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विदेशी निवेश नियमों में ढील का असर: डॉलर के मुकाबले रुपया उछला, बाजार में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी निवेश के नियमों को आसान बनाने के बाद आज भारतीय रुपये में जबरदस्त मजबूती देखने को मिली. शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे मजबूत होकर 95.24 के स्तर पर पहुंच गया. इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.74 के स्तर पर बंद हुआ था। 

निवेश नियमों में ढील से बढ़ा भरोसा
रिजर्व बैंक ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए सरकारी बॉन्ड में निवेश करने के नियमों को काफी सरल कर दिया है. इसके साथ ही, अनिवासी भारतीयों (NRIs) और विदेशी भारतीय नागरिकों (OCIs) के लिए भी भारतीय शेयर बाजार (इक्विटी) में निवेश की सीमा को बढ़ा दिया गया है। 

बाजार के जानकारों का मानना है कि आरबीआई के इन कदमों से देश में विदेशी डॉलर का प्रवाह बढ़ेगा. 'फुली एक्सेसिबल रूट' (FAR) का दायरा बढ़ने और विदेशी मुद्रा स्वैप जैसी खास सुविधाओं से रुपये को बड़ी ताकत मिली है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भरोसा जताया कि भारत का 682 अरब डॉलर का विशाल विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी वैश्विक संकट से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है। 

ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी मौद्रिक नीति बैठक में आरबीआई ने ब्याज दरों (रेपो रेट) को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है. केंद्रीय बैंक ने बाजार को लेकर अपना रुख 'न्यूट्रल' यानी तटस्थ रखा है, जिससे जरूरत पड़ने पर आगे कदम उठाए जा सकें। 

महंगाई और विकास दर के नए अनुमान
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव को देखते हुए रिजर्व बैंक ने अपने आर्थिक अनुमानों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं:

    विकास दर (GDP): चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया गया है। 

    महंगाई (CPI): खुदरा महंगाई दर का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% किया गया है। 

वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) आज करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ 95.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. तेल की यह बढ़ती कीमत भारत के आयात बिल के लिए एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन आरबीआई के नए सुधारों ने फिलहाल बाजार के डर को दूर कर रुपये को बूम दे दिया है। 

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