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चीता प्रोजेक्ट में बड़ा कदम, कूनो से गांधीसागर जाएगी एक और मादा चीता; निर्वा या वीरा में से होगा चयन

श्योपुर
 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन और भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर मध्य प्रदेश में चीतों को लेकर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। 17 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क से एक मादा चीता को गांधीसागर राष्ट्रीय अभयारण्य में शिफ्ट किए जाने की योजना पर विचार चल रहा है। हालांकि, शिफ्टिंग का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुमति के बाद ही लिया जाएगा।

अभी यह भी तय नहीं हुआ है कि कूनो से किस मादा चीता को गांधीसागर भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, निर्वा और वीरा में से किसी एक को गांधीसागर भेजने पर विचार किया जा रहा है। चीता परियोजना से जुड़े अधिकारी चाहते हैं कि कूनो की तर्ज पर गांधीसागर में भी चीतों की संख्या बढ़े और वहां सफलतापूर्वक वंशवृद्धि का सिलसिला आगे बढ़े।

चार साल पहले कूनो में हुई थी चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत
17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इसके बाद चीता पुनर्वास परियोजना के दूसरे चरण में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते भारत लाए गए। कूनो में चीतों की संख्या बढ़ने के साथ उनके लिए दूसरे सुरक्षित रहवास की जरूरत महसूस हुई, जिसके बाद गांधीसागर राष्ट्रीय अभयारण्य को दूसरे घर के रूप में विकसित किया गया।

पहले दो नर, फिर धीरा को भेजा गया गांधीसागर
गांधीसागर में चीतों की आबादी बसाने की दिशा में 20 अप्रैल 2025 को कूनो से दो नर चीतों को यहां शिफ्ट किया गया था। इसके बाद वंशवृद्धि की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए 17 सितंबर 2025 को मादा चीता धीरा को गांधीसागर लाया गया।

अब परियोजना के तहत एक और मादा चीता को गांधीसागर भेजने की तैयारी है। इससे यहां नर और मादा चीतों का संतुलित समूह तैयार करने तथा भविष्य में वंशवृद्धि को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

अनुमति का इंतजार
वन्यजीव विभाग की पीसीसीएफ डॉ. समीता राजौरा ने बताया कि मादा चीता की शिफ्टिंग को लेकर योजना है। मुख्यमंत्री की अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई और किस मादा चीता को गांधीसागर भेजा जाना है, इसका अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 

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