जमशेदपुर
यूरोपीय आयोग ने टाटा संस के नियंत्रण वाली कंपनी टाटा ऑटो कॉम्प सिस्टम्स और जर्मनी की दिग्गज रोबर्ट बॉश के बीच भारत में प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम को औपचारिक मंजूरी दे दी है। दोनों कंपनियां मिलकर भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए उन्नत इलेक्ट्रिक एक्सल और इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मोटर का निर्माण करेंगी।
ईवी क्रांति को गति देगा नया उपक्रम
यूरोपीय आयोग ने विलय नियमों के तहत जांच के बाद पाया कि इस साझेदारी से यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र में बाजार प्रतिस्पर्धा पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, इसलिए इसे सरलीकृत समीक्षा प्रक्रिया के तहत मंजूरी प्रदान की गई। इस नए उपक्रम में दोनों कंपनियों की पचास-पचास प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। इसका मुख्यालय पुणे में स्थापित किया जा रहा है।
रोबर्ट बॉश की वैश्विक इलेक्ट्रिक पावरट्रेन तकनीक और टाटा ऑटो कॉम्प के व्यापक घरेलू आपूर्ति नेटवर्क का यह संगम भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों की स्थानीय उपलब्धता को तेजी से बढ़ाएगा।
जमशेदपुर प्लांट को मिलेगा सीधा फायदा
लौहनगरी जमशेदपुर के लिए यह वैश्विक साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स का प्लांट देश में भारी व मध्यम वाणिज्यिक वाहनों के निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र है। कंपनी यहां से इलेक्ट्रिक ट्रकों और अत्याधुनिक बसों के उत्पादन को बड़े पैमाने पर विस्तार दे रही है।
अब तक इलेक्ट्रिक एक्सल और आधुनिक ड्राइवट्रेन जैसे जटिल कलपुर्जों के लिए काफी हद तक वैश्विक आयात पर निर्भर रहना पड़ता था। देश के भीतर ही इन प्रमुख कलपुर्जों के निर्माण से कलपुर्जों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और आयात पर निर्भरता खत्म होगी।
घरेलू स्तर पर घटेंगी लागत
जमशेदपुर में तैयार होने वाले टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल वाहनों को अब विश्व स्तरीय तकनीक बेहद किफायती दरों पर मिल सकेगी। इससे वाहनों की कुल उत्पादन लागत घटेगी और बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, इस बड़े तकनीकी बदलाव से जमशेदपुर और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की सहायक ऑटो इकाइयों के लिए भी आपूर्ति के नए अवसर खुलेंगे।





