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किसानों के समर्थन में पहुंचे रेशम अनमोल, महिलाओं के पैर दबाए और लंगर सेवा की; तीसरे दिन भी मोर्चा जारी

चंडीगढ़
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सेक्टर-48 के पास संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से लगाया गया पक्का मोर्चा आज तीसरे दिन भी जारी है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों से किसानों और मजदूर जत्थेबंदियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल भी मोर्चे में पहुंचे। उन्होंने लंगर सेवा में हिस्सा लिया। गायक ने लंगर सेवा कर रही महिलाओं के पैर दबाए। मोर्चे में बुधवार को पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। आज 11 बजे मंच से किसान नेता संबोधित करेंगे।

सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है
इससे पहले किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि देश का 70 से 80 प्रतिशत अनाज पैदा करने वाला अन्नदाता आज अपने हक और इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। यह सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

अमेरिका से एग्रीमेंट हुआ तो चक्का जाम की चेतावनी
राजेवाल ने किसानों से अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल किसान ही नहीं, बल्कि हर वर्ग मौजूदा सरकारों से परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अमेरिका के साथ किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई एग्रीमेंट करती है तो किसान पूरे देश में चक्का जाम करेंगे और रेल यातायात भी रोकेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर गौर नहीं किया तो सेक्टर-48 के पास लगाया गया पक्का मोर्चा आगे भी बढ़ाया जा सकता है। राजेवाल ने कहा कि किसान यहां पहुंच चुके हैं और अब अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे।

सड़क की दूसरी साइड भी खड़ी की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
जगतपुरा से चंडीगढ़ के सेक्टर-48 तक जाने वाली सड़क के एक तरफ किसानों ने मोर्चा लगाया हुआ है, जबकि दूसरी तरफ से ट्रैफिक चल रहा है। कल बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने के कारण किसानों ने इन्हें सड़क के किनारे और उपलब्ध जगहों पर खड़ा कर दिया। किसान नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या और बढ़ी तो ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

दूर-दराज से पहुंचे किसानों में उत्साह
पंजाब के दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे किसानों में आंदोलन को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। मानसा से पहुंचे किसानों ने कहा कि जब दिल्ली में लंबे समय तक मोर्चा लगाकर मांगें मनवाई जा सकती हैं तो यहां भी वे अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे। किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

बिजली-पानी और सुविधाएं नहीं देने पर नाराजगी
मोर्चे के मंच से किसान नेताओं ने किसानों के लिए बिजली, पानी, मोबाइल टॉयलेट और रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने का विरोध किया। वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान किसानों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

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