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दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान, प्रयागराज समेत इन स्टेशनों पर रुकेगी; जानें रूट-टाइमिंग

नई दिल्ली

भारतीय रेलवे दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की योजना बना रही है। यह हाई स्पीड ट्रेन दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी जो कि प्रयागराज और कानपुर से होकर गुजरेगी। इस बात की संभावना है कि दीवाली से पहले इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। इसका ट्रायल इसी महीने शुरू होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन वाराणसी कैंट से रात 9:20 बजे चलेगी और रात 10:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। यह कानपुर सेंट्रल से रात 12:35 बजे पहुंचेगी और सुबह 5 बजे नई दिल्ली।

वापसी की यात्रा में यह नई दिल्ली से रात 9:20 बजे चलेगी और सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस ट्रेन की स्पीड 130 किमी/घंटा से 160 किमी/घंटा के बीच होने की उम्मीद है। इसकी वजह से दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

इस नई चमचमाती ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। वहीं, इसमें 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें 11 AC थ्री-टियर कोच, चार AC टू-टियर कोच और एक फर्स्ट AC कोच शामिल होंगे। ट्रेन में वंदे भारत सर्विस वाली आधुनिक सुविधाएं होंगी।

आपको बता दें कि हावड़ा-कामाख्या रूट के बाद भारतीय रेलवे की योजना के अनुसार यह दूसरी स्लीपर वंदे भारत सर्विस होगी। रेलवे बोर्ड ने अभी तक ट्रेन नंबर, किराया और सर्विस शुरू होने की तारीख की घोषणा नहीं की है।

पुतिन ने वंदे भारत के स्लीपर ट्रेनसेट का मॉडल देखा

आपको बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेल का एक सफल मॉडल है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत मंडपम में आयोजित 'इन्नोप्रोम' प्रदर्शनी में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के स्टॉल का दौरा किया और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट का मॉडल देखा। आरवीएनएल और रूसी कंपनी ट्रांसमैशहोल्डिंग (टीएमएच) ने मिलकर 'किनेट रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड' नाम का एक भारत-रूस संयुक्त उपक्रम बनाया है। यह कंपनी महाराष्ट्र में अपनी मराठवाड़ा फैक्टरी में 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाएगी, जिनमें से हर एक में 16 डिब्बे होंगे।

भविष्य में 160 किमी की रफ्तार से चलेगी ट्रेन
शुरुआती चरण में इस हाई तकनीक ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तय की गई है। अमर उजाला की खबर के अनुसार, मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भविष्य में इसकी रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा की जाएगी। इस आधुनिक ट्रेन का ठहराव सफर के दौरान प्रयागराज के अलावा कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर भी होगा। ट्रेन की प्राइमरी मेंटेनेंस की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे संभालेगा।

वाराणसी और नई दिल्ली से रात 9.20 बजे चले ट्रेन
वाराणसी और नई दिल्ली से इसे रात 9:20 बजे चलाया जा सकता है। दोनों ही स्टेशनों पर पहुंचने का समय भी सुबह पांच बजे प्रस्तावित है।

16 कोच की ट्रेन में 823 यात्री करेंगे सफर
यह ट्रेन 16 कोच की होगी, जिसमें में 823 यात्री कर सफर सकेंगे। इसमें एसी थर्ड टियर के 11, एसी सेकंड टियर के चार और फर्स्ट एसी का एक कोच रहेगा। क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) एनसीआर के सदस्य सांसद प्रवीण पटेल का कहना है इससे यात्रियों का सफर और ज्यादा आरामदायक हो जाएगा।

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