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सिमरिया-टंडवा मार्ग के सुधार कार्य को मंजूरी, कोयला परिवहन होगा आसान और सुरक्षित

चतरा
 जिले के सिमरिया-टंडवा मार्ग की जर्जर स्थिति अब जल्द ही अतीत बनने वाली है। पथ प्रमंडल, चतरा अंतर्गत सिमरिया-टंडवा पथ के कुल 26.85 किलोमीटर लंबी सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार कार्य के लिए 33 करोड़ 76 लाख 45 हजार 200 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 

गुरुवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। इस स्वीकृति के बाद सड़क के उन्नयन का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। यह सड़क उत्तर कर्णपुरा कोयलांचल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। 

कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन प्रभावित
टंडवा स्थित कोयला खदानों और उत्तरी कर्णपुरा मेगा विद्युत ताप परियोजना से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहनों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। लंबे समय से सड़क की खराब स्थिति के कारण कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन प्रभावित हो रहा था, वहीं आम यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। 

सड़क दुर्घटनाएं लगातार हो रही है। अब सड़क की राइडिंग क्वालिटी बेहतर होने से कोयला व फ्लाई ऐश परिवहन अधिक तेज, सुरक्षित और सुचारु हो सकेगा। सड़क के उन्नयन से सिमरिया, टंडवा तथा आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। 

सड़क बनने से यात्रा का समय कम होगा
बेहतर सड़क बनने से यात्रा का समय कम होगा, दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी तथा वाहनों के रखरखाव पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। बरसात के मौसम में जलजमाव और गड्ढों की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। कोयला परिवहन से जुड़े उद्योगों, व्यवसायियों और परिवहनकर्ताओं को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी। 

जिले की आर्थिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण कड़ी
साथ ही स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और आवश्यक सेवाओं की पहुंच भी अधिक आसान हो जाएगी। झामुमो जिला अध्यक्ष नीलेश ज्ञानेश ने प्रशासनिक स्वीकृति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। 

उनका कहना है कि यह सड़क चतरा जिले की आर्थिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण कड़ी है और इसके बेहतर होने से विकास को नई गति मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी तथा कोयला परिवहन के साथ-साथ आम जनजीवन भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगा।

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