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उपराज्यपाल की समीक्षा के बाद दिल्ली में घटा ट्रैफिक जाम, डिजिटल सिस्टम से मिला सुधार

नई दिल्ली
दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के कड़ाई से पालन करने के चलते बीते तीन महीनों के दौरान जाम की समस्या करीब एक तिहाई कम हुई।उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यातायात जाम से निपटने के उपायों की समीक्षा की और पुलिस को एआई और डिजिटल यातायात प्रबंधन प्रणाली का तेजी से विस्तार करने का निर्देश दिया।

संधू ने पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मकसद दो अप्रैल को टोडापुर स्थित दिल्ली यातायात पुलिस मुख्यालय के दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों के पालन का जायज़ा लेना था। अधिकारियों के अनुसार, गूगल मैप के जरिए हर 15 मिनट पर दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से 25 जून के बीच शहर में औसत जाम की लंबाई घटकर 32.43 किलोमीटर रह गई, जबकि जनवरी-मार्च के दौरान यह 48.25 किलोमीटर थी।

यातायात पुलिसकर्मियों की सड़कों पर बढ़ेगी तैनाती
उन्होंने बताया कि यातायात पुलिसकर्मियों की सड़कों पर बढ़ी मौजूदगी, पैदल गश्त, इंजीनियरिंग संबंधी सुधारों और प्रौद्योगिकी आधारित प्रवर्तन उपायों के कारण स्थिति में सुधार आया है। दिल्ली यातायात पुलिस की नागरिक-केंद्रित 'प्रोजेक्ट संगम' पहल के तहत चिह्नित 62 प्राथमिक यातायात 'हॉटस्पॉट' में से 34 स्थानों पर महीने-दर-महीने जाम में कमी दर्ज की गई।

    उनके मुताबिक, कैलाश नगर में पुश्ता रोड पर यातायात जाम में 82.59 प्रतिशत की कमी आई, जबकि खजूरी चौक पर 74.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। तीन मूर्ति गोलचक्कर पर भी यातायात प्रवाह में 66.01 प्रतिशत का सुधार देखा गया।
    हालांकि, सड़क निर्माण और अन्य कारकों के कारण चार स्थानों पर जाम बढ़ गया। इनमें नारायणा फ्लाईओवर भी शामिल है, जहां जाम 1.28 प्रतिशत बढ़ा। इसके अलावा साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 में 7.55 प्रतिशत, मैक्स अस्पताल, साकेत में 14.93 प्रतिशत और भवभूति मार्ग पर जाम 349.87 प्रतिशत बढ़ा।
    अधिकारियों ने द्वारका मोड़, सराय काले खां, मुकरबा चौक और डाबड़ी गोल चक्कर को भी लगातार जाम लगने वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया, जिसके लिए तत्काल बुनियादी ढांचे और परिचालन हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

अतिक्रमण पर एजेंसियों का एक्शन
उपराज्यपाल को सूचित किया गया कि अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) जैसी नगर निकाय एजेंसियों के साथ संयुक्त सर्वेक्षण और नियमित समन्वय बैठकें शुरू की गई हैं।

    बैठक के दौरान, संधू ने यातायात नियमों के उल्लंघनों की चौबीसों घंटे निगरानी और बेहतर जाम प्रबंधन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित और डिजिटल प्रवर्तन प्रणालियों को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
    उन्होंने कहा कि यातायात जाम से न केवल समय और ईंधन की बर्बादी होती है, बल्कि शहर में प्रदूषण का स्तर भी काफी बढ़ जाता है।

 

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