samacharsecretary.com

JPSC भर्ती में गड़बड़ी का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, सरकार बोली- नियुक्ति का अधिकार पक्का नहीं

रांची
11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा (JPSC) में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इस मामले में सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. सरकार ने कहा है कि जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनसे परीक्षा प्रणाली के दूषित होने की बात सामने आती है. सरकार का कहना है कि पैसे लेकर बेची गई परीक्षा के आधार पर नियुक्त लोगों को पद पर नहीं रखा जा सकता.

धोखाधड़ी से संबंधित कानूनी सिद्धांत
सरकार ने कहा है कि सफल अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र मिल जाने के बाद भी पद पर बने रहने का पक्का अधिकार नहीं मिल जाता. परीक्षा के विज्ञापन के नियम 16(6) के अनुसार परीक्षा में सफल होना या नियुक्ति पत्र प्राप्त करना किसी अभ्यर्थी को पद पर बने रहने का पूरा अधिकार नहीं देता. हलफनामे में सरकार ने धोखाधड़ी से संबंधित कानूनी सिद्धांत का भी उल्लेख किया है. सरकार ने कहा कि अगर धोखाधड़ी साबित होती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है, जिसका मतलब है कि गंभीर गड़बड़ी या धोखाधड़ी पाए जाने पर नियुक्तियों को रद्द किया जा सकता है. सरकार ने कहा कि प्रशासनिक सेवा राज्य की रीढ़ है. 79 याचिकाकर्ताओं के निजी हितों की तुलना में राज्य की प्रशासनिक सेवाओं की पवित्रता/ईमानदारी और लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों के अधिकार ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियुक्ति रद्द
इसी कानूनी आधार पर, सरकार ने उन नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला किया है जिनके खिलाफ याचिका दायर की गई है. यह हलफनामा 11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा की नियुक्तियों को रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका के जवाब में दिया गया है. सरकार ने याचिकाकर्ताओं के दावों को खारिज करते हुए जांच में सामने आए तथ्यों को आधार बनाया है.

28 गिरफ्तार, 265 सफल अभ्यर्थियों को नोटिस
जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की सीआईडी जांच जारी है. सीआईडी ने अब तक 28 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं परीक्षा में सफल 265 अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा रही है. यह गिरफ्तारियां और नोटिस दिखाते हैं कि परीक्षा में कितनी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी, और यह भी बताते हैं कि जांच कितनी गहराई से चल रही है. जांच में परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी आईसीएन के संचालक से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं. सीआईडी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों को कोलकाता, बिहार और नेपाल ले जाकर उत्तर रटवाये गए थे. ऐसे 28 अभ्यर्थियों में से 10 का चयन हुआ है. अब चयनित अभ्यर्थियों की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जांच की जा रही है.

सरकार का तर्क
सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि परीक्षा में सफल होना या नियुक्ति पत्र मिलना अपने आप में पद पर बने रहने का पक्का अधिकार नहीं देता. यदि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी या धोखाधड़ी साबित होती है, तो ऐसी प्रक्रिया के आधार पर हुई नियुक्तियों को बनाए रखना संभव नहीं है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here