samacharsecretary.com

योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, बाजरा का MSP ₹125 बढ़ा; जानें मक्का-ज्वार के नए रेट

लखनऊ
 योगी आदित्यनाथ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष के लिए मक्का, बाजरा और ज्वार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है। इन्हें 31 दिसंबर तक खरीदने के लिए 455 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। किसानों को धान बेचने के 48 घंटे के अंदर भुगतान किया जाएगा। इस प्रस्ताव को शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पास किया गया।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने मोटे अनाज की क्रय नीति को मंजूरी दी गई। सरकार ने पिछले वर्ष से 10 रुपये बढ़ाकर मक्का का समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। बाजरा का समर्थन मूल्य 2775 से बढ़ाकर 2900 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा के मूल्य में 125 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

हाइब्रिड ज्वार का समर्थन मूल्य 324 रुपये बढ़ाकर 4023 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। ज्वार की मालदांडी किस्म का समर्थन मूल्य 4073 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा। कैबिनेट ने मक्का के लिए 25 जिलों में 75 केंद्र खोल 15 हजार टन खरीदने का लक्ष्य रखा है। 33 जिलों में 300 केंद्र खोल 2.20 लाख टन बाजरा खरीदने का लक्ष्य है। 13 जिलों के 80 केंद्रों के माध्यम से 50 हजार टन ज्वार खरीदा जाएगा।

अनाज खरीद का भुगतान किसानों को आधार से जुड़े और एनपीसीआइ से मैप्ड बैंक खाते में किया जाएगा। किसानों को आनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। क्रय केंद्रों पर ई-पाप मशीन से बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद कंप्यूटराइज्ड खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर अनाज खरीदा जाएगा।

धान क्रय का कार्यक्रम घोषित
योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने 15 अक्टूबर से वेस्ट यूपी में धान की खरीद को मंजूरी दी है। प्रदेश में 15 अक्टूबर से 15 फरवरी तक धान खरीद होगी। एक नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद होगी, जोकि 28 फरवरी तक होगी। सरकार ने 65 लाख मिट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियां निर्धारित की गई हैं जोकि 4500 क्रय केंद्रों पर खरीद करेंगी। सरकार ने PCF, PCU, UPSS, मंडी परिषद, FPO, FPC, NCCF और नैफेड को खरीद की जिम्मेदारी दी है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here