गए। फरवरी 2026 – कांकेर के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो सक्रिय माओवादी मारे गए।

नक्सलियों का बड़ा सरेंडर: संगठन को झटका, 8 उग्रवादी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटे

मुलुगु नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है. जहां तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रीय दो शीर्ष माओवादी नेताओं सहित कुल 8 नक्सलियों के वारंगल पुलिस के सामने सरेंडर किया है. मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी नक्सली दो दिन पहले ही गुपचुप तरीके से सरेंडर हो चुके हैं और सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है. आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ा नाम कोय्यादी संबय्या उर्फ आज़ाद, बीकेएसआर डिवीजन कमेटी सचिव का है. आजाद कई दशकों से माओवादी संगठन में प्रमुख रणनीतिक भूमिका निभा रहे थे. इसके अलावा अब्बास नारायण उर्फ़ रमेश, जो तकनिकी टीम के प्रभारी ने भी सरेंडर किया है. रमेश रामागुंडम इलाके में लंबे समय से सक्रीय था। इसके अलावा भी जय लाल (SZCM) 25 लाख और माडवी भीमे( DVCM) 08 लाख ने ये दंपती ने विजयवाडा में आत्मसमर्पण किया.