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बिजली बिल हुआ शून्य, हर माह लगभग एक हजार रुपये की बचत

रायपुर

राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की रहने वाली मितानीन प्रशिक्षक  कामती बाई साहू के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन गई है। योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया गया है। अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और हर माह करीब एक हजार रुपये की बचत हो रही है।
योजना की जानकारी मिली तो उठाया लाभ

कामती साहू बताती हैं कि वे मितानीन प्रशिक्षक हैं और उनके पति किराना दुकान संचालित करते हैं। पहले हर महीने एक हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल आता था, जिससे घरेलू खर्च बढ़ जाता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन किया और अपने घर में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया।

सरकार की सब्सिडी से आसान हुआ सोलर प्लांट लगाना

कामती साहू को सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता मिलने से बिना किसी आर्थिक परेशानी के सोलर प्लांट स्थापित करना संभव हो सका।

अब घर की बिजली भी अपनी, अतिरिक्त बिजली से भी लाभ

सोलर प्लांट लगने के बाद इस माह उनका बिजली बिल शून्य आया। अब उनका परिवार अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर रहा है। साथ ही अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ प्राप्त कर रहा है। इससे परिवार की आय और बचत दोनों में वृद्धि हुई है।

स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा
 
कामती साहू का कहना है कि यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होती है, प्रदूषण घटता है और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।

अन्य परिवारों से भी योजना का लाभ लेने की अपील

कामती साहू ने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इससे आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण तीनों उद्देश्यों की एक साथ पूर्ति हो रही है।

 

 

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