samacharsecretary.com

अब WhatsApp पर आएगा ई-चालान, QR कोड से घर बैठे भर सकेंगे जुर्माना

शामली
ई-चालान एप्लीकेशन के नए वर्जन नेक्स्ट जेन 2.0 में हेलमेट नहीं लगाने पर पीछे बैठी सवारी का चालान काटने के साथ ही कई विकल्प जोड़े गए हैं। अब वाहन स्वामी को चालान भरने के लिए किसी कार्यालय नहीं जाना होगा। वाहन स्वामी के वाट्सएप नंबर पर चालान के साथ ही क्यूआर कोड भी भेजा जाएगा। इस पर जुर्माना राशि का भुगतान किया जा सकेगा।

ई-चालान एप्लीकेशन अपडेशन के चलते प्रदेश में तीन दिन तक एक भी वाहन का ई-चालान नहीं काटा जा सका। सोमवार शाम से एप्लीकेशन का नया वर्जन चार दिन के ट्रायल के साथ शुरू हो गया है। शुक्रवार सुबह से ही ई-चालान एप्लीकेशन बंद हो गई थी।

आमतौर पर मेरठ और आसपास के जिलों में यातायात पुलिस और थानों की पुलिस रोजाना औसतन करीब 500 वाहनों के चालान काटकर कार्रवाई करती थी, लेकिन पिछले तीन दिनों से एप्लीकेशन न चलने के कारण चालान प्रक्रिया पूरी तरह शून्य पर आ टिकी है।

बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि नेक्स्ट जेन 2.0 एप का नया वर्जन अपलोड किया गया है। अभी तक आनलाइन माध्यम से होने वाले चालान पुराने साफ्टवेयर पर आधारित थे। अब सरकार ने उसे अपडेट करके नेक्स्ट जेन 2.0 के नाम से लांच किया है। मेरठ के एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि नए अपडेट वर्जन का सोमवार शाम से चार दिन का ट्रायल शुरू हो गया है।

इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। इसमें चालान के साथ ही वाहन स्वामी के वाट्सएप नंबर पर क्यूआर कोड भी आएगा। क्यूआर कोड के माध्यम से चालान राशि जमा की जा सकेगी। वाहन स्वामी को किसी भी कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। पहली एप्लीकेशन में पीछे बैठी बिना हेलमेट की सवारी का चालान काटने का विकल्प नहीं था।

नए वर्जन में यह विकल्प जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही शराब पीकर गाड़ी चलाने और माडिफाई साइलेंसर का चालान काटने का भी नया विकल्प शामिल किया गया है। मेरठ में सोमवार को 80 चालान काटे गए, जिनमें आठ हेलमेट न लगाने पर पीछे बैठी सवारियों के शामिल हैं।

 

Leave a Comment

₹2.75 करोड़ बैनर और आयोजनों पर खर्च करने के बजाय कॉलेजों की हालत सुधारने में लगाए सरकार साथ ही छात्रों को प्रमाण पत्र की नहीं बल्कि संस्थान से बहार निकलने के बाद रोजगार की जरूरत है.

Read More »
हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here