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‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से संवर रहा महिलाओं का जीवन, मिट्टी के दीयों में झलक रहा स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का सपना।

रायपुर

मिट्टी को आकार देती उंगलियां, आंखों में आत्मनिर्भरता का सपना और मन में सेवा का संकल्प महासमुंद जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रही हैं। उनके हाथों से आकार ले रहा हर दीया सिर्फ मिट्टी का दीपक नहीं, बल्कि संकल्प, स्वावलंबन और आभार की रोशनी का प्रतीक बन रहा है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने जिले की समूह की महिलाओं के जीवन में भी खुशियों का उजाला किया है। दीयों के मिले बड़े ऑर्डर ने महिलाओं को दीपावली से पहले ही दीपावली मनाने का अवसर दे दिया है।

लड्डू गोपाल समूह को मिला 37 हजार दीयों का ऑर्डर
महासमुंद जिले के लड्डू गोपाल स्व-सहायता समूह की दीदियों को 37 हजार दीये बनाने का ऑर्डर मिला है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्लस्टरों में भी बड़ी संख्या में दीयों के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। खल्लारी क्लस्टर को 8 हजार, खम्हरिया को 7 हजार, कोमाखान को 10 हजार और तेंदुकोना को 9 हजार दीयों का ऑर्डर मिला है। एक दीये की कीमत 1 रुपये निर्धारित है। महिलाओं के लिए यह सिर्फ आय का माध्यम नहीं, बल्कि अपने हुनर को पहचान दिलाने और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का अवसर भी है।

हमारे हाथों का दीया बनेगा आभार का संदेश
समूह की अध्यक्ष भोज बाई चक्रधारी ने भावुक होकर बताया कि हम मिट्टी से दीये बनाते हैं, लेकिन इस बार इन दीयों के साथ हमारे मन की भावनाएं भी जुड़ी हैं। हमारे हाथों से बने ये दीये जब जलेंगे, तो यह हमारे लिए गर्व और खुशी की बात होगी। हमें दीपावली से पहले ही दीपावली मनाने का अवसर मिल रहा है। मेहनत का ऑर्डर मिला है, आमदनी का रास्ता खुला है और हमारे बनाए दीये सेवा एवं संकल्प की इस भावना को आगे बढ़ाएंगे।
साथ ही रमा चक्रधारी, गायत्री सिन्हा, योगेश्वरी दीवान, कविता दीवान, सुनीता सिन्हा का कहना है कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे ये दीये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और सेवा-संकल्प की भावना का संदेश लेकर रोशनी फैलाएंगे। उनके लिए यह केवल दीया बनाना नहीं, बल्कि अपने श्रम और हुनर के माध्यम से एक बड़े सामाजिक आयोजन में सहभागी बनने का अवसर है।

17 सितंबर को महासमुंद में जलेगा 6 लाख ‘आशीर्वाद का दीया‘
उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को शाम महासमुंद जिले में 6 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित किए जाएंगे। मंदिरों, चौक-चौराहों, ग्राम पंचायतों, पीडीएस भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ घर-घर दीया जलाने का आह्वान किया गया है। इन लाखों दीयों की रोशनी में उन महिलाओं के श्रम की चमक भी शामिल होगी, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इन्हें अपने हाथों से आकार दिया है।

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