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राशिफल : कई राशियों के लिए आत्मविश्वास और नए अवसरों का संकेत, कुछ को रखना होगा खर्च पर नियंत्रण

मेष आज के दिन खुद पर भरोसा करें। मूड में बदलाव आपको क्लैरिटी पाने में मदद कर सकता है। आपकी बातों में अतिरिक्त आकर्षण है और लोग आपकी संगति का आनंद लेते हैं। अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो इस समय का उपयोग मजेदार योजनाओं के बारे में बात करने या कुछ यादें साझा करने में करें। वृषभ आज सितारे क्लियर सोच और शांत भावनाओं को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे आपको अपने दिन का सामना करने का कॉन्फिडेंस मिलता है। रिश्ते में आप अधिक संतुलित महसूस कर सकते हैं। बातचीत में सुधार होगी। मिथुन आज के दिन सैर और पढ़ने के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खुली बातचीत आपके पर्सनल कनेक्शन में अंडरस्टैंडिंग और आनंद को बढ़ावा देगी। आप इमोशनल रूप से हल्का महसूस करेंगे। कर्क आज नए विचार आशावाद और आत्मविश्वास के साथ नई शुरुआत के द्वार खोलते हैं। ऑफिस में बदलावों के अनुकूल बनें। क्रिएटिव फीडबैक पर फोकस रखें। धन के मामले में बजट बनाने पर फोकस करें और फालतू खरीदारी से बचें। सिंह आज आप रिश्तों में बैलेंस, काम में क्लैरिटी, एनर्जी और संतुलन बनाए रखते हुए वित्तीय लक्ष्यों की ओर प्रगति पा सकते हैं। दूसरों की सलाह के लिए खुले रहें। हमेशा अपने ज्ञान पर भरोसा करें। कन्या कन्या आपकी इमोशनल फीलिंग आज आपका मार्गदर्शन करेगी क्योंकि आप दूसरों की देखभाल के साथ पर्सनल जरूरतों को बैलेंस करते हैं। बातचीत से छिपी हुई ताकतें सामने आ सकती हैं। तुला दिन को पार करने के लिए अपने धैर्य और शक्ति पर भरोसा करें। आज का दिन जीवन में बदलाव ला सकता है। रोमांच और सोच-समझकर योजना बनाने को मोटिवेट किया जाता है। वृश्चिक आपकी मेहनत आपके पेशेवर जीवन में काम आएगी। आज समृद्धि रहेगी। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों अच्छे रहेंगे। रोमांस के मामले में आज का दिन अच्छा रहेगा। प्रोफेशन में आगे बढ़ने के लिए ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। धनु आज के दिन बातचीत के माध्यम से रिश्ते बढ़ सकते हैं, और काम के प्रयासों को लगातार मान्यता मिलती है। सावधानी के साथ योजना बनाने के कारण वित्त संतुलित रहता है। खुद की देखभाल की रूटीन और विराम को प्राथमिकता दें। मकर नए दृष्टिकोण के लिए खुले रहते हुए अपनी भावनाओं का सम्मान करने के लिए समय निकालें। आपका दयालु स्वाभाव गहरे बंधन और शांति को बढ़ावा देगी। स्थिरता आपके विकल्पों का मार्गदर्शन करती है। इसलिए आप टास्क को सावधानी से करते हैं। कुंभ आज आपकी वित्तीय स्थिति और स्वास्थ्य दोनों ही अच्छे रहेंगे। प्रेम जीवन में मतभेद होने पर भी शांत रहें। आप सुरक्षित निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दे सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में भी नए मौके मिल सकते हैं। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। मीन आपकी लव लाइफ अच्छी रहेगी और आधिकारिक तौर पर आपको आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। जरूरतों को पूरा करने के लिए समृद्धि का उपयोग करना और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। प्रेम संबंधों को वाद-विवाद से बचाकर रखें।

आलीराजपुर में लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, दो कंटेनर वाहन सहित दो आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला आलीराजपुर की जोबट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 40 लाख रुपये मूल्‍य के दो कंटेनर वाहन भी जब्त किए हैं तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्री रघुवंश कुमार सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के परिवहन एवं कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु सघन एवं आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना जोबट पुलिस को मुखबिर से अवैध शराब के बड़े परिवहन की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी जोबट द्वारा पुलिस की दो पृथक टीमों का गठन कर त्वरित कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आयशर कंटेनरों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में प्रथम कंटेनर से 930 पेटी तथा द्वितीय कंटेनर से 1074 पेटी, कुल 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में विभिन्न हाई-रेंज ब्रांड शामिल हैं। जब्त शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये है। पुलिस ने शराब के परिवहन में प्रयुक्त दोनों कंटेनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये है। कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालकों को मौके से गिरफ्तार किया गया। थाना जोबट में आरोपियों के विरुद्ध पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना जारी है तथा आरोपियों से जब्त शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला एवं इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में मादक पदार्थों, अवैध शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध इसी प्रकार निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। ऐसे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ इनके स्रोत एवं तस्करी श्रृंखला का भी पता लगाकर संबंधित सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  

नस्ल सुधार, टीकाकरण और पशु पोषण पर चलेगा महाअभियान, 5.72 लाख पशुपालकों से होगा सीधा संवाद

भोपाल प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा "दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान" चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पशुपालकों के घर पहुंचेंगे और नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे। तीसरे चरण में 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी। नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य विषय पर जागरुक किया जाएगा। इस चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विभाग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण की अवधि 6 दिन निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 9 दिन तक बढ़ाया जा सकेगा। अभियान के दौरान मैदानी अमले की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। उप संचालक, कार्यालय में पदस्थ एवं राज्य स्तर पर प्रशिक्षित कार्यक्रम के नोडल अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की रहेगी सहभागिता अभियान में मंत्री, सांसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी को जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें अभियान से जोड़ने को कहा गया है। साथ ही प्रत्येक अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत पशुपालकों तथा न्यूनतम 10 गांवों का सत्यापन एवं मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। अभियान की निगरानी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी, जिला पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी तथा सभी पशु चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कम से कम दो गांवों का भ्रमण कर अभियान का निरीक्षण करने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही अभियान के प्रभावी क्रिन्यावन के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।  

मध्यप्रदेश पुलिस की सभी इकाइयों में नवाचारपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को किया जा रहा जागरूक, डिजिटल सुरक्षा को बनाया जा रहा जनआंदोलन

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान"सेफ क्लिक 2.0"के अंतर्गत प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों द्वारा निरंतर विविध एवं नवाचारपूर्ण गतिविधियों का आयोजन कर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों एवं सामुदायिक आयोजनों में व्यापक जनसंपर्क स्थापित कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संदेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही सभी पुलिस इकाइयां अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रतिदिन जागरूकता पोस्ट, रील, वीडियो संदेश एवं जनहित अपील प्रसारित कर अभियान को डिजिटल स्तर पर भी जन-जन तक पहुंचा रही हैं। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में स्थानीय परिस्थितियों एवं जनसमूह के अनुरूप विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 6 हजार से अधिक नागरिकों की सहभागिता के साथ विशाल साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित कर "सेफ क्लिक, सुरक्षित जीवन" का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा पुलिस अधिकारियों ने एक साथ भाग लेकर साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। भोपाल कमिश्नरेट के थाना रातीबड़ द्वारा आरडी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 1,500 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, फर्जी निवेश, यूपीआई एवं क्यूआर कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस प्रशिक्षण शाला, उज्जैन द्वारा शासकीय विद्यालय ताजपुर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन ठगी से बचाव तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं विदिशा में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण नागरिकों, युवाओं एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया तथा "रुको… सोचो… एक्शन लो" का आह्वान किया गया। खंडवा पुलिस द्वारा अभियान के अंतर्गत जिलेभर के विद्यालयों, जनपद कार्यालयों, पंचायतों, स्वास्थ्य संस्थानों, लोक सेवा केन्द्रों एवं अन्य शासकीय कार्यालयों में एक साथ व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। इसी प्रकार राजगढ़ एवं अनूपपुर में शासकीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर हाइजीन एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। टीकमगढ़ पुलिस ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा संदेश पहुंचाया, जबकि भोपाल ग्रामीण पुलिस ने गांवों एवं विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों एवं ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराधों तथा हेल्पलाइन 1930 के संबंध में जानकारी दी। रेल यात्रियों को जागरूक करने के उद्देश्य से जीआरपी भोपाल द्वारा रेलवे स्टेशन खंडवा पर ध्वनि प्रसारण प्रणाली के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए गए। वहीं जीआरपी जबलपुर एवं जीआरपी इंदौर द्वारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को डिजिटल अरेस्ट, एपीके फाइल, फर्जी लिंक एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। कटनी पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के बीच पोस्टर एवं पम्पलेट वितरण कर साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया गया। भोपाल जोन-3 पुलिस द्वारा नागरिकों को विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। सिंगरौली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। सीधी पुलिस ने स्थानीय लोक कलाकार के माध्यम से रचनात्मक संदेश प्रसारित कर आमजन को जागरूक किया। ग्वालियर पुलिस ने रन क्लब के प्रतिभागियों के बीच साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया, जबकि छिंदवाड़ा पुलिस ने सामाजिक सम्मान समारोह के साथ साइबर जागरूकता कार्यक्रम को जोड़कर समाज के विभिन्न वर्गों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित की। सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से भी अभियान को व्यापक गति मिल रही है। छतरपुर पुलिस द्वारा स्थानीय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स एवं स्थानीय भाषा में तैयार रचनात्मक वीडियो के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जबकि गुना पुलिस द्वारा निजी फोटो एवं वीडियो साझा करने से जुड़े साइबर जोखिमों पर आधारित जागरूकता रील तैयार कर नागरिकों को सचेत किया जा रहा है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से प्रतिदिन जनहित संदेश, वीडियो, रील, पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री साझा कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियान को प्रभावी बना रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस का "सेफ क्लिक 2.0" अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करने का एक व्यापक सामाजिक अभियान बन चुका है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर नवाचार करते हुए विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों, औद्योगिक संस्थानों, बाजारों, शासकीय कार्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए आमजन तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन1930पर संपर्क करें अथवाwww.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज कराएं तथा स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाएं।  

उफनते नाले में फंसे 10 पुरुष और 4 महिला मजदूर सुरक्षित निकाले गए, सैनिकों ने दिखाई बहादुरी

महासमुंद जिले में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम जोगीडीपा में बगनाई नाला उफान पर आने से पुल निर्माण कार्य में लगे 14 मजदूर चारों ओर से पानी में घिर गए। जलस्तर अचानक बढ़ने से मजदूरों का बाहरी संपर्क पूरी तरह टूट गया और वे घंटों तक खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी में फंसे रहे। सूचना मिलने पर नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर किए गए इस अभियान से बड़ा हादसा टल गया। लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर जानकारी के अनुसार, जोगीडीपा गांव में बगनाई नाला पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी के 14 मजदूर कार्यस्थल के पास खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहे थे। शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण बगनाई नाला तेजी से उफान पर आ गया। देखते ही देखते झोपड़ी के चारों ओर पानी भर गया और तेज बहाव के कारण मजदूर वहां से बाहर नहीं निकल सके। डायल 112 की सूचना पर शुरू हुआ रेस्क्यू बताया गया कि प्रशासन ने बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिए जिला और तहसील स्तर पर टीमों का गठन कर संपर्क नंबर जारी किए थे, लेकिन सार्वजनिक किया गया केंद्रीय संपर्क नंबर बंद मिला। वहीं, तहसील स्तर पर जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, वे रात के समय मौजूद नहीं थे। ऐसे में फंसे मजदूरों ने अपने ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद नगर सेना की टीम बिना देर किए घटनास्थल के लिए रवाना हुई। रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों से बचाए गए मजदूर नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों की मदद से एक-एक कर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे अभियान के दौरान विशेष सावधानी बरती गई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में 10 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी मजदूर को गंभीर चोट नहीं आई। प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जोखिम नहीं लेने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को देने को कहा गया है। सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश प्रशासन ने संबंधित विभागों को लगातार सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सके।  

यमुना के तट पर बने पार्क में तीन विभूतियों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी बाजपेई और अशोक सिंघल की भव्य कांस्य प्रतिमाओं का होगा लोकार्पण

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज आ रहे हैं। सीएम यमुना किनारे बोट क्लब के पास प्रेरणा पार्क का लोकार्पण करेंगे, जहां पर वह राष्ट्र की तीन विभूतियों की प्रतिमाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाएंगे, जिसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। सीएम प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के नए व पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे। सीएम करेंगे प्रेरणा पार्क का लोकार्पण संगम नगरी प्रयागराज में कालिंदी के तट युवाओं और पर्यटकों के लिए राष्ट्रवाद और सशक्त भारत के विभूतियों की प्रेरणा की स्थली भी बनेगी । नगर निगम प्रयागराज द्वारा यमुना तट पर स्थित कालीघाट के समीप भव्य प्रेरणा पार्क का विकास किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसका लोकार्पण करेंगे। नगर निगम प्रयागराज के महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी का कहना है कि एक करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य पार्क का निर्माण किया गया है। पार्क में जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण मुख्यमंत्री करेंगे। राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण के प्रेरणास्रोत रहे इन तीन महापुरुषों के जीवन मूल्यों एवं विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रेरणा पार्क का निर्माण कराया गया है। यह स्थल न केवल श्रद्धांजलि का केंद्र होगा, बल्कि युवाओं एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा। इन विभूतियों की प्रतिमाओं के आसपास उद्यान, प्रकाश व्यवस्था, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण एवं स्वच्छता संबंधी कार्य कराए गए हैं। एकता नौका रेस को सीएम दिखायेंगे हरी झंडी, जनसभा का होगा आयोजन कालिंदी की लहरें नौका रेस की साक्षी भी बनेगी। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मजबूत अखंड भारत के विचारों से भारत की एकता को सुदृढ़ करने करने वाले राष्ट्रीय एकता के नायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की याद में यमुना में एकता नौका रेस का भी आयोजन किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ एकता नौका रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस रेस में दो दर्जन से अधिक नौकाएं शामिल होंगी। सीएम काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क में ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।  इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री परेड ग्राउंड स्थित मेला प्राधिकरण के सभागार आएंगे । सीएम योगी यहां लोक निर्माण व अन्य विभागों के प्रयागराज जोन के 2500 करोड़ रुपये से अधिक के 1553 कार्यों की समीक्षा करेंगे।

गुणवत्तापूर्ण पौधों से बढ़ रही आय और आत्मनिर्भरता

रायपुर गुणवत्तापूर्ण पौधों से बढ़ रही आय और आत्मनिर्भरता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत जनपद पंचायत धमतरी द्वारा संचालित आईएफसी परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है। सद्भावना महिला संकुल स्तरीय संगठन, दोनर के सहयोग से संचालित आजीविका सेवा केंद्र (नर्सरी इकाई) आज किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए गुणवत्तापूर्ण पौधों का विश्वसनीय स्रोत बन चुकी है। इस पहल ने न केवल किसानों को समय पर स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराए हैं, बल्कि वैज्ञानिक खेती, जैविक उत्पादन और महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है। पहले किसानों को सब्जी एवं फलदार पौधों के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार समय पर पौधे उपलब्ध नहीं होने या निम्न गुणवत्ता के कारण उत्पादन प्रभावित होता था। आईएफसी नर्सरी की स्थापना के बाद यह स्थिति बदली है। अब स्थानीय स्तर पर ही प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार कर किसानों तक समय पर पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं। नर्सरी इकाई में टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी, करेला, मूनगा (सहजन), पपीता, कटहल, नारियल सहित विभिन्न सब्जी एवं फलदार पौधों की उन्नत पौध तैयार की जा रही है। इन पौधों का वितरण उत्पादक समूहों एवं क्लस्टरों के माध्यम से विभिन्न ग्रामों के किसानों तक किया जाता है। इससे क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिला है और किसानों ने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना शुरू किया है। इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि नर्सरी का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार, नियमित आय और उद्यमिता का अवसर प्राप्त हुआ है। समूह की महिलाएं पौध उत्पादन, देखरेख, विपणन और प्रबंधन जैसे कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। वर्तमान चरण में नर्सरी इकाई द्वारा 38,100 गुणवत्तापूर्ण पौधों का उत्पादन एवं वितरण किया गया है, जिससे ₹1,15,150 की आय अर्जित हुई। यह उपलब्धि महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठन, उत्पादक समूहों, आईएफसी एंकर तथा क्लस्टर टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इस पहल से किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ जैविक खेती, पोषण वाटिका, फसल विविधीकरण तथा वैज्ञानिक खेती की अनुशंसित तकनीकों को भी बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर गुणवत्ता के पौधों के कारण फसलों की वृद्धि, उत्पादन एवं आय में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। यह उल्लेखनीय पहल कलेक्टर  अबिनाश  मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गजेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक (आजीविका)  अनुराग मिश्रा, जनपद पंचायत धमतरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सु वर्षा रानी चिकन्जूरी तथा ब्लॉक परियोजना प्रबंधक  प्रेमचंद सिन्हा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।   आईएफसी नर्सरी इकाई यह सिद्ध कर रही है कि यदि महिलाओं की सहभागिता, आधुनिक कृषि तकनीक और संस्थागत सहयोग का प्रभावी समन्वय हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है। धमतरी की यह पहल आज अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है और ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण तथा किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक सफल शासकीय मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

चिंतन शिविर से निकले विचार बन रहे सुशासन और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति, सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा देश के प्रतिष्ठित नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों ने शासन, विकास और जनसेवा के विभिन्न आयामों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर अब केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच नहीं रह गया है, बल्कि शासन व्यवस्था में ठोस सुधारों का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-संचालित और नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील प्रशासन विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव विकसित छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे तथा इन्हें शीघ्र ही नीतिगत एवं प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा। दूसरे दिन आयोजित 'सतत समृद्धि के इंजन के रूप में पर्यटन' विषयक सत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पर्यटन नीति विशेषज्ञ  सुमन बिल्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, जनजातीय और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी हाई-वैल्यू, लो-इम्पैक्ट पर्यटन गंतव्य बनने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने पर्यटन अवसंरचना, सामुदायिक भागीदारी, निवेश, उत्तरदायी पर्यटन और सुशासन आधारित पर्यटन मॉडल पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बना सकता है। राज्य की औद्योगिक नीति भी पर्यटन निवेश को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 'सबका प्रयास के माध्यम से विकासपरक राजनीति' विषय पर लोकसभा सदस्य  शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि जिला ही विकास का वास्तविक केंद्र (District is the Fulcrum of Growth) होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक जिले के लिए विकासोन्मुख योजना, स्थानीय आर्थिक क्षमता के अनुरूप विकास रणनीति तथा जिला-स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (District GDP) आधारित नियोजन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने 'अमृत प्रयास', 'बनयान रिवोल्यूशन' और सहभागी शासन की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिला-केंद्रित विकास मॉडल उद्यमिता, रोजगार, कृषि परिवर्तन, स्थानीय नवाचार और जन-क्षमता के विकास को नई गति देगा तथा विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा। समापन सत्र में डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन, प्रभावी नीति-क्रियान्वयन, नेतृत्व विकास तथा लोक प्रशासन के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो चिंतन शिविरों में प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रभावी व्यवस्था स्थापित हुई है, वहीं सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराकर नागरिक सेवाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यही इस चिंतन प्रक्रिया की सबसे बड़ी सफलता है कि विचार अब धरातल पर परिणाम के रूप में दिखाई दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय शिविर में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियां, पर्यटन, कृषि समृद्धि तथा विकासपरक राजनीति जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, जनसेवा तथा नैतिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संवेदनशील और मूल्य-आधारित नेतृत्व ही प्रभावी एवं जनोन्मुखी सुशासन की आधारशिला है। 'इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़' विषय पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन तथा डेटा-आधारित प्रशासन की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। साथ ही डिजिटल समावेशन, नवाचार, रोजगार सृजन और सेवा वितरण में छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों का भी उल्लेख किया। 'कृषि से समृद्धि' विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार संपर्क पर आधारित कृषि मॉडल प्रस्तुत किए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।  चिंतन शिविर में  मंत्रिगणों ने समूह आधारित विचार-मंथन के माध्यम से विभिन्न सुझावों पर विस्तार से चर्चा कर विकसित छत्तीसगढ़ की संभावना को मूर्त रूप देने हेतु विचार किया। दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 ने सुशासन, नेतृत्व विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, कृषि, पर्यटन तथा विकासपरक राजनीति जैसे विविध विषयों पर राज्य सरकार के दीर्घकालिक विज़न को नई दिशा प्रदान की। विशेषज्ञों के अनुभव, मंत्रिपरिषद के मंथन और प्रशासनिक नेतृत्व के सामूहिक विचारों से प्राप्त सुझाव आने वाले समय में राज्य की नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यक्रमों का आधार बनेंगे। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में यह चिंतन शिविर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

ग्रामीणों को अब 125 दिन रोजगार की गारंटी, बिहार को मिला ₹1,663.56 करोड़ का फंड

पटना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAMG) के तहत केंद्र सरकार ने बिहार के लिए 1,663.56 करोड़ रुपये की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी कर दी है। यह राशि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य को पूर्व में स्वीकृत 6,715.83 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट का हिस्सा है। रविवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी जानकारी दी। तीन माह के ल‍िए है यह राश‍ि बैठक में बिहार ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, केंद्र से जारी यह राशि अगले तीन माह की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराई गई है। राज्य सरकार इसमें अपना अंश जोड़कर पंचायतों में विकास योजनाओं को गति देगी। इससे विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ अकुशल श्रमिकों को समय पर रोजगार और मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि VB-G RAMG योजना में पूर्व की मनरेगा की तुलना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पात्र अकुशल श्रमिकों को 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। बेरोजगारी भत्‍ते का भी है प्रावधान वहीं, यदि काम मांगने के बावजूद निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है। योजना के तहत पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के वित्तपोषण की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब विकास कार्यों पर होने वाले कुल खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष राशि केंद्र देगा। ग्रामीण विकास विभाग का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त निवेश से ग्राम पंचायतों में आधारभूत ढांचे का विकास तेज होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

रविवार को 10,167 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 67.3 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने दी प्रवेश परीक्षा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। योजना के प्रति बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में पंजीकृत 10,167 अभ्यर्थियों में से 6,844 छात्र-छात्राओं ने रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। यानी करीब 67.3 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज हुई, जो योजना के प्रति युवाओं के बढ़ते भरोसे और उत्साह को दर्शाती है। 18 मंडलों के 29 केंद्रों पर हुई परीक्षा समाज कल्याण विभाग की ओर से 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के 18 मंडलों के मंडलीय जनपदों में बनाए गए 29 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न आवासीय कोचिंग सेंटरों में प्रवेश दिया जाएगा। नियमित कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होंगी, जबकि शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक संचालित किया जाएगा। 865 अभ्यर्थियों को मिलेगी निशुल्क आवासीय सुविधा प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग सेंटरों में कुल 865 चयनित छात्र-छात्राओं को निशुल्क आवासीय सुविधा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इनमें 25 प्रतिशत सीटें ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने लेटरल एंट्री के तहत प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। चयनित छात्रों को रहने, खाने, पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। गरीब और मेधावी युवाओं के लिए बनी बड़ी राहत योगी सरकार की यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। निजी कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये खर्च होने के कारण कई मेधावी छात्र तैयारी से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल गरीब और होनहार युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन रही है। प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ेगी वंचित वर्ग की भागीदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा के सपनों में बाधा न बने। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन मिलने से अब वंचित वर्ग के युवाओं की प्रशासनिक सेवाओं में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इससे समाज में सकारात्मक बदलाव को भी नई दिशा मिलेगी। योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे यूपीएससी और यूपीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें। संजीव सिंह, निदेशक, समाज कल्याण विभाग