ग्रेटर नोएडा
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का प्रतीक बन गया है। देश-विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक मंच मिलने से उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेड शो का समापन दरअसल प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए अवसरों की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाएं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति दे रही हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए प्रोत्साहन नीतियों से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के रूप में स्थापित करने में मदद मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में भी प्रदेश लगातार टॉप एचीवर' के रूप में सामने आया है।
उन्होंने कहा कि सीएम योगी के प्रयास से यहां की योजनाएं रोल मॉडल बन गई हैं। आज दुनिया में योगी के कानून के मॉडल की चर्चा होती है। पिछले नौ वर्षों में झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में डिफेंस कॉरिडोर से रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत लाखों युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिया गया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है। भूपेंद्र चौधरी ने ट्रेड शो में शामिल पार्टनर देशों वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस के प्रतिनिधियों, देश-विदेश से आए बिजनेस लीडरों, उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया।
यूपीआईटीएस बना यूपी के हुनर को ग्लोबल बाजार तक पहुंचाने का मंच : नंदी
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 प्रदेश की नई आर्थिक पहचान का उत्सव है। चार साल पहले शुरू हुआ यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को घरेलू बाजार से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस बार ट्रेड शो में 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी बायर्स ने हिस्सा लिया। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए। इससे उत्तर प्रदेश की कारोबारी संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस में बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी समेत प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल को ग्लोबल बनाने के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल वातावरण से उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका है। यूपीआईटीएस इस योगदान को और विस्तार देने का मजबूत मंच बन रहा है





