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सीएम डॉ. यादव की अपील- मानसून सक्रिय रहने तक रहें बेहद सावधान, सुरक्षा को दें प्राथमिकता

मानसून सक्रिय रहने तक रहें बेहद सावधान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी न रहें
बाढ़ प्रभावितों को तत्काल दें खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर वर्षाजनित परिस्थितियों की ली जानकारी
राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव निरीक्षण किया
बीते एक माह में 2783 लोगों का किया गया है रेस्क्यू

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अतिवृष्टि की वजह से कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। कठिनाई की इस घड़ी में शासन, प्रशासन, तहसील का हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। किसी भी नागरिक को संकट में अकेला न छोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड, फील्ड अधिकारी, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसीज प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सजग रहें, सर्तक रहें, सावधान रहें और किसी भी परिस्थिति को हैंडल करने के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को होमगार्ड कार्यालय के एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बात की और सभी से उनके जिलों में वर्षा की स्थिति की जानकारी लेकर समीक्षा बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ का पानी घरों तक आ गया है तो प्रभावितों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचायें और सभी प्रभावितों को तत्काल खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराएं। साथ ही इन्हें शासन की ओर से नियमानुसार राहत राशि भी दिलायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के जरिए ही प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलायें जा रहे रेस्क्यू का लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अतिवृष्टि के कारण उपजी परिस्थतियों पर सीधे पुलिस अधीक्षकों, होमगार्ड और बचाव दल के अधिकारियों से बात की। बताया गया कि पन्ना की किलकिला नदी में आई बाढ़ के कारण यहां स्टेट डिसेस्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स (एसडीईआरएफ) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी होमगार्ड सुप्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी इंटेलीजेंस अंशुमन यादव, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, एसडीईआरएफ के स्टेट हेड सहित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जिलों में बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों, प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात टीमों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करे तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत एवं बचाव पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

जिलों के अधिकारियों को वीसी से निर्देश देने के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि प्रदेश में कमोबेश पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर बना हुआ है। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। इसके मद्देनजर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। बीते एक माह में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। फिलहाल अगले दो-चार दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं। हमारी इन्हीं तैयारियों का ही परिणाम है कि अब तक प्रदेश में जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस बल एवं राहत दलों ने भी पूरी दक्षता और मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। आगामी दिनों में बारिश की आशंका को देखते हुए हम लगातार सतर्क हैं और व्यवस्थाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आज प्रदेश में बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रदेशवासियों के जान-माल-मवेशियों की सुरक्षा कायम रखी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सबसे संवाद कर अपनी तैयारियों को और बेहतर कर लिया है।

 

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