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मध्य प्रदेश में बारिश का दौर तेज, 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; कल भोपाल-ग्वालियर-उज्जैन पहुंचेगा सिस्टम

जबलपुर
मौसम का मिजाज आज से फिर बदल सकता है। वर्तमान में एक साथ अलग-अलग स्थानों बारिश करने वाली प्रणालियां मजबूती के साथ सक्रिय है। जिससे आगामी 24 से 48 घंटे के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
मंगलवार को मौसम सामान्य रहा

आसमान पर बादलों की आवाजाही बनी रही कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई। वातावरण में हल्की नमी रही। मानसून सीजन में अब तक 617.8 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि गत वर्ष आज के दिन तक बारिश का आंकड़ा 1022.5 मिमी तक पहुंच गया था। बहरहाल मंगलवार को मौसम सामान्य रहा।

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेज बारिश के दौर में है। पूर्वी हिस्से में सक्रिय मजबूत मानसूनी तंत्र के कारण जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। सतना और चित्रकूट में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए। बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। सतना और चित्रकूट में अगले दो दिन भी भारी बारिश का अलर्ट है।

अगले दो दिन तक सतना, चित्रकूट में भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में हालात सुधरने की संभावना कम है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।

विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

आज 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी गिरने का अनुमान है।विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

कल से भोपाल समेत पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा असर
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से एक द्रोणिका गुजर रही है, जबकि ऊपर मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय है। इन तीनों मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर बना हुआ है। अगले तीन दिन में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है। 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश जारी रहेगी। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश बढ़ेगी। 3 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़कर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग को प्रभावित करेगा।4 और 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में इसका असर ज्यादा रहने की संभावना है। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज से भारी बारिश हो सकती है।

बांधों में 70% तक पानी, बड़ा तालाब फुल होने के करीब
लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर बांधों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई बांधों में जलस्तर 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई बांधों में अभी स्थिति उतनी बेहतर नहीं है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट खाली है। तालाब के भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

प्रदेश में अब तक 27.8 इंच बारिश
मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक 707.1 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 31.2 इंच के मुकाबले अभी करीब 3.1 इंच कमी है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में कमी 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 16 प्रतिशत है। 

40 जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे
पूर्वी हिस्से के कई जिलों में 2 से 55 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इनमें बालाघाट, छतरपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिले शामिल हैं। पश्चिमी हिस्से में भी आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके उलट अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश हुई है।

जून की कमी अब तक पूरी नहीं हुई
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से कई दिन सूखे रहे। जुलाई के आखिरी सप्ताह और अगस्त में फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुए और बारिश ने जोर पकड़ा। जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन में अभी भी 11 प्रतिशत बारिश कम है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।

 

 

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