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कोचिंग विवाद में रौशन आनंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी बेल

पटना
बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद ज्ञान बिन्दु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। पटना के अतिरिक्त जिला जज (ADJ 33) की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद बेल दे दिया है। रौशन आनंद को खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज पर हमले के मामले में गिरफ्तार कर बेउर जेल भेजा गया था, जहां से अब वह पूरे 12 दिनों के बाद बाहर आ रहे हैं। रौशन आनंद ने दावा किया था कि खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। रौशन आनंद जेल से निकलने के बाद भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, जिनकी नेपाल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी।

रौशन आनंद सर के वकील ने अदालत के सामने कल अपना पक्ष रखते हुए बेहद दमदार दलीलें पेश की थीं। वकील ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे विवाद और हमले के मामले में रौशन आनंद सर को साजिश के तहत घसीटा गया है, जबकि घटना से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा, "रौशन सर देश के प्रतिष्ठित शिक्षक हैं जो हजारों गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उन्हें इस तरह जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। वकील की इन दलीलों और पुलिस डायरी की समीक्षा करने के बाद जज ने रौशन सर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया।

भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध मौत से पसरा मातम
एक तरफ जहाँ रौशन आनंद सर को कानूनी तौर पर इतनी बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि कल ही रौशन आनंद सर के सगे भाई प्रिंस की पड़ोसी देश नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिंस यादव की मौत के पीछे ब्रेन हेमरेज को कारण बताया जा रहा है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही रौशन आनंद सर का पूरा परिवार और उनके चाहने वाले गहरे सदमे और शोक में डूबे हुए हैं। भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल से लाया जा रहा है और आज ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस बीच खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि प्रिंस की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खान सर ने प्रिंय के दोस्त का वीडियो भी दिखाया है, जिसमें वह कह रहा है कि प्रिंस की तबीयत पहले से खराब रहती थी। उसकी मौत सामान्य रूप से बीमारी से हुई है और किसी ने उसे कुछ नहीं किया है।

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