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400 से अधिक विद्यार्थी ले रहे भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश को फ्युचर रेडी, प्रतिभा-संपन्न और प्रौद्योगिकी-संचालित राज्य बनाने के विजन को साकार करने की दिशा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सतत प्रयासरत है इसी क्रम में मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा 3 दिवसीय साइबर सिक्योरिटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग (एआई/एमएल) प्रशिक्षण कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (एसएसआरजीएसपी), भोपाल में गुरुवार को किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 की परिकल्पना से प्रेरित यह पहल राज्य सरकार की उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास तंत्र विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में दक्ष बनाकर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम अग्रणी वैश्विक औद्योगिक साझेदार के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें एलएनसीटी, बंसल, ओरिएंटल, आईईएस और एआईएसईसीटी सहित प्रदेश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के 400 से अधिक विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रतिभागियों को उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्योगों की कार्यप्रणालियों और व्यावहारिक कौशलों से परिचित कराया जा रहा है।

एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने कहा कि संस्थान उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल स्किल्स पार्क उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड के साथ एक अग्रणी कौशल विकास संस्थान के रूप में स्थापित हुआ है। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी परिदृश्य के अनुरूप निरंतर सीखने, नवाचार अपनाने और अपने कौशल को लगातार उन्नत करने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले दिन साइबर सिक्योरिटी विषय पर विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। सत्रों में डेटा की गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता, डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा, संवेदनशील सूचनाओं के संरक्षण और विभिन्न क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा जोखिमों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को पहचान एवं अभिगम प्रबंधन (आईडेंटिटी एंड एक्सेस मैनेजमेंट), प्रमाणीकरण प्रणाली, पासवर्ड सुरक्षा और फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और रैनसमवेयर जैसे साइबर खतरों के बारे में भी अवगत कराया गया। वास्तविक उदाहरणों और केस-स्टडी आधारित चर्चाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा चुनौतियों और उनके समाधान की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई। इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और साइबर सुरक्षा जागरूकता के महत्व को भी रेखांकित किया गया।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के आगामी सत्रों में साइबर सिक्योरिटी और एआई/एमएल से जुड़े उन्नत विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाते हुए मध्यप्रदेश में उद्योग-संलग्न कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

 

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