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गांधी जयंती पर राज्यपाल पटेल बोले- उच्च आदर्शों को जीवन में उतारने का दिन

गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल पटेल सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल
गांधी भवन न्यास की प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत

भोपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्चादर्शों को अपने आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म प्रार्थना सभा में गाए जाने वाले भजनों के संदेश का प्रतिदिन चिंतन करें और उन्हें जीवन में उतारने का प्रयास करें। यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल की प्रेरणा पर उपस्थित जनों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया।

राज्यपाल पटेल शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं के साथ समूह चित्र में सहभागिता की।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। जीवन में जो अच्छा है, उसे आचरण में उतारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यसन और नशे से मुक्त जीवन आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने, उसकी देखभाल करने तथा जल और विद्युत संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर के प्रसंग में 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधी जयंती और विश्व अहिंसा दिवस पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा भारत की उस महान परंपरा की कड़ी है, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव का भाव है। भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता गांधी को पढ़ने के साथ उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ संत कवि नरसिंह मेहता की रचना है, जिसमें परोपकार, करुणा, सत्य, समानता, विनम्रता और निष्काम सेवा जैसे जीवन-मूल्य समाहित हैं। भजन मनुष्य को लोभ, मोह, काम, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सभी का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है।

‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

राज्यपाल पटेल ने गांधी भवन न्यास, भोपाल द्वारा महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों और स्वयं सेवकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, महात्मा गांधी के प्रिय भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रार्थना सभा के पहले महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल को न्यास के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, सुनलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। प्रारंभ में गांधी भवन न्यास के पदाधिकारियों ने राज्यपाल पटेल का स्वागत किया। सचिव अंकित मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने आभार व्यक्त किया।   

 

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