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अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर में सोशल मीडिया रील पर बवाल, धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

अमृतसर.

अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा तीर्थ की परिक्रमा में एक युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर वीडियो बनाने का मामला विवादों में घिर गया है। इस घटना को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। श्री राम बालाजी धाम के प्रमुख एवं जगतगुरु स्वामी अशनील जी महाराज ने इस घटना को धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए इसे बेअदबी की श्रेणी में रखा है।

अशनील महाराज ने श्री दुर्ग्याणा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। स्वामी अशनील जी महाराज ने कहा कि परिक्रमा क्षेत्र जैसे पवित्र स्थान पर युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर कथित रूप से अनुचित तरीके से अभिनय करते हुए वीडियो बनाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को प्रभावित करती हैं। उनके अनुसार यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। 

थोड़े समय में कई घटनाएं आई सामने
उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कुछ मामलों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे थे, लेकिन उन घटनाओं में भी कठोर कदम नहीं उठाए गए। इसी कारण ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वामी अशनील जी महाराज ने कमेटी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

युवक-युवती ने स्वीकार की गलती
दूसरी ओर, श्री दुर्गायाणा प्रबंधक कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद संबंधित युवक और युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सदस्यों ने भी इस घटना पर खेद व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी गलती न होने का भरोसा दिया है। अरुण खन्ना ने अपील की कि बच्चों को धार्मिक स्थलों की मर्यादा और परंपराओं के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थानों पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए।

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