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नशा तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, हरियाणा को नशामुक्त बनाने का संकल्प

 पंचकूल
हरियाणा को नशामुक्त बनाने की मुहिम अब केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेने जा रही है। इसी सोच के साथ सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ विमर्श में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआइजी सुनील दलाल ने कहा कि हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी चोट की गई है। कई नेटवर्क तोड़े जा चुके हैं और आने वाले समय में तस्करी के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से होने वाले अवैध मादक पदार्थों के प्रवेश को रोकना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

विमर्श की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ के सपने को साकार करने के लिए पंचकूला में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं
उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों और समाज की साझेदारी से ही संभव है। इसलिए हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पक्ष विद्यार्थियों की भागीदारी रही। मुख्य वक्ता डा. लीजु ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए उनसे इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया।

डीएसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा ताकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को नई जिंदगी मिल सके। वहीं, पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने युवाओं से स्वयं उदाहरण बनकर समाज को सकारात्मक दिशा देने की अपील की।

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का यह अभियान 11 जून को सिरसा से शुरू हुआ है और 26 जून को फरीदाबाद में समापन होगा। फतेहाबाद के बाद पंचकूला पहुंची यह मुहिम अब यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत और गुरुग्राम होते हुए प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश फैलाएगी

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